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Friday, March 31, 2017

कवाब, कोरमा और बिरयानी में उलझा मुसलमान

डॉ अबरार मुल्तानी

अरे मुसलमानों सीएम योगी का जो यह बूचड़खाने बंद करवाने का फैसला है, वह तुम्हारे हक़ में है। क्यों यह दूसरी पार्टी के बहकावे में आकर विरोध कर रहे हो। 500 रूपए किलो का सालन डकार कर जो तुम पसर जाते थे उस पैसे से अब अपने बच्चों को पढ़ाओ, उन्हें काबिल बनाओ, जज, वकील, पत्रकार, डॉक्टर या इंजिनीअर बनाओ। मार्च में किसी अच्छे नए स्कूल में भर्ती करवादो उनकी। गोश्त नहीं खाओगे 5 साल तो मर नहीं जाओगे।

आज यह खबर आई कि टुंडा कवाब की दुकान 105 साल में पहली बार बंद रही। अरे अक़ल के मारों 105 सालों से टुंडे कवाब खाकर तुम कौनसे चाँद पर पहुँच गए थे, या कौनसे दुनिया में तरक्की के झंडे गाड़ दिये तुमने??? टुंडा कवाब न हुए छोटे भीम का लड्डू होगया जिसे खाकर तुममें महाशक्ति आजाती हो जैसे। कुछ आगे बढ़ो, बडा सोचो, कब तक कवाब, बिरयानी, कोरमा और पायों में ही पड़े रहोगें???

कुछ विधवा विलाप कर रहे हैं कि हमारे 45000 कसाई भाईयों की रोज़ी रोटी छीन ली। अरे मूर्खों 8 करोड़ की मुस्लिम आबादी वाले इस सूबे (राज्य) में 45000 की रोज़ी चली भी जाती है और तुम्हारे पैसे बचते हैं तो क्या बुराई है उन्हें दूसरे धंधें शुरू करने के लिए तुम पाव भर गोश्त की क़ीमत सौ सौ रूपया चंदा करलो, 800 करोड़ में इन 45000 के लिए कई राह खुल सकती है।

कुछ वक़्त मिला है सुधरने का तो सुधर जाओ... दूसरों को दोष देना बंद करो और अपने गिरेबान में झांको और देखों तुम्हारी बर्बादी के अफ़साने तुम्ही ने तो लिखे है... काली स्याही से, अब जानवरों का सुर्ख खून कुछ सालों तक मत बहाओ और अपना मुस्तक़बिल सुधारों...अब यह न करने लगना कि सरकार ने गोश्त बंद किया तो तुम मछलियों पर टूट पड़ो और अपने पैसे वहां लूटा कर आजाओ। चलो 3 दिन में जो पैसे बचे हैं न उनसे एक किताब खरीद लाओ रोबर्ट कियोस्की की 'रिच डैड पुअर डैड'...अब यह मत कहने लगना कि हम तो इस अमेरिकी की किताब कभी न पढ़े, किसी मुसलमान राइटर की हो तो बताओ। तुम नहीं सुधरोगे भाई...

बड़ी गौर से सुन रहा था ज़माना दास्तान हमारी
हम ही सो गये कवाब-बिरयानी-कोरमा खाते खाते...

