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Saturday, May 18, 2019

नियोजित शिक्षकों को समान काम समान वेतन मामले में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला न्यायपूर्ण नहीं

अंचल प्राथमिक शिक्षक संघ, परिहार की बैठक अध्यक्ष राशिद फ़हमी की अध्यक्षता में म0वि0,परिहार में हुई । अंचल मंत्री नंद किशोर मंडल ने कहा कि नियोजित शिक्षकों को समान काम समान वेतन मामले में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला न्यायपूर्ण नहीं है, वहीं राम विभीषण पासवान ने इस संबंध में संघ की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने का प्रस्ताव दिया साथ ही पवित्र पर्व रमज़ान के अवसर पर सभी कोटि के शिक्षकों का वेतन भुगतान अविलंब करने की मांग की गई ।यह भी निर्णय लिया गया कि एक महीने के अन्दर सदस्यता शुल्क जमा कर संघ का चुनाव करा लिया जाय। बैठक में लक्ष्मी ना0 गुप्ता,विजय कुमार, मो0 शमीम अंसारी, अकरम जमाली, सीताराम ठाकुर, सालिम अनवर,महेश सिंह, रेयाज अहमद, विनय विहारी, रणधीर कुमार, हैदर अली अंसारी, उमा शंकर, जमाले मुस्तफा, राम नगीना बैठा, वृज बिहारी प्रसाद व अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

Friday, May 17, 2019

मौलाना मंज़ूर अहसन अजाज़ी :- जंग ए आज़ादी का एक अज़ीम रहनुमा


मौलाना मंज़ूर अहसन अजाज़ी :- जंग ए आज़ादी का एक अज़ीम रहनुमा

मौलाना मंज़ुर अहसन अजाज़ी हिन्दुस्तान के उन चुनिंदा लोगों में से हैं जिन्होने ना सिर्फ़ मुल्क की आज़ादी के लिए जद्दोजेहद किया बल्के मुल्क के आज़ाद हो जाने के बाद भी बहुत बड़ी क़ुर्बानीयां दीं।

ज़िला मुज़फ़्फ़रपुर बिहार के शकारा थाना के डिहुली में 1898 में पैदा हुए मंज़ुर अहसन अजाज़ी के वालिद का नाम मौलवी हफ़ीज़उद्दीन हुसैन और वलिदा का बीबी महफ़ुज़उन्नीसां था, दादा हाजी इमाम बख़्श एक ज़मीनदार थे, और नाना रेयासत हुसैन सीतामढ़ी के एक क़द्दावर वकील थे।

इबतदाई तालीम जिसमे मज़हब की तालीम भी है घर पर ही हुई, फिर मदरसा ए इमदादिया दरभंगा से तालीम हासिल की, फिर मौलाना मंज़ुर अहसन अजाज़ी नार्थ ब्रुक ज़िला स्कुल दरभंगा मे दाख़िला लिया जहां से उन्हे अंग्रेज़ों का विरोध करने के वजह कर छोटे भाई मग़फ़ुर अहमद अजाज़ी के साथ स्कुल से निकाल दिया गया, ये 1913 का दौर था जब महज़ 15 साल की उम्र में इऩ्होने अंग्रेज़ मुख़ालिफ़ तहरीक में हिस्सा लिया।

मौलाना मंज़ुर अहसन अजाज़ी ने क़ौमप्रस्ती अपने वालिद हफ़ीज़ हुसैन से सीखी जो एक तरफ़ क़द्दावर ज़मींनदार थे तो दुसरी जानिब कट्टर अंग्रेज़ मुख़ालिफ़.. अपने लोंगो की हर तरह से हिफ़ाज़त वो अंग्रेज़ो से करते थे जिस वजह कर अपने अवाम मे बहुत ही मक़बुल थे।

1917 में गांधी की तहरीक से जुड़ने चम्पारण गए और साथ ही रौलेट एैक्ट के विरोध में आगे आगे रहे।

