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Sunday, December 08, 2019

शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्ति के सात माह पश्चात भी नव प्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन निर्धारण नहीं

परिहार सीतामढ़ी । शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्ति के सात माह पश्चात भी नव प्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन निर्धारण नहीं किये जाने से नव प्रशिक्षित शिक्षकों में मायूसी एवं आक्रोश व्याप्त है।
ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना सीतामढ़ी ने जुलाई 2019 को ही ज्ञापांक 2020 दिनांक 06.072019 निर्गत कर नव प्रशिक्षित शिक्षकों का परीक्षाफल घोषित तिथि से प्रशिक्षित वेतनमान निर्धारित करने का आदेश सभी नियोजन ईकाई को दिया था।
प्रशिक्षित वेतनमान निर्धारण के लिए प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी परिहार द्वारा निम्न सूचना जारी की गई थी ।
""
प्रशिक्षित वेतन निर्धारण Update 
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           नव प्रशिक्षित शिक्षकों को सूचित करना है कि प्रशिक्षित वेतन निर्धारण हेतु निम्न प्रपत्र BRC कार्यालय में जमा करना है।

1. प्रशिक्षण का अंक पत्र 
2. शपथ पत्र
3. नियोजन एवं योगदान।
       इसके अतिरिक्त न कोई प्रमाण पत्र लगाना है , और न ही किसी आवेदन अथवा सूची नाम जोड़ने की आवश्यकता है। ""
नव प्रशिक्षित शिक्षकों ने उक्त सभी अभिलेख प्रखण्ड शिक्षा कार्यालय में समर्पित कर दिया अब बार - बार निम्न सूचना दी जा रही है ।

[28/11, 6:36 PM] Md Hasan: NIOS एवं डायट (Regular mod) से D.EL.ED प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक वेतन निर्धारण हेतु अपना मूल अंक पत्र एवं शपथ पत्र जमा किये हैं,   दिनांक :- 29.11.2019 को अपना Service book BRC से 3:00 बजे से प्राप्त कर लें। 
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         आदेशानुसार
प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी, परिहार
[06/12, 2:54 PM] +91 97711 54415: वेतन निर्धारण हेतु सूचना :--

              NIOS एवं डायट (Regular mod) से D.EL.ED प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक वेतन निर्धारण हेतु अपना मूल अंक पत्र एवं शपथ पत्र जमा किये हैं। BRC में निष्ठा प्रशिक्षण के कारण Fixation Form तैयार करने में कठिनाई हो रही है।   
         सम्बंधित शिक्षक दिनांक :- 07.12.2019 को अपना Service book BRC से 2:00 बजे से प्राप्त कर  fixation Copy के साथ जमा करें। ताकि अग्रेत्तर कार्रवाई की जा सके ।

     
प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी, परिहार ""

         नव प्रशिक्षित शिक्षक परेशान हैं क्या करे और क्या न करें 




Friday, December 06, 2019

कार्यकाल पूरा कर चुके प्रखण्ड बी आर पी संसाधन केन्द्र परिहार को विरमित कर विद्यालय भेजा जाए

प्रखण्ड परिहार सीतामढ़ी में प्रखण्ड संसाधन केन्द्र परिहार में वर्ष 2013 में चार बीर आर पी क्रमशः मोहम्मद हैदर अली अंसारी, कौशलेंद्र कुमार कर्मेंदु ,उमाशंकर और कैसर नोमानी का चयन पाँच वर्ष के लिए किया गया था । बी आर पी कैसर नोमानी का स्थानांतरण 2015 में रुन्नीसैदपुर हो गया वहीं मोहम्मद हैदर अली अंसारी और उमाशंकर का पदोन्नति प्रधानाध्यापक के पद पर वर्ष 2016 में हो जाने से बी आर पी का तीन पद रिक्त हो गया था रिक्त तीन पदों के विरुद्ध दो पदों पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ,सर्व शिक्षा अभियान सीतामढ़ी ने मोहम्मद मारूफ आलम (नियोजित शिक्षक) और मोहम्मद शमीम अंसारी का मनोनयन बी आर पी के पद पर कर दिया ।
BRP का चयन पाँच वर्ष के लिए ही किये जाने का प्रावधान था चयन वर्ष 2013 में हुआ जिस का कार्यकाल 2018 में ही पूर्ण हो चुका है।