~डॉ अबरार मुल्तानी
   लेखक और चिंतक

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Wednesday, March 29, 2017

नून तेल के तरह खरिदाये जाते हैं बिहार के माननीय

राधाकान्त कुमार
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नून तेल के तरह खरिदाये जाते हैं बिहार के माननीय मुख्यमंत्री ,उपमुख्यमंत्री ,मंत्री ,नौकरशाह ,प्रधान सचिव एवं अन्य वो भी अवैध नियुक्त ,भ्रष्ट ,वित्तीय अपराध एवं अन्य मे संलिप्त भारतीय वन सेवा ,बिहार वन सेवा एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा ।यह फोटो अवैध नियुक्त ,माननीय मुख्यमंत्री ,बिहार  श्री नीतीश कुमार ,तत्कालीन माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ,संबंधित मंत्री गण ,नौकरशाह यथा एस एस वर्मा ,एसके मजुमदार ,दीपक कुमार सिंह ,विवेक कुमार सिंह एवं अन्य के कृपा से प्रोन्नत ,पदस्थापित ,संरक्षित ,पोषित एवं अन्य पदाधिकारी श्री अवधेश कुमार ओझा के घर छापा से संबंधित है ।बता दे कि ओझा तो छोटा बोझा है ।अवैध नियुक्त ,प्रोन्नत और पदस्थापित भ्रष्टाचार ,वित्तीय अपराध ,वन अपराध ,लूट खसोट से धन कुबेर बने श्री मनोज कुमार सिंह ,कुन्दन कुमार ,अभय कुमार द्विवेदी ,एचके राय ,सुनील कुमार सिन्हा ,पतांजली कुमार ,मीहीर कुमार झा ,डीके दास , सुनील कुमार ,सुधीर कुमार कर्ण ,राम कुमार झा एवं अन्य श्री ओझा के तुलना मे कई गुणा बड़ा धनकुबेर एवं बोझा है ।डा एमके शर्मा ,मुरारी जी मिश्रा ,आरसी पाणडे एवं अन्य तो बिना कार्रवाई हुए सेवानिवृत्ति भी हो गये ।ये अपराध के बल पर धनकुबेर बने पर्यावरण एवं वन विभाग ,बिहार के अवैध नियुक्त पदाधिकारियों ने बिहार के माननीय मुख्यमंत्री ,उपमुख्यमंत्री ,मंत्री ,नौकरशाह ,प्रधान सचिव  माननीय मुख्यमंत्री ,बिहार  श्री नीतीश कुमार ,तत्कालीन माननीय उपमुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी ,संबंधित मंत्री गण ,नौकरशाह यथा एस एस वर्मा ,एसके मजुमदार ,दीपक कुमार सिंह ,विवेक कुमार सिंह एवं अन्य को ऐसे खरिद कर मनचाहा कार्रवाई करवाता रहा है जैसे कोई मुफ्त मे मिले चिकन को बनाने वास्ते फुटपाथ के दुकान से चिकन मसाला खरिदता हो ।
मेरे द्वारा बर्षो पूर्व से सीबीआई जांच कराने की मांग की जा रही है पर खरीदाये माननीय मुख्यमंत्री ,उपमुख्यमंत्री ,मंत्री ,नौकरशाह एवं अन्य के कान पर जूं नहीं रेंग रहा है ।
दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है इस राज्य बिहार की और यहाँ की कार्रवाई शैली की ।

Sunday, March 26, 2017

Youtube

http://www.youtube.com/channel/UCXZNq0ghap91ZHpyI60oofw

अक्षर आँचल योजना की हक़ीक़त 02 अक्टूबर 2016 के बाद

अक्षर आँचल योजना की हक़ीक़त 02 अक्टूबर 2016 से पहले जब स्कूल में चलता था बहुत हद तक ठीक कहा जा सकता है मगर 02 अक्टूबर 2016 के बाद महिला साक्षरता केंन्द्र का संचालन विद्यालय से बाहर कर दिया गया यहाँ तक कि बीस बच्चों को भी विद्यालय से बाहर ही ट्यूशन देने का प्रावधान कर टोला सेवक और शिक्षा स्वयं सेवी को पूरी तरह स्कूल से बाहर कर स्थापित व्यवस्था को पूरी तरह तहस नहस कर दिया गया।मौजूदा सरकार की नीतिगत फैसला बिना सोचे समझे और ज़मीनी हक़ीक़त को दरकिनार करते हुए लागू कर दी जाती है जिस का असर स्थापित व्यवस्था पर असर अंदाज़ होता है और जो सफलता मिलनी चाहिए वह सफलता नही मिलती अगर ये कहा जाए कि ज़मीनी हक़ीक़त शून्य हो जाती है तो कोई ग़लत नही होगा।
      मालूम हो कि तालिमी मरकज़ और उत्थान केन्द्र की स्थापना वर्ष 2008 में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के बच्चों और दलित समाज के बच्चों को(06 से10 आयु वर्ग) मुख्य धारा की शिक्षा देकर वर्ग 3 में विद्यालय में नामांकित करने की ग़र्ज़ से बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रमके अन्तर्गत किया गया था जिसको परियोजना परिषद से हटा कर बिहार सरकार ने 10 दिसंबर2012से जन शिक्षा, जन शिक्षा निदेशालय शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन करते हुए तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक और टोला सेवक के ऊपर महिला साक्षरता केन्द्र का अतिरिक्त भार सौंप दिया वहाँ तक तो ठीक था क्योंकि कमज़ोर बच्चों और महिलाओं का उपचारात्मक शिक्षण संबंधित विद्यालयों में ही होता था और ठीक ठाक व्यवस्थित रूप से चल रहा था जिस में स्वयं सेवक और टोला सेवक को कोई परेशानी नहीं होती थी लेकिन 02 अक्टूबर 2016 के बाद स्थापित व्यवस्था को सिरे से नकार दिया गया और बच्चों और महिला का साक्षरता केन्द्र मुहल्लाह में ही किसी के दरवाजे या सामुदायिक भवन में ही चलाने का पत्र निर्गत कर शिक्षा स्वयं सेवक और टोला सेवक को परेशानी में डालते हुए स्थापित व्यवस्था को बर्बाद कर दिया गया
            "" क्योंकि आज किसी भी मुहल्लाह में दरवाज़ा का कॉन्सेप्ट नही है और नही किसी मुहल्लाह मे सामुदायिक भवन ही है। ""

लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के आदेश का अनुपालन सीतामढ़ी ज़िला में नही करते पदाधिकारी

अल हेलाल हॉस्पिटल का उद्धघाटन

घोषित कार्यक्रम के तहत अल-हेलाल हाॅस्पीटल का उद्घाटन दरभंगा शहर के मोहल्ला बीबी पाकर में मशहूर सर्जन डा0 अब्दुल वहाब एवं उन्की पत्नी श्रीमती जरीना खातुन के हाथों बटन दबाकर दिन के 11.30 बजे किया गया। उद्घाटन से पहले कुरआन की तिलावत की गई और कार्यक्रम का समापन्न मौलाना अबु अखतर कासमी की दुआ से हुआ। इस मौके पर डा0 अब्दुल वहाब ने बताया कि शहर में यह दूसरा हास्पीटल है जिसमें सभी आधुनिक सुविधायें उपलब्ध हैं। इलाज कराने वाले मरीजों को हर प्रकार से सुविधायें प्रदान की जायेंगी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में ऐसे हास्पीटल की आवश्यकता थी जिसको मैंने और मेरे लड़के डा0 ए0एन0 आरजु, बहु डा0 हिना आरजु की मदद से पुरा किया गया है। यहाँ गरीब मरीजों की भरपुर मदद की जायगी और कम पैसे में पूरा इलाज किया जायगा। डा0 अब्दुल वहाब ने यह भी बताया कि कल दिनांक-27 मार्च, 2017 को सुबह 10 बजे इस हाॅस्पीटल में मुफत इलाज के साथ साथ दवा दी जायगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे दौड़ में जहाँ महंगाई आसमान को छू रही है ऐसे में बहुत ही कम पैसे में आधुनिक सुविधाओं के साथ इलाज की सुविधा इस हास्पीटल में उपलब्ध कराई जायगी। यह दरभंगा शहर के लिए बड़ी बात है। उन्होंने यह भी कहा कि इस हास्पीटल में 24 घंटे इमरजेन्सी सुविधायें भी मरीजों के लिए रखी गई है। इस हास्पीटल में सभी तरह के डाक्टरों की टीम बनाई गई है ताकि किसी भी बीमारी के मरीजों को कहीं भटकने की जरूरत नहीं पड़े। डाक्टरों की टीम में सर्जन डा0 अब्दुल वहाब, डा0 ए0एन0 आरजु (कन्सलटेन्ट सर्जन), डा0 हिना आरजु (स्त्री रोज्ञ विशेषज्ञ), डा0 ए0एन0 आफाक (कन्सलटेन्ट सर्जन), डा0 मो0 तनवीर, डा0 सना यासमीन (एनेसथेसिया), डा0 मो0 नजीउल्लाह (मेडिसिन एवं कार्डिक), डा0 अंजार अहमद खान (पैथोलाॅजी), डा0 दिलशाद अनवर (आर्थो), डा0 आबिद हुसैन (डेन्टल) आदि की सेवा रखी गई है। इस उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में शहर के लोग उपस्थित हुए जिसमें डा0 अजीरूलहक, अमानुल्लाह खान अल्लन, लड्डन खान, शाहिद अतहर, डा0 इनतखाब आलम, फैज अहमद, तमन्ना, एजाज अहमद, टिंकु, जमील, आजाद, मुन्ना खान, नफीसुलहक रिंकु, डा0 एम0जे0 आदिल, डा0 आरिफ शाहनवाज, डा0 इरशाद आलम, डा0 शमीम खुर्रम, डा0 श्रीमती सुशिला ठाकुर, डा0 अजहर सुलेमान, डा0 अकील सिद्दीकी, मौलाना मेहदी रजा रौशनुल कादरी आदि के नाम शामिल हैं।

