Friday, December 23, 2016

तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवी को शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाए - संघ

कटिहार। बिहार राज्य तालीमी मरकज शिक्षक संघ की जिला इकाई की बैठक हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय प्रांगण में जिलाध्यक्ष मो. मुख्तार आलम की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष मो. अबूजर, प्रदेश महासचिव मो. तारिक अनवर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मो. शमशाद आलम भी मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए संघ के नेताओं ने कहा कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। अगर सरकार तालीमी मरकज शिक्षकों का समायोजन नहीं करते हैं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। सरकार जो वादा किया था जिसमें शिक्षा स्वयं सेवकों, टोला सेवकों आदि का शिक्षक में समायोजन की बात थी, लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर रही है।

Thursday, December 22, 2016

छात्र हैं पर सभी छात्रों को छात्रवृत्ति नही मिलती

नुरानी फातिमा
सीतामढ़ी( बिहार)
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कुछ समय पहले आई खबर के अनुसार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने कहा कि “दिस देश में शिक्षा की पूंजी होती है वह देश तेजी से विकास करता है। उन्होने आगे कहा आज देश में 15 लाख विद्धालय, 38 हजार महाविद्धालय, तथा 700 विश्वविद्धालय संचालित हैं”। स्पष्ट है शिक्षा के आधार पर ही देश तरक्की कर सकता है। जिसे सरल बनाने के लिए छात्रवृत्ति जैसे विकल्प भी उपलब्ध कराएं गए हैं ताकि छात्र शिक्षा से सीधे रुप में जुड़ सके। लेकिन इस संबध मे बात बिहार की कि जाए तो स्थिति कुछ अच्छी दिखाई नही देती।
उदाहरण है पुपरी अनुमंडल क्षेत्र के भिट्टा धरमपूर पंचायत का “उत्क्रमित मध्य विद्धालय कुशैल” जहां छात्रों से बात करने पर पता चला कि बड़ी संख्या मे यहां  छात्र तो हैं पर उनके लिए उचित रुप से छात्रवृत्ति की व्यवस्था नही है।         
इस संबध में जब नौवीं कक्षा की छात्रा मधु कुमारी से बात की तो मधु ने बताया “दो साल से मुझे छात्रवृत्ति नही मिल रही है” हर बार यही सुनते हैं कि अब आएगा, अब आएगा लेकिन आता नही है। वहीं कक्षा 6 की छात्रा पूजा कुमारी का भी ये कहना है “कि हमलोगो को समय पर छात्रवृत्ति नही मिल रहा है बस इंतजार ही कर रहें हैं। 7वीं की छात्रा करिशमा कुमारी ने बताया “जब भी मैडम से छात्रवृत्ति के बारे पूछते हैं तो कहती हैं कि मिल जायेगा”। कक्षा 6 के पंकज कुमार पिता कमेश राय ने कहा “हमलोग को पोशाक का 700 और छात्रवृत्ति 1200 मिलता है। लेकिन हमलोग को आधा पैसा ही दिया जाता है मैडम से पूछते हैं कि बाकी पैसा कब मिलेगा तो कुछ ठिक - ठिक नही बताती”।
छात्रों के साथ साथ अभिभावक भी इस कारण परेशान हैं कुछ अभिभावक ने कहा “हमरा बच्चा चार साल से पढ़े छे, मगर पैसा दो बार ही मिलल है”। इसी संबध में अभिभावक लक्ष्मण महतो ने बताया “कुछ बच्चो को छात्रवृत्ति और पोशाक राशि मिलती है, और कुछ को नही मिलता, समझ मे नही आता इ का बात है”। आंसमा खातून के पिता ने कहा “हमारा बच्चा तीन साल से पढ़ रहा है मगर छात्रवृत्ति एकही बार मिली है”।एक अन्य अभिभावक ने बताया “मेरा बच्चा 4 साल से पढ़ रहा है। मगर पैसा दो बार मिला है”।  कुछ अभिभावको ने ये भी कहा कि “जो बच्चा कभी स्कूल नही जाता उसको भी पैसा मिलता है”। 60 वर्षिय महिला रीता देवी ने बताया “हमहुं कलकीन मैडम के कब मिलबे पैसा त मैडम कहनी कि जब आबत त देब। दो साल भई गईल हमरा बच्चा के कुछियो न मिलल”।
मामले की गंभीरता जानने के लिए जब प्रधानाचार्य मंजु देवी से बात की तो उन्होने साफ शब्दों में बताया “अक्टुबर 2015 से कार्यभार संभाला है और स्कूल की देख रेख कर रही हूँ। अभी छात्रवृत्ति की 50 प्रतिशत राशि बच्चों को दिया जाता है। और 50 प्रतिशत बच्चों के खाते में जाएगा। मेरी तो इच्छा है कि यहां हाई स्कूल भी हो जाए ताकि बच्चो को दूर - दूर पढ़ने के लिए जाना न पड़े। और बच्चों को पूरी सुविधा मिल सके। बाकी सभी बच्चों को छात्रवृत्ति मिल जाए इसके लिए मैं पूरी कोशिश करुंगी। आप चाहें तो प्रखंड शिक्षा अधिकारी से भी बात कर सकती हैं क्योंकि वास्तविक स्थिति से तो वही अवगत कराएंगे”। 
अंततः प्रखंड शिक्षा अधिकारी रघु से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्होनें कोई जानकारी न देते हुए सीधे फोन काट दिया।
आपको बतातें चलें कि पिछले कई दिनों से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी निश्चय यात्रा में बिहार की शिक्षा व्यवस्था को उत्तम से सर्वोत्तम बनाने पर जोर दे चुकें हैं। लेकिन इस विद्धालय और शिक्षा प्रतिनिधियों का रवैया देखकर तो नही लगता कि शिक्षा के क्षेत्र में बिहार सचमुच उत्त्म से सर्वोत्म तक का सफर तय कर पाएगा।
(चरखा फीचर्स)  
Pic1- लेखिका बच्चों से बात करती हुई।
Pic 2- विद्धालय परिसर में बच्चें ।  