1919 में ख़िलाफ़त तहरीक के समर्थन में पुसा शुगरकेन रिसर्च इंस्टिचुट की जमी जमाई नौकरी छोड़ दी और खुल कर तहरीक ए आज़ादी में हिस्सा लेने लगे, इसी दौरान अजाज़ी साहेब अली बेरादरान के नज़दीक आए और इनके साथ मौलाना आज़ाद सुबहानी, अब्दुल मजीद दरयाबादी जैसे क़़द्दावर नेताओं से भी उनके तालुक़ात अच्छे हो गए।

1920 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में हिस्सा लिया जिसमें ख़िलाफ़त और असहयोग तहरीक के समर्थन में रिज़ुलुशन पास हुआ।

1920 में ही ऑल इंडिया ख़िलाफ़त कमिटी के स्क्रेट्री चुने गए और 1924 तक इस पद पर रहे,वोह मरक़ज़ी ख़िलाफ़त कमिटी के अहम स्तुन थे, अली बेराद्रान के साथ मिल कर ख़िलाफ़त कमिटी के क़याम मे नुमाया किरदार अदा किया।

1921 के दिसम्बर में पहली बार करांची ट्रायल के तहत जब अली बेराद्रान (शौकत अली और मुहम्मद अली), जगत गुरन शंकराचार्य वग़ैरा गिरफ़्तार हुए तो मौलाना मंज़ुर अहसन अजाज़ी बिहार के पहले कांग्रेसी थे जिन्हे इस धारा के तहत गिरफ़्तार किया गया, इस दौरान वो बक्सर, मुज़फ़्फ़रपुर, हज़ारीबाग़ सहीत कई जेलों में कई माह क़ैद रहे।

1922 में जेल से छुटते ही दिसम्बर में कांग्रेस के गया अधिवेशन में हिस्सा लेने जा पहुंचे, रेलवे स्टेशन पर ख़ुद गांधी जी और शौकत अली उनके स्वागत को पहुंचे थे।

1923 में बिहार प्रादेश कांग्रेस कमिटी के जवाईंट स्क्रेट्री चुने गए और इसी साल इन्होने पुर्णिया में बिहार पॉलिटिकल कांफ़्रेंस का आयोजन किया।

1930 में खुल कर नमक सत्याग्रह में हिस्सा लेने की वजह कर इन पर बंदिश लगा दी गई और गिरफ़्तार कर लिये गए, तक़रीबन 8 माह क़ैद रहे।

1940 में अपने छोटे भाई मग़फुर अहमद अजाज़ी की तरह मुस्लिम लीग की लाहौर रिज़्युलुशन का खुला विरोध किया।

1941 में 30 नवम्बर को आम जन के समर्थन में ख़ुद ही एक सत्याग्रह की क़यादत मुज़फ़्फ़रपुर में की, जिसकी वजह आप गिरफ़्तार कर लिये गए।

1942 में मुज़फ़्फ़रपुर लोकल बोर्ड के चेयरमैन चुने गए।

1942 में मुम्बई के उस इजिलास मे मौजुद थे जिसमें गांधी जी की क़यादत में युसुफ़ जाफ़र मेहर अली ने “अंग्रेज़ो भारत छोड़ो” का मारा दिया और अगस्त की क्रातिं शुरु हुई।

1942 के भारत छोड़ो तहरीक में आगे आगे रहे और पुरे बिहार का दौरा किया और अगस्त की क्रातिं को आम जन तक पहुंचाया, इसके बाद एक बार फिर गिरफ़्तार कर जेल भेज दिये गए, जहां ये चार सालो तक क़ैद रहे।

1947 में मुस्लिम लीग के उम्मीदवार के ख़िलाफ़ कांग्रेस के उम्मीदवार की हैसियत से पहली बिहार पॉलिटिकल सफ़र्र कॉन्फ़्रंस के चेयरमैन पंडित नेहरु की सदारत में चुने गए।