Thursday, March 23, 2017

प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर लाठीचार्ज घोर तानाशाही की निशानी है - वंशीधर ब्रजवासी

अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हमारे साथियों पर लाठीचार्ज सरकार की दमनकारी नीति और घोर तानाशाही की निशानी है । हम इस दमनात्मक कार्रवाई की घोर निंदा करते हैं । सरकार को चेताना चाहते हैं कि सरकार समान काम के लिए समान वेतन और पुरानी सेवाशर्त के अधीन हमारी सेवा सामंजित करने की घोषणा अविलम्ब करे अन्यथा उग्र आंदोलन झेलने को तैयार रहे । लोकतंत्र मान - मर्यादा और हया शर्म से चलता है ।लेकिन बिहार सरकार को शर्म नाम की चीज नहीं है । 3 माह में सेवा शर्त बनाने की अधिसूचना के डेढ़ वर्ष बाद भी उसका अनुपालन नहीं हुआ । शिक्षक भूखे हैं ।भूखों के आक्रोश को शांत करने के लिए भोजन की व्यवस्था करनी होती है । डण्डा से उन्हें छेड़ना खतरनाक सिद्ध होगा । बिहार सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने वाली है । हम सभी आंदोलनकारी साथियों के साथ हैं ।स्थिति की नजाकत को देखते हुए सारे शीर्ष नेता हड़ताल की घोषणा करें या जो भी निर्णय लेंगे , परिवर्तनकारी प्रारम्भिक शिक्षक संघ हर परिस्थिति में आपके साथ रहेगा।
     

Daily chingari चिंगारी چنگاری: आन्दोलन कर रहे नियोजित शिक्षकों पर पुलिस ने किया वाटर कैनन का प्रयोग,रोड़े बाज़ी

Daily chingari चिंगारी چنگاری: आन्दोलन कर रहे नियोजित शिक्षकों पर पुलिस ने किया वाटर कैनन का प्रयोग,रोड़े बाज़ी

आन्दोलन कर रहे नियोजित शिक्षकों पर पुलिस ने किया वाटर कैनन का प्रयोग,रोड़े बाज़ी

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के द्वारा पटना के गर्दनीबाग में आन्दोलन कर रहे शिक्षकों के द्वारा गेट तोड़ कर विधानसभा घेराव के लिए गेट तोड़ने पर उतारू शिक्षकों पर सरकार की दमनकारी पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया तथा रोड़ा चलवाया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष पूरण कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए हैं एवं दर्जनों शिक्षक घायल हैं। जिससे शिक्षकों में आक्रोश है।
संघ शिक्षामंत्री से वार्ता का प्रस्ताव को ठुकरा चुका है। राज्य संघ ने वार्ता सिर्फ मुख्यमंत्री से करने की घोषणा कर चुकी है।गेट तोड़ने का प्रयास में सुपौल जिला अध्यक्ष पंकज  को पटना पुलिस ने घायल कर दिया है। उन्हें ईलाज के लिए अस्पताल भेजा गया । स्थिति काफी भयावह है। गर्दनी बाग में लाख से डेर लाख शिक्षक आन्दोलन स्थल पर हैं।
             

2005 में मदरसा बोर्ड पटना से मौलवी परीक्षा पास परीक्षार्थी को नही मिला प्रमाण पत्र