कार्यकाल पूर्ण होने के बावजूद BRP से कार्य लिया जा रहा है जबकि कई बार राज्य परियोजना निदेशक बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना ने पत्र निकाल कर कार्यकाल पूर्ण कर चुके BRP को कार्यमुक्त कर मूल विद्यालय में योगदान कराने का आदेश दिया था परन्तु आदेश का अनुपालन अभी तक नहीं हो पाया है।
मोहम्मद नौशाद आलम शिक्षक मध्य विद्यालय मसहा परिहार ने समाहर्ता सीतामढ़ी ,ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान सीतामढ़ी और जिला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी को लिखित आवेदन देकर कार्यकाल पूरा कर चुके BRP को हटाने और नए BRP को योगदान कराने की माँग अगस्त 2019 में ही की थी जिस पर कार्रवाई अभी तक लम्बित है।
मालूम हो कि राज्य परियोजना निदेशक बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना ने पत्रांक 4282 दिनांक 13.08.2018 को नव चयनित BRP की सूची ज़िला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान को भेज कर नव चयनित BRP को योगदान करा पूर्व BRP को विरमित कर मूल पदस्थापित विद्यालय में भेजने का आदेश दिया था साथ ही रिक्ति की सूची संलग्न प्रपत्र के माध्यम से माँग की थी परन्तु सीतामढ़ी ज़िला में नव चयनित BRP का योगदान कराया ही नहीं गया।
          अंकनीय है कि पदोन्नति और स्थानांतरण से हुए रिक्त BRP पदों पर जिन शिक्षकों को मनोनित किया गया वह BRP के वांछित योग्यता को भी पूर्ण नहीं करते हैं। वर्ष 2013 में BRP के पदों पर चयन हेतू स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक ज़िला संवर्ग का होना आवश्यक था परन्तू पदोन्नति से हुए रिक्त पदों पर जिन शिक्षकों को BRP के पद पर मनोनीत किया गया उसमें मोहम्मद शमीम अंसारी स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नहीं हैं तो दूसरी ओर मोहम्मद मारूफ आलम स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक नहीं होने के साथ ही नियोजित शिक्षक हैं फिर भी तमाम नियमों को ताक पर रख गलत तरीके से BRP के पदों पर मनोनीत किया गया। राज्य परियोजना निदेशक बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के निर्गत पत्रांक Quality/ EFE/332/2015 - 2016 दिनांक 18/08/2018 में स्पष्ट उल्लेख है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी, ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी या प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा BRP/CRCC के चयन सम्बंधी मार्गदर्शिका 2017 के प्रतिकुल निकाला गया कोई भी आदेश तत्काल प्रभाव से निष्प्रभावी होगा

Friday, September 06, 2019

वर्तमान शिक्षा प्रणाली को स्थापित करने वाले देश के प्रथम शिक्षा सुधारक हाजी मोहम्मद मोहसिन


वर्तमान शिक्षा प्रणाली को स्थापित करने वाले देश के प्रथम शिक्षा सुधारक हाजी मोहम्मद मोहसिन पर चर्चा:

वंदे मातरम आंनद मठ में एक कविता है, आंनद मठ के लेखक बंकिम चन्र्द चटर्जी हैं, बंकिम चन्द्र चटर्जी ने हुगली मोहसिन कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की थी, हुगली मोहसिन कॉलेज के संस्थापक का नाम है "हाजी मुहम्मद मोहसिन" है। हाजी मुहम्मद मोहसिन की पैदाइश 1732 में हुआ था, हाजी मोहम्मद मोहसिन बंगाल के बड़े परोपकारी (philanthropist) है। उन्होंने 1806 में एक ट्रस्ट बनाया था, उस ट्रस्ट में अपनी कुल संपत्ति एक लाख छप्पन हजार टका के दान के लिए एक वसीयतनामा बनाया था, जिसके आधार पर एक वक़्फ़ बना, अपनी संपत्ति का एक तिहाई शिक्षा और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए दान किया था। शिक्षा के छेत्र में उनका योगदान सबसे बड़ा और सबसे पुराना है। हाजी मोहसिन कॉलेज चिंसुरा, हुगली, पश्चिम बंगाल हो या हाजी मोहसिन कॉलेज खुलना (बंगला देश) यह सब कॉलेज देश के प्रथम स्थापित होने वाले कॉलेज में से है। जब न तो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, न तो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, न तो यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास और न ही यूनिवर्सिटी ऑफ मुम्बई का कोई एक ईंट भी लगा था, और न ही इसपर कोई चर्चा थी। उस से कई साल पहले हाजी मोहम्मद मोहसिन ने 40 एकड़ जमीन सरकार को बी एल कॉलेज खुलना (बंगलादेश) में दिया था। पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित हाजी मोहसिन कॉलेज देश मे बड़े बड़े प्रतिभावों को दिया है।

हाजी मोहम्मद मोहसिन देश के प्रथम शिक्षा सुधारक में से एक अग्रणी शिक्षा सुधारक थे, इनके जीवनी एवं योगदान पर बाद में विस्तार से चर्चा होगी। आज जब शिक्षक दिवस के नाम पर लोग इनके योगदानों को भूल चुके हैं तब मैं आपको इनके योगदान को याद दिला रहा हूँ चुंकी कई स्कूल, कॉलेज के साथ साथ हाजी मोहम्मद मोहसिन के द्वारा स्थापित लाइब्रेरी "मुस्लिम इंस्टिट्यूट" कोलकाता में हमने भी अपने  महत्वपूर्ण तीन चार साल स्टडी में गुजारा है और आज भी हर साल हजारों छात्र छात्रायें मुस्लिम इंस्टीटूट में कोचिंग, लाइब्रेरी में स्टडी, रिफ्रेंस बुक के साथ साथ कई फायदे हासिल कर रहा/रही है।

हाजी मोहम्मद मोहसिन वर्तमान शिक्षा प्रणाली को स्थापित करने वाले देश के पहले शिक्षा सुधारक है जो 29 फरवरी 1812 को इस दुनिया फानी को अलविदा कह कर  चल दिये।

Mustaqim Siddiqui

Thursday, July 25, 2019

डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित सभी लोगो से किया अपील

सीतामढ़ी। ब्रेकिंग- डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित सभी लोगो से अपील किया है कि राहत राशि से संबंधित कोई भी जानकारी लेनी हो,अथवा किसी भी प्रकार की सहायता की जरूरत हो तो जिला नियंत्रण कक्ष के निम्न तीन नम्बरों पर सम्पर्क करें।तो06226-250316, 253-377, 253-378 पर सम्पर्क कर सकते है। डीएम ने बताया कि प्रति दिन संध्या 7 बजे उपरोक्त नम्बरों पर प्राप्त शिकायतों एवम सूचनाओं के अलोक में की गई कार्रवाई की संमीक्षा भी की जाती है।-

बाढ़ की विभीषिका झेल रहे परिहार प्रखण्ड के नियोजित शिक्षकों को दो महीने से वेतन का भुगतान नहीं

परिहार( सीतामढ़ी )। बाढ़ की विभीषिका झेल रहे परिहार प्रखण्ड के नियोजित शिक्षकों को दो महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है और तीसरा महीना खत्म होने को है।
वेतन भुगतान नहीं होने के कारण बाढ़ की विभीषिका झेल रहे परिहार प्रखण्ड के नियोजित शिक्षकों के समक्ष दाने के लाले पड़ गए हैं।उन नियोजित शिक्षकों का तो और बुरा हाल हो चला है जो शिक्षक किराये के मकान में रहते हैं और दूसरे ज़िला के रहने वाले हैं।ज्ञात हो कि मुसलमानों का महान पर्व बकरीद भी निकट ही है मगर वेतन भुगतान की कार्रवाई लम्बित है आखिर वेतन भुगतान नहीं होने में कौन जिम्मेदार है इसको चिन्हित कर कार्रवाई की आवश्यकता है।