अलीपुर, अागरा क़िला जेल, बक्सर, मुज़फ़्फ़रपुर, गया, बांकीपुर, हज़ारीबाग़, मोतिहारी कैम्प जेल सहीत हिन्दुस्तान की कई जेलों में अपनी ज़िन्दगी के 13 साल गुज़ार दिये।

1957 में फ़तेहपुर बिहार से कांग्रेस के टिकच पर विधायक चुने गए और ये वो सीट थी जहां से कांग्रेस पहले कभी कामयाब नही हुई थी, 1962 तर इस पद पर बने रहे, और अवाम की भरपुर सेवा की और यहां तक कि अवाम की ख़ातिर अपने जानशीं को क़ुर्बान कर डाला पर कभी हिम्मत नही हारी, हमेशा मज़लुमों का साथ दिया और ज़ालिमों का मुक़ाबला किया।

17 मई 1969 को ये मर्द ए मुजाहिद 72 साल की उम्र में पटना में इंतक़ाल कर गया, जिनकी नमाज़ ए जनाज़ा अंजुमन इस्लामिया हॉल पटना में हुई और पीर मुहानी क़ब्रिस्तान में दफ़न कर दिया गया।

Md Umar Ashraf

Wednesday, May 15, 2019

जिला में 40-50 km/hrs की रफ्तार से तेज आंधी,वज्रपात के साथ वर्षा की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार आज  दिनांक 15-05-19 को अभी 06:15 pm से अगले 2-3 घंटे के दौरान जिला में 40-50 km/hrs की रफ्तार से तेज आंधी,वज्रपात के साथ वर्षा की संभावना है।अतः सभी से अनुरोध है कि पूर्णतः सचेत रहे और जान माल की किसी भी क्षति पर आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित की जाए। किसी भी सहायता के लिए जिला आपात कालीन सहायता केंद्र को  फोन-06226 250316 पर तत्क्षण सूचित करें।
सादर,
प्रभारी ,
आपदा प्रबंधन।

सीतामढ़ी के परिहार प्रखण्ड का लाल मोहम्मद आमिर बना अपने स्कूल का टॉपर


सीतामढ़ी ज़िला के परिहार प्रखण्ड ग्राम:-परसण्डी निवासी मोहम्मद इलियास के पुत्र मोहम्मद आमिर ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दिल्ली से 10th की परीक्षा 90.2 प्रतिशत से पास कर अपने स्कूल और सीतामढ़ी का नाम रौशन कर दिया है।मोहम्मद आमिर ने 10th की परीक्षा में सम्मिलित अपने सभी साथियों में सबसे अधिक नम्बर लाकर अपने स्कूल " शफ़ीक़ मेमोरियल सीनियर सेकण्डरी स्कूल बारा हिन्दू राव दिल्ली का टॉपर बन गया है।

Friday, May 03, 2019

دین اسلام کا تقاضا

*دین اسلام کا تقاضا*

از : مفکر اسلام حضرت مولانا سید ابو الحسن علی ندوی

"یہ کوئی وسوسہ اندازی نہیں، ہم وہم کے شکار نہیں، بلکہ یہ ہمارے دین کا تقاضا ہے کہ ہم دنیا میں کسی جگہ بھی رہیں، ہمارے وسائل کچھ بھی ہوں، ہماری سیاسی حیثیت جیسی بھی ہو، ہمارا فرض ہے کہ ہم وہ میدان محفوظ کرلیں جس میں دینی زندگی گذارنے، جس میں اپنے مذہب اور تہذیب کے مطابق جاگنے، چلنے پھرنے، اور مذہبی احکام پر عمل کرنے، اور ان کو باقی رکھنے کی آزادی ہو، صرف یہ کافی نہیں کہ فراغت کے ساتھ دو وقت، تین وقت کا کھانا ملتا رہے، امن وچین کی زندگی گذار سکتے ہوں، بلکہ یہ بھی ضروری ہے کہ امر بالمعروف اور نہی عن المنکر کا فریضہ انجام دے سکتے ہوں، اور اپنے دین و تہذیب کے قیام وبقا کی ضمانت حاصل کر سکتے ہوں."
(دینی تعلیمی تحریک اور اس کی ضرورت واہمیت: ١٢)