2005 में मदरसा बोर्ड पटना से मौलवी परीक्षा पास परीक्षार्थी को मदरसा बोर्ड से आज तक उत्तीर्णता  प्रमाण पत्र नही मिला है जिस से मौलवी परीक्षा पास कर चुके तालिब इल्म को परेशानियों का सामना करना पर रहा है।मदरसा इस्लामिया अरबिया जमा मस्जिद सीतामढ़ी के क्लर्क का कहना है कि 2005 में मदरसा बोर्ड पटना ने मौलवी परीक्षा का ओरिजिनल प्रमाण पत्र मदरसा को भेजा ही नहीं गया है तो मैं कहाँ से दूँ।
अगर ओरिजिनल सर्टिफिकेट लेना है तो मदरसा बोर्ड पटना ही जाना पड़ेगा अगर पटना नही जाना है तो एक हज़ार रुपये जमा करें मदरसा का आदमी पटना बोर्ड में जा कर बनवा कर ला देगा।मालूम हो कि मदरसा बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरने समय ही मार्क शीट और ओरिजिनल सर्टिफिकेट का फीस जमा करवा लेती है उस के बाद भी मौलवी परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र नही देना छात्रों के साथ धोखा है। मदरसा बोर्ड के चेयरमैन और सेक्रेटरी को संज्ञान लेते हुए 2005 में पास मौलवी इम्तहान पास छात्रों का ओरिजिनल सर्टिफिकेट जारी कर उपलब्ध कराने की कार्रवाई करनी चाहिए।

Tuesday, March 21, 2017

इंसाफ इंडिया ने जारी किया हेल्प लाइन नम्बर

इंसाफ इंडिया ने न्याय मानवता और अधिकार के लिए सामाजिक क्षेत्र में राष्ट्र की सेवा देने के लिए सर्वोत्तम तकनीक और सीआरएम सेवाओं का उपयोग करके अपना स्वयं का कॉल सेंटर स्थापित किया है। 02/04/2017 से यह 24 × 7 कामकाज शुरू कर देगा

हमने उच्च कार्य दबाव और सूचना का उचित उपयोग करते हुए  कॉल सेंटर शुरू करने का निर्णय लिया था। अब हम समय पर जरूरतमंद और पीड़ितों को सामाजिक सहायता एवं सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होंगे। आपके अनुकूल समर्थन के लिए आशा है l

कॉल सेंटर हेल्पलाइन: 7677205206

announce that Insaaf India has setup its own call centre using best technology and CRM services to serve nation in social sector for getting justice and rights. It will start functioning 24×7 from 02/04/2017

We decided to start call centre due to high work pressure and proper managment of information. Now we will be able to provide social support services to the needy and victims on time. Hope for your favourable supports.

Call Centre Helpline : 7677205206

Thursday, March 16, 2017

दलित प्रदीप चौधरी की पुलिस पिटाई के बाद मौत

झारखंड राज्य के कोडरमा जिले के सतगावां थानान्तर्गत टेहरो गांव के दलित प्रदीप चौधरी की पुलिस पिटाई के बाद मौत हो गई। इनकी गलती यह थी कि 13 मार्च को होली के दिन यह अपनी औकाद भूलकर सतगावां थाना के एक चौकीदार को रंग व गुलाल लगा दिया। ये भूल गए थे कि वर्दीधारी और आम जनता में धरती-आसमान का फर्क होता है, फिर वो डीजीपी हो या चौकीदार। रंग व गुलाल एक दलित के हाथों लगते ही मानो चौकीदार की इज्जत ही चली गयी, बस क्या था, साहब थाने से जाकर अपने साथियों को बुला लाए और तबतक पीटते रहे, जब तक अस्पताल में भर्ती लायक नहीं हो गए और अंततः आज प्रदीप चौधरी ने दम तोड़ दिया।

