Click here online shopping

Friday, December 02, 2016

नोट बन्दी के 24 दिनों बाद भी आम लोगों की समस्या बरक़रार

नोट बन्दी के 24 दिनों बाद भी आम लोगों की समस्या बरक़रार है।नोट बन्दी का प्रभाव सबसे ज्यादा आम लोगों पर पड़ रहा है आम लोगों को पूरी तरह हिला कर रख दिया है नियत वेतन भोगी कर्मी के चूल्हे ठंढे पड़ने लगे हैं।

 

केंद्र सरकार के द्वारा नोट बन्दी का फैसला सही तो है लेकिन सही व्यवस्था नही होने के कारण आम जनता, खास कर ग़रीबों, दैनिक मज़दूर, नियत वेतन भोगी के जीवन को ज़्यादा बुरी तरह प्रभावित किया है और कर रहा है ऐसे लोगों का तो और बुरा हाल हो गया है जिन लोगों का बैंक खाता सहकारी बैंक और छेत्रीय बैंकों में है, उनको तो जीवन की नैय्या पार लगाना दुश्वार हो गया है।
अपनी मेहनत की कमाई भी बैंक से निकलने में मुशक़्क़त करनी पड़ रही है लोग अपनी राशि निकलने के लिए सुबह होते ही बैंक की लाइनों में खड़े हो जाते हैं उस के बाद भी ये ये तय नहीं है की उन्हें राशि मिल ही जाए।बैंक की लाइनों में आधी आबादी की लाइन भी कम नहीं होती है मगर महिला पुलिस की कोई व्वस्था नही होने के कारण दुर्व्यवहार का शिकार हो रही है पुलिस की बर्बरता, दुर्व्यवहार बैंक की लाइनों में खड़े लोगों को झेलना पड़ रहा है।

MD Qamre Alam Ekdandi parihar sitamarhi

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...