Thursday, May 02, 2019

جاگ جائیے۔۔۔۔ اب بھی وقت ہے

جاگ جائیے۔۔۔۔ اب بھی وقت ہے!
ایم ودود ساجد

کیا آپ نے گزشتہ روز مغربی بنگال میں وزیراعظم نریندرمودی کی انتخابی تقریر سنی؟  اگر نہیں سنی تو ضرور سنئے۔۔۔ فی الواقع یہ تقریر نہیں ایک کھلی' خطرناک اور مجرمانہ دھمکی ہے۔۔۔ یہ دھمکی صرف مغربی بنگال کی وزیراعلیٰ ممتا بنرجی کو نہیں ہے۔۔۔ یہ دھمکی اس ملک کے ہر اس فرد کو ہے جو شرپسندوں ' غنڈوں اور قاتلوں کی بالا دستی کے خلاف ہے۔۔۔

وزیراعظم نے ممتا بنرجی کو للکارتے ہوئے کہا کہ تمہارے 40 ممبران اسمبلی میرے رابطہ میں ہیں ۔۔۔ انہوں نے انتہائی عامیانہ لہجہ اختیار کرتے ہوئے یہ بھی کہا: دیدی 23 مئی کے بعد ہر طرف کمل کھلے گا۔۔۔ اب تمہارا بچنا مشکل ہے دیدی۔۔۔!

کلکتہ کے انگریزی روزنامہ "دی ٹیلی گراف" کے میگھ دیپ بھٹاچاریہ اور سندیپ چودھری نے وزیراعظم سے سوال کیا ہے کہ آپ خود کو ملک کا چوکیدار کہتے ہیں' یہ بتائیے کہ آپ نے "خرید وفروخت کے خواہش مند ان 40 ممبران اسمبلی کے خلاف کارروائی کیوں نہیں کی اور کیوں اس اطلاع کو انتخابی جلسہ تک چھپائے رکھا۔۔۔؟ 40 کی بات تو چھوڑئے اگر صرف ایک ایم ایل اے نے بھی آپ سے رابطہ کیا تھا تو آپ کو اس کے خلاف کارروائی کرنی چاہئے تھی۔۔۔ یہ کھلی بدعنوانی ہے اور آپ نے ترنمول کانگریس کے ممکنہ وفاکُش ممبران کو 23 مئی کے بعد کھلی بدعنوانی کی دعوت دیدی ہے۔۔۔۔

۔۔۔۔۔۔ میں وزیر اعظم کی اس سیاسی دھمکی کو اِس سے بھی آگے بڑھ کر دیکھتا ہوں ۔۔۔ مجھے اِس دھمکی کے مخاطَب میں ممتا کے علاوہ مسلمانوں' ایماندار افسروں اور عدالت کے منصفوں کا چہرہ بھی نظر آرہا ہے۔۔۔ ان پانچ برسوں میں جو کچھ ہوا وہ کچھ کم نہیں ہے۔۔۔ لیکن اگلے پانچ برسوں میں جو کچھ کرنے کا اِن شرپسندوں کا عزم ہے وہ انتہائی خوفناک ہے۔۔۔

دورانِ الیکشن کی جانے والی امت شاہ' نریندرمودی' گری راج اور انہی جیسوں کی تقریروں کا تجزیہ کیجئے تو تصویر یہ بنتی ہے:

2019- 1 کے بعد کوئی الیکشن نہیں ہوگا۔

2- کسی عدالت کو حکومت کے عزائم کے خلاف فیصلہ کرنے کی ہمت نہیں ہوگی۔

3- مسلمانوں کے شہری' سیاسی اور مذہبی حقوق آئین کے نہیں بلکہ حکومت کے رحم وکرم پر ہوں گے۔۔