दलित प्रदीप चौधरी की पुलिस पिटाई के बाद मौत

झारखंड राज्य के कोडरमा जिले के सतगावां थानान्तर्गत टेहरो गांव के दलित प्रदीप चौधरी की पुलिस पिटाई के बाद मौत हो गई। इनकी गलती यह थी कि 13 मार्च को होली के दिन यह अपनी औकाद भूलकर सतगावां थाना के एक चौकीदार को रंग व गुलाल लगा दिया। ये भूल गए थे कि वर्दीधारी और आम जनता में धरती-आसमान का फर्क होता है, फिर वो डीजीपी हो या चौकीदार। रंग व गुलाल एक दलित के हाथों लगते ही मानो चौकीदार की इज्जत ही चली गयी, बस क्या था, साहब थाने से जाकर अपने साथियों को बुला लाए और तबतक पीटते रहे, जब तक अस्पताल में भर्ती लायक नहीं हो गए और अंततः आज प्रदीप चौधरी ने दम तोड़ दिया।

Monday, March 13, 2017

वैशाली पुलिस का कारनामा पीड़िता और उसके परिवार को ही हत्या के आरोप में जेल भेज दिया

Mustaqim Siddiqui
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वैशाली (बिहार) में शर्मा मिर्चा गाँव महुआ बाज़ार से 6 किलोमीटर की दूरी पर है, उसी गाँव का मुमताज़ आलम जो 2500 रूपया प्रतिमाह पर महुआ बाज़ार में एक कपड़े की दूकान पर काम करता था, उस गरीब परिवार की एक बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी, दो महीने पूर्व गाँव के कुछ ज़िम्मेदार लोगों ने मुमताज़ आलम को बताया के दूसरे गाँव का एक बहुसंख्य समुदाय का लड़का जो अपराधिक पृष्ठभूमी से है एवं ऑटो चालक भी है उसकी बेटी के चक्कर में उसके घर के पास ऑटो रिक्शा लेकर अक्सर आता जाता है, एक गरीब और मजबूर पिता को यह बात सुन कर बहुत दुख हुआ और दुसरे दिन जब खुद अपनी नजरों से उसने देखा के उसकी बेटी के चक्कर में ऑटो चालक उसके घर के पास ऑटो लाकर खड़ा किया है एवं उसके घर की तरफ टकटकी लगाकर देख रहा है तो गुस्से में उसने ऑटो चालक को अपने घर के पास आने से मना किया और हल्ला हंगामा करके वहाँ से हटने पर मजबूर किया |

दूसरे दिन ऑटो चालक को उसी के समुदाय के लोगों ने आपसी कलह (रंजिश) में हत्या करके मुमताज़ आलम के घर के पीछे 300 फीट की दूरी पर एक झाड़ी में लाकर फेंक दिया, उसके शव को फेकने के आधे घंटे बाद बगल गाँव के लगभग 250 से 300 लोगों ने ऑटो चालक के शव को कंधे पर उठा कर जय श्री राम और जय बजरंगबली का नारा लगाते हुए मुमताज़ आलम के गाँव के मुस्लिम मोहल्ले पर हमला बोल दिया और उसी बीच मुमताज़ आलम की बेटी को श्री राम और बजरंग बली की फौज ने  पकड़ कर सरेआम पूरे गाँव में नंगा घुमाया, सामूहिक रूप से उसके आबरू और इज्ज़त से खिलवाड़ किया |

सुशासन के नाम पर सत्ता पर बैठी नीतीश की संघी मानसिकता वाली पुलिस के सामने पुरे गाँव में एक नाबालिग लड़की को सरेआम नंगा घुमाया जाता रहा लेकिन मदद करने के बजाए महिला पुलिस के आने तक दर्शको के साथ भगवा रंग में रंगी पुलिस दर्शक बनी रही लेकिन हद तो तब हो गई जब बिहार पुलिस ने मुमताज़ आलम एवं उसकी बेटी को सुरक्षा देने के बजाए उन अपराधियों का साथ देते हुए
मुमताज़ आलम, मुमताज़ आलम के छोटे भाई, मुमताज़ आलम की दो बेटियों (जिसमे एक पीड़िता भी शामिल है) को हत्या के आरोप में गिरफतार करके हाजीपुर जेल भेज दिया और आज एक महीने से ज्यादा समय गुज़र जाने के बाद भी इस गाँव में ऐसा भय है कि कोई मुंह खोलने को तैयार नही है, डर और खौफ के कारण पीड़ित परिवार की मदद के लिए कोई आगे आने को तैयार नही |