Wednesday, July 24, 2019

बाढ़ राहत कार्यो में लापरवाही एवं शिथिलता बरतने वाले सूप्पी एवम परिहार बीडीओ एवम सीओ से डीएम ने पूछा स्पस्टीकरण।

सीतामढ़ी । बाढ़ राहत कार्यो में लापरवाही एवं शिथिलता बरतने वाले सूप्पी एवम परिहार बीडीओ एवम सीओ  से  डीएम ने पूछा स्पस्टीकरण। उप सचिव,सूचना एवम जनसंपर्क विभाग,संजय कृष्ण के परिहार प्रखण्ड के भ्रमण के दौरान यह पाया गया कि आवश्यता के हिसाब से  सामुदायिक रसोई कम है,साथ ही उसकी मोनिटरिंग एवम पंजी संधारण सही ढंग से नही किया जा रहा है।उप सचिव ने यह भी पाया कि आपदा की इस घड़ी में सीओ एवम बीडीओ परिहार का आपस मे समन्वय का घोर अभाव है,जिसका प्रतिकूल असर बाढ़ राहत कार्य पर पड़ रहा है।साथ ही डीएसओ ने भी शिकायत किया है कि सीओ परिहार द्वारा 20 जुलाई को बाढ़ पीड़ितों के लिए तैयार फ़ूड पैकेट लेने से इनकार कर दिया गया था।डीएम ने कहा है कि आपदा की स्थिति में यह कार्य मनमानेपन एवम स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। अंचल अधिकारी एवम बीडीओ सूप्पी को भी  डीएम ने स्पस्टीकरण करते हुए कहा कि आपलोग द्वारा बड़हरवा पंचायत के जमला गाँव मे बाढ़ आने के 9 दिन बीत जाने के बाद भी ना तो प्रखण्ड स्तर से राहत कार्य चलाया गया और न ही बाढ़ पीड़ितों के सुरक्षा का इंतजाम किया गया,जो आपके कर्तव्य के प्रति लापरवाही को उजागर करता है। डीएम ने दोनों सीओ एवं दोनों बीडीओ को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि तीन दिनों के अंदर अपना स्पस्टीकरण समर्पित करें, क्यों नही आपके विरुद प्रपत्र क गठित करते हुए निलंबन की कार्रवाई की जाए।

Saturday, July 20, 2019

Pt.DDU Evening Degree कॉलेज बैरगनिया सीतामढ़ी का नाम  " मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना :- मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना " कॉलेज सूची में दर्ज किया जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

Pt.DDU EVENING Degree कॉलेज बैरगनिया सीतामढ़ी का नाम  " मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना :- मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना " कॉलेज सूची में दर्ज नहीं है जिस कारण उक्त योजना में बालिका आवेदन नहीं दे पा रही है और उक्त योजना के लाभ से वंचित हो रही है।


अतः कॉलेज सूची में उक्त योजनान्तर्गत उक्त कॉलेज का  नाम  दर्ज करने की कृपा करें।

धन्यवाद

मोहम्मद कमरे आलम

सीतामढ़ी

मोबाइल 9199320345

Friday, July 19, 2019

सीतामढ़ी 17 वरीय पदाधिकारियो को 17 प्रखंडों की जबाबदेही

सीतामढ़ी । बाढ़ राहत में 17 वरीय पदाधिकारियो को 17 प्रखंडों की जबाबदेही।कई कोषांगों का गठन। डीएम ने सबकी जबाबदेही तय की।सुबह-शाम डीएम को देगें रिपोर्ट ।

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...