4- اور امریکہ کے دوجماعتی نظام سے بھی آگے بڑھ کر صرف یک جماعتی بلکہ یک نفری سیاسی نظام ہوگا۔۔

اپوزیشن ابھی پوری طرح متحد نہیں ہے۔۔۔ وہ ابھی محدود سیاسی مفادات کے حصار سے باہر نہیں نکل سکی ہے۔۔۔ کہیں کانگریس کا قصور ہے تو کہیں بعض علاقائی جماعتوں کا بھی قصور ہے۔۔۔ اس کشاکش میں مسلمان چکی کے دو پاٹوں کے درمیان پِس کر رہ گیا ہے۔۔۔ یہ جماعتیں اپنا وجود بچانے کی فکر میں مسلمانوں کا نام لینے سے بھی ڈر رہی ہیں ۔۔۔ لہذا ہمیں اپنی شہری' سیاسی' معاشرتی اور مذہبی شناخت کے تحفظ کے لئے خود ہی اقدام کرنا ہوگا۔۔۔

الیکشن کے چار مرحلے مکمل ہوگئے ہیں ۔۔۔ حتمی طور پر نہیں معلوم کہ مسلمانوں نے مجموعی طورپر کیا رویہ اختیار کیا۔۔۔ لیکن اندازہ یہی ہے کہ اپوزيشن جماعتوں کی کشاکش کے سبب وہ بھی کچھ بکھرے بکھرے سے رہے۔۔۔ اب بھی وقت ہے۔۔۔ اب بھی تدارک کا کچھ سامان کیا جاسکتا ہے۔۔۔ وزیراعظم کی مذکورہ دھمکی کو سامنے رکھئے اور خاموشی سے کوئی فیصلہ کیجئے۔۔۔

اب اِس فلسفیانہ سوال پر توانائی ضائع کرنے کا موقع نہیں ہے کہ کیا سیکولرزم کو بچانے کی ذمہ داری صرف مسلمانوں کی ہی ہے۔۔۔اب خیرِ امّت کے تقاضوں کو پورا کرنے کے لئے میدانِ عمل میں آنے کی ضرورت ہے۔۔۔ حقیقی معنوں میں سیکولرزم اب کم وبیش کسی سیاسی جماعت کی ضرورت نہیں رہ گیا ہے۔۔۔ لیکن مجازی معنی میں ہی سہی مسلمانوں کی سب سے بڑی ضرورت اب بھی سیکولرزم ہی ہے۔۔۔

एन डी ए प्रत्यासी को हराने का संकल्प

साक्षर भारत के कार्यमुक्त क्रन्तिकारी प्रेरक समन्वयक साथियो!
    केंद्र की जनविरोधी मोदी सरकार ने 31 मार्च 18 के बाद साक्षर भारत का अवधि विस्तार रोक दिया जिसके कारण बिहार सरकार ने बिहार के 19000 प्रेरक समन्वयको को अमानवीय असंवैधानिक तरीका से कार्यमुक्त  कर दिया जिसके कारण इन कर्मियो के परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति उतपन्न हो गई है।
    अखिल भारतीय स्टार पर मिरनी लिया गया है कि लोक सभा चुनाव में प्रेरक समन्वयक विरोधी मोदी सरकार के विरोध में मतदान करना है तथा भाजपा समर्थित NDA प्रत्याशी को हराना है
      राष्ट्रिय स्तर पर निर्णय के आलोक में 6 अप्रैल 19 को पटना में आयोजित सभी संघो के संयुक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि  जिला स्तर पर सभी साथी सङ्कल्प के साथ लोक सभा में NDA प्रत्याशी के विरोध में मतदान करेंगे
   राज्य स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में साक्षर भारत के सभी कार्यमुक्त पीड़ित प्रेरक समन्वयक वन्धुओ से सादर अपील है कि इस प्रकार छत्तीसगढ़ राजस्थान मध्यप्रदेश विधान सभा में सक्षता कर्मियो ने भाजपा को धुल चटाने का काम किया है में बिहार में भी लोकसभा चुनाव में भाजपा समर्थित NDA प्रत्याशी के विरोध में सक्षम निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को वोट देकर भाजपा को धुल चटाकर अपमान का बदला लेंगे।
   प्रेरक समन्वयक एकता जिंदाबाद।
   नागेन्द्र कुमार पासवान
  मुख्य कार्यक्रम समन्वयक
साक्षर भारत सीतामढ़ी