आज इन्साफ इंडिया की ओर से मुमताज़ आलम से मिलने हाजीपुर जेल हमारे सहयोगी गये थे लेकिन जेल प्रशासन ने मुमताज़ आलम से मिलने नही दिया दोस्तों इन्साफ इंडिया इस मुद्दे को आपके सामने पेश कर आपसे मुमताज़ आलम के परिवार को इन्साफ दिलाने के लिए आवाजें बुलंद करने का अनुरोध कर रही है |

एक गरीब परिवार की लड़की की अस्मत के लुटेरों पर पूरा समाज , समाजिक संगठन , महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, मानवधिकार, जनप्रतिनिधी, पत्रकार , मीडीया संस्थान सभी खामोश हैं, आप से हम अनुरोध करते हैं के आप अपनी चुप्पी तोड़िये, नीतीश सरकार से सवाल पूछिए, मुस्लिम लीडरों से सवाल पूछिए, नीतीश सरकार के कसीदे पढ़ने वाले मुस्लिम उलमा से भी सवाल पूछिए कि जिसके इज्ज़त के साथ खिलवाड़ किया गया है उसे ही अपराधी क्यों बनाया गया है ?

- Mustaqim Siddiqui

रंग

मेहजबीं
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रंग हैं प्यार के....रंग हैं दुलार के
रंग हैं बहार के...रंग हैं फुहार के
रंग में रंगी चुनरिया.. उनके दिदार से
रंग में रंगी ज़िंदगी ... उसके इज़हार से।

रंग ही रंग हैं
इसमें, उसमें, मुझमें, तुझमें, सब में
नज़र में रंग हैं ... जिगर में रंग हैं
बेरंग है ज़िंदगी.... जहाँ नज़र तंग है।

अगर प्यार के संग घुले रंग
सुर्ख़, सब्ज़, ज़र्दी, केसरी, गुलाबी
फिर बने सुबह-ओ-शाम शराबी
रंग की रंगोली..... रंग की बोली
रंगों से बने प्यारी... रंगों से बने रसीली
रंगों से बने न्यारी....रंगों से बने रंगीली  
तेरी होली मेरी होली...हम सबकी होली।

-मेहजबीं

Saturday, March 11, 2017

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2017 में जीतने वाले मुस्लिम विधायकों की सूची

1- महबूब अली /सपा/ अमरोहा
2- अबरार अहमद /सपा/ इसौली
3- मौ रिज़वान /सपा/ कुन्दरकी
4- नाहिद हसन /सपा/ कैराना
5- नफीस अहमद /सपा/ गोपालपुर
6- नसीर खान /सपा/ चमरवा
7- नवाबजान /सपा/ ठाकुरद्वारा
8- तसलीम अहमद /सपा/ नजीबाबाद
9- आलम बदी /सपा/ निज़ामाबाद
10- मौ फहीम /सपा/ बिलारी
11- यासिर शाह /सपा/ मटेरा
12- इकराम कुरेशी /सपा/ मुरादाबाद देहात
13- आज़म खान /सपा/ रामपुर
14- अब्दुल्ला आज़म /सपा/ स्वार
15- मौ रेहान /सपा/ लखनऊ कैंट
16- मौ रमज़ान /सपा/ श्रावस्ती
17- इक़बाल महमूद /सपा/ संभल
18- इरफान सोलंकी /सपा/ सीसामऊ
19- रफीक अंसारी /सपा/ मेरठ
20- सोहेल अखतर /कांग्रेस / कानपुर कैंट
21- मसूद अखतर /कांग्रेस / सहारनपुर देहात
22- असलम चौधरी /बसपा / धौलाना
23- मौ मुजतबा /बसपा / प्रतापपुर
24- मौ असलम /बसपा / भिनगा
25- मुखतार अंसारी /बसपा / मऊ
26- गुड्डू जमाली /बसपा / मुबारक पुर
27- सय्यदा खातून /बसपा / डुमरिया गंज

Note /- सपा-19,  कांग्रेस-2,  बसपा-6

Thursday, March 09, 2017

इंसाफ इन्डिया और मजलिस ए उलमा का एक शिष्ट मंडल नवादा एस पी से मिला

नवादा सामुहिक ब्लातकार के मामले को लेकर इंसाफ इन्डिया और मजलिस ए उलमा का एक प्रतिनिधी मंडल आज एस पी नवादा से हजरत मौलाना नौशाद ज़ुबैर मलिक की अध्यक्षता में मिलकर निम्न बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण माँगा :

1. घटना के 20 दिन गुज़र जाने के बाद भी सभी ब्लातकारियों की गिरफतारी क्यूँ नही हुई ?