Wednesday, December 21, 2016

घर में गरीबी आने के असबाब

घर में गरीबी आने के असबाब ये हैं लिहाज़ा इनको करने से अपने आप को रोकें:-                    
1= गुस्ल खाने में पैशाब करना           
2= टूटी हुई कन्घी से कंगा करना
3= टूटा हूआ सामान इस्तेमाल करना
4= घर में कूडा़ करकट रखना
5= रिश्तेदारो से बदसलूकी करना
6= बांए पैर से पेैजामा पहनना
7= मगरीब ईशा के बीच सोना
8= मेहमान आने पर नाराज होना
9= आमदनी से ज्यादा खचॆ करना
10= दाँत से रोटी काट कर खाना
11= चालीस दिन से ज्यादा जेरे नाफ के बाल रखना
12= दांत से नाखून काटना
13= खडे़ खडे़ पेजामा पहनना
14= औरतो का खडे होकर बाल बांधना
15 = फटे हुए कपड़े जिस्म पर पहनना
16= सुबह सूरज निकलने तक सोना
17= दरख्त के नीचे पैशाब करना
18= बैतुल खला में बाते करना
19= उल्टा सोना
20= कब्रिस्तान में हसना                      21= पीने का पानी रात में खुला रखना
22= रात में सवाली को कुछ ना देना
23= बुरे ख्यालात करना
24= बगैर वजू के कुरआन पड़ना
25= इस्तंजा करते वक्त बाते करना
26= बगैर हाथ धोए खाना शुरू करना
27= अपनी औलाद को कोसना
28= दरवाजे पर बैठना
29= लहसुन प्याज के छीलके जलाना
30= फकीर से रोटी या फिर और कोई चीज खरीदना
31= फुक से चिराग बुझाना
32= बगैर बिस्मिल्लाह पडे़ खाना शुरू करना
33= झूठी कसम खाना
34= जूता चप्पल उल्टा देख कर सीधा नही करना
35= हालात जनाबत मे हजामत करना
36= मकड़ी का जाला घर में रखना
37= रात को झाडू लगाना
38= अन्धेरे में खाना
39= घड़े में मुंह लगाकर पीना
40= कुरआन न पड़ना

हदीस में है कि जो दूसरो का भला करता है । अल्लाह उसका भला करता है।                      
पड़ कर दुसरो को भी सुनाओ
[कुरआन ए पाक के 5 रुकू हर रोज पडने से साल मे 3 कुरआन ए पाक मुकम्मल हो जाती है , जब आप ये मेसेज आगे भेजने लगेंगे तो, शैतान आपको रोकेगा आपके ज़हन मे ख्याल डालेगा की अबी नही बादमे देखेंगे , पर आपने ईस साजीश को नाकाम करना है, इस मेसेज को आगे ईतना फैलाए जीतना आप कुरआन ए पाक  से मोहब्बत करते हो

Tuesday, December 20, 2016

शौचमुक जागरूकता अभियान को लेकर प्रभात फेरी निकला

शौचमुक जागरूकता अभियान को लेकर प्रा○वि○एकडंडी उर्दू कन्या परिहार के प्रधानाध्यापक इफफत आरा बेगम के नेतृत्व में प्रभात फेरी निकला गया जिस में सभी शिक्षक शिक्षिका और छात्र /छात्राओं  ने हिस्सा लिया

Sunday, December 18, 2016

क्या हिंदुस्तान और पाकिस्तान के सम्बन्ध को ठीक नहीं किया जा सकता ?

क्या हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के बाहमी तायल्लुकात को हम्वार नहीं किया जा सकता  ? ये ऐसे सवालात हैं जिस पर हिन्द व पाकिस्तान में  अवामी बहस होनी चाहिए मगर ऐसे मुद्दों पर दोनों ममालिक में बात नही होती, आखिर क्या वज्हें हैं  ? दोनों ममालिक के कायदो को क्या बखूबी अंदाजा है कि अगर रिश्ते हम्वार हो गए तो चुनावी सियासत की बिसात बिखर जाएगी  ?

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...