Wednesday, May 01, 2019

संविदा कर्मियों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है :- नागेन्द्र कुमार पासवान

अखिल भारतीय साक्षर भारत मिशन कर्मी महासंघ /राज्य साक्षरता संयुक्त संघर्ष मोर्चा एवम् भारतीय मजदूर संघ सीतामढ़ी के संयुक्त तत्वावधान में बसबरिया चौक  सीतामढ़ी में  आयोजित मजदूर दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय साक्षर भारत मिशन कर्मी महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक सह भारतीय मजदूर संघ के जिला सन्गठन मंत्री साक्षर भारत मिशन सीतामढ़ी के मुख्य कार्यक्रम समन्वयक श्री नागेन्द्र कुमार पासवान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि  सभी संविदाकर्मी आशा मध्यहं भोजन के रसोईया आंगनबाड़ी सेविका सहायिका विकास मित्र आवास सहायक ग्राम पंचायत सचिव न्याय मित्र के साथ सरकार सौतेलापन व्यबहार करती है।
   अत्यंत महत्वपूर्ण प्रौढ़ साक्षरता कार्यक्रम बन्द कर साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के तहत कार्यरत 6.5 लाख कर्मियो की सेवा अमानवीय तरीका से समाप्त कर केंद्र की भाजपा सरकार ने जघन्य अपराध किया है।
  आज नियोजित शिक्षक को  वाजिव मजदूरी वेतन के लिए सर्वोच्च न्यायालय का चककर लाना पद रहा है। आज जन विरोधी मोदी की सरकार में सर्वत्र अराजकता व्याप्त है आम लोग शोषण व् अत्याचार से त्राहिमाम है बेरोजगारी व् मंगाई चरम सीमा पर है। सरकार के प्रति असन्तोष व् आक्रोश व्याप्त का।
     श्रमिक नेता रामबाबू सह ने कहा कि आज किसान विरोधी निति के कारण समर्थन मूल्य नहीं मिलने के कारण आज देश का किशान आत्महत्या करने को  विवस है।
     साक्षरता कर्मी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रामपुकार ठाकुर ने आरोप लगाते हुए कहा की सरकार की जन विरोधी शिक्षा निति के कारण देश की शिक्षा ब्यवस्था बाद से बदतर है।
  लर्यक्रम को अरुण कुमार  विजय कुमार रामबाबू सिह अनिल राम मो अंतिम  दीपमाला कुमारी ने संबोधित किया।

आवश्यक सूचना

1. इंटरमीडिएट (2019-21)  में एडमिशन के लिए नामांकन की प्रक्रिया आज से शुरू होगी 27 अप्रैल से 11 मई के बीच होगा ऑनलाईन आवेदन।।_
*आवेदन शुल्क:-300 रुपये।*
*वेबसाइट:- Www.ofssbihar.in*

_2. स्नातक प्रथम खंड (2019-22) में नामांकन की प्रक्रिया 30 अप्रैल से शुरू होगी एवं 25 मई तक चलेगी।_

_ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सभी छात्रों तक यह सूचना पहुंच जाए।_