2. अकबरपुर थाना प्रभारी द्वारा सामुहिक ब्लातकार को छुपाने एवं मेडिकल जाँच एक सप्ताह के बाद करवाने का षढ़यंत्र रचने के कारण अभी तक बर्खास्तगी क्यूँ नही हुई ?

3. ब्लातकार पीड़िता के भाई और पिता पर झूटा केस करके परेशान क्यूँ किया जा रहा है ?

साथ ही उपर सभी बिंदुओं पर एक मेमोरंडम भी एस पी नवादा को दिया गया l

एस पी नवादा की ओर से कंडिकावार निम्नलिखित उतर दिये गये :

1. जल्द ही सभी ब्लातकारियों को गिरफतार कर लिया जायेगा एवं सभी पर सख्त धारा लगाया गया है l

2. अकबरपुर थाना प्रभारी से नवादा एस पी कार्यलय द्वारा स्पष्टीकरण माँगा गया है और दो दिनों में यदि संतुष्ट स्पष्टीकरण नही आता है तो अकबरपुर थाना प्रभारी पर उचित कारवाई होगी l

3. ब्लातकार पीड़िता के भाई और पिता पर झूटा केस करने के कारण एस पी नवादा ने इंसाफ इन्डिया और मजलिस ए उलमा के प्रतिनिधी मंडल के सामने अकबरपुर थाना प्रभारी को फोन पर कड़ी फटकार लगाई एवं केस खत्म करने का आश्वासन दिया l

दोस्तों यह आपकी , हमारी और हमसब की मेहनत का असर है जो पक्षपात वाली प्रशासन (ब्लातकारियों को धर्म के नाम पर समर्थन वाली प्रशासन) अब थाना प्रभारी पर गाज गिराने के मुड में है , जी वही एस पी आज दबाव में दिखा जो 25/02 को मेरे द्वारा किये गये फोन के जवाब में ब्लातकार की घटना से ही इंकार किया था l

जो भी हो नवादा की ज़मीन गर्मी आने के दस्तक से पहले गर्म हो चुकी है , यदी होली तक कोई उचित कारवाई नही हुई तो नवादा का आंदोलन बिहार का एक इतिहासिक आंदोलन होगा ज़िससे  पुरे बिहार से ब्लातकार मुक्त आंदोलन का डँका बजेगा l

Mustaqim Siddiqui
राष्ट्रीय संयोजक
इंसाफ इन्डिया l

Wednesday, March 08, 2017

ट्रांसक्शन चार्ज के खिलाफ आवाज उठाये

06 अप्रैल 2017 को कृपया बैंक से कोई ट्रांसक्शन ना करे। ताकि बैंक को पब्लिक का पावर पता चल सके। और शायद बैंक चार्जेस हटा दे जो बैंक ने अभी नया लगाया है।
अगर आज एक साथ नहीं आये तो आनेवाले दिनों में बैंक नए चार्जस लगाने से नही डरेगी। पैसा अपना फिर पैसा लेते वक़्त हम किस बात का चार्ज दे? पहले पैसा बैंक में डलवाया फिर निकालने नही दिया और अब पैसे निकालने पे भी चार्ज। अब तो वक़्त आ गया है बैंक को पब्लिक पावर दिखाने का। कृपया 6 अप्रैल को कोई भी ट्रांसक्शन ना करे।  अगर हम सब एक साथ हुए तो बैंको को जुकना ही पड़ेगा।  अगर फिर भी बैंक ना मानी तो 24, 25 ,26 अप्रैल को फिर से पब्लिक पावर दिखाना होगा।

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