संकट में लोकतंत्र विषय पर विचार विमर्श कार्यक्रम आयोजित


लोकतांत्रिक जन पहल बिहार के  तत्वावधान में संविधान बचाओ देश  बचाओ अभियान के तहत 30 अप्रैल 2019 को प्रेस क्लब सीतामढ़ी के सभागार में " संकट में लोक तन्त्र" विषय पर विमर्श कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य कमिटी की कंचन बाला मणिपाल नागेंद्रस कुमार पासवान विन्देश्वर महतो ने संयुक्त रूप से किया
     कार्यक्रम का सञ्चालन साक्षर भारत मिशन सीतामढ़ी के मुख्य कार्यक्रम समन्वयक सीतामढ़ी ने किया।
   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमत्ती  कंचन बाल ने विषय प्रवेश कृते हुए कहा कि आज भारत  समाजार्थिक राजनैतिक स्संक्रामण की दौर से गुजर रहा है।वर्तमान की नरेंद्र मोदी के शासनकाल में देश के सभी संवैधानिक स्वायत्तशासी महत्वपूर्ण संस्थाये चाहे वः आर बी आई हो सी बी आई हो ईडी हो चुनाव आयोग हो कार्यपालिका हो विधायिका हो या फिर सर्वोच्च न्यायालय की न्यायपालिका की  स्वतन्त्र कार्यप्रणाली उसकी स्वायत्त को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अतिक्रमण कर संविधान की मर्यादा  के विरुद्ध अमर्यादित  आचरण से उन संस्थाओ के  प्रधान   में असन्तोष आक्रोश व भय व्याप्त है ।वे कम करने में असहज मासूस करते है।या तो वे ऊबकर त्याग पत्र दे देते है या उन्हें झूठे आरोप में फंस दिया जता है या उनको पद से जबरदस्ती हटा दिया जाता है।
    सुनियोजित साजिश के तहत आर एस एस के इशार पर केंद्र की भाजपा नीति NDA की सरकार में बाबा साहब डा भीम राव द्वरा  लिखित  भारत का संविधान लोकतंतR धर्म निरपेक्षता सामाजिक न्याय की बुनियाद पर हमले तेज हुए है।
देश भर में दलितों आदिवासियों महिलाओ अल्पसंख्यको प्रगतिशील समजकर्मियो  रेशनलिस्टो पत्रकारो  बुद्धिजीवियो  को कलंकित करने  उन्हें फर्जी मुकदमो में फ़साने और उनकी हत्या का खड्यंत्र किया जाता रहा है।
आज देश की देश का न्यायपालिका  संविधान एवम् सभी लोकतांत्रिक संस्थाये खतरे में है।
केंद्र की मोदी सरकार हर मोर्चे पर विफल  केवल जुमलेबाज व् झूठा साबित हुआ है। देश में बेरोजगारी महंगाई बढ़ी है समर्थन मूल्य के अभाव में किसान आत्म हत्या कर रहा है।
     दलितों अल्पसंख्यको  की मोब्लिंचिंग के अपराधियो को  भाजपा का  स्मर्थन व् सरक्षण  प्राप्त है।
      भरष्टाचार केमुद्दे पर नितीश और मोदी दोनों का शासन विफल रहा है।
    शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है आज सबका नजीकरण किया जा रहा है।
  देश कारपोरेट माफियाओ के हाथ गिरवी हो गया है  रुपयो का अवमूल्यन उठा है।
   भरष्टाचार में आकण्ठ दुबई मोदी सरकार में  नीरव मोदी विजय माल्या मेहुल चौकसी  सरखे की घोटालेबाज देश को खरबो रुपये लेकर भगा दिया
  आज जरूरत है ऐसे खड्यंत्रकारी जनविरोधी अलोकतांत्रिक  सरकार को देश के नक्शे से मिटाने की जरूरत है
 ऐसे दौर में छात्र नौजवानो शिक्षक शिक्षा विडो बुद्धिजीवियो पत्रकारो  को आगे आना होगा
      कार्यक्रम को प्रोफेसर आनन्द किशोर विन्देश्वर महतो उपेन्द्र सफी संजय  पासवान अमरेंद्र राय जलन्धर राय ओमप्रकाश  विन्देश्वर पासवान पुनीत बैठा
तेज नारायण सिंह मो ए सिद्दीकी  राम किशोर सिंह हरिनारायण पासवान रामपुकार ठाकुर आदि वक्ताओं ने सम्बोधित किया।

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...