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Friday, June 23, 2017

जिला साक्षरता सीतामढ़ी में लाखों रुपये मानदेय राशि का फर्ज़ीवाड़ा कर ग़बन

जिला साक्षरता सीतामढ़ी में लाखों रुपये का फर्ज़ीवाड़ा
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जिला साक्षरता सीतामढ़ी में फ़र्ज़ी 21(इक्कीस) तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी के बैंक खातों में मानदेय राशि हस्तांत्रित कर लाखों रुपये का फर्ज़ीवाड़ा कर ग़बन किया जा रहा है।
मालूम हो कि जिला सीतामढ़ी में जनवरी 2016 में 45 तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी को दो दिवसीय प्रशिक्षण देकर योगदान करवाया गया था और एक तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी को जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सीतामढ़ी के निर्णय के आलोक में 11जुलाई 2016 को योगदान करवाया गया था मगर अब तक इन शिक्षा स्वयं सेवकों को मानदेय राशि का भुगतान नहीं किया गया और वही 21 (इक्कीस) तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवकों को आनन फानन में 29 जुलाई 2016 को योगदान दिखा  कर उन के बैंक खातों में मानदेय राशि भेज कर सरकारी राशि का ग़बन किया जा रहा है।जबकि जानकारों का कहना है कि इन नव नियोजित शिक्षा स्वयं सेवियों के द्वारा संबंधित विद्यालयों में योगदान भी नहीं किया है।

Monday, June 19, 2017

मानदेय राशि/हौसला अफजाई रक़म

मानदेय राशि/हौसला अफजाई रक़म
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बेरोज़गारी से तंग, परिवारों के तानों से परेशान मानदेय मिलने वाले कामों को करने पर मजबूर लोगों को मानदेय /हौसला अफजाई रक़म सरकार के पदाधिकारी देना नही चाहते हैं।मानदेय वाली नौकरी (काम) बेरोज़गार नौजवान मज़बूरी में करते हैं ताकि फ़ाक़ा कशी से तंग आकर खुदकशी न करना न पड़े मगर पदाधिकारी मानदेय राशि/हौशला अफ़ज़ाई रक़म का पेमेंट न कर मानदेय पर काम करने वाले लोगों को आत्महत्या करने पर उत्साहित नही करती है तो क्या कर रही है  ?
सरकार के शक्तिशाली पदों पर बैठे लोगों को ये एहसास नहीं होता है कि भूख प्यास, बेरोज़गारी, परिवार के तानों का तंज़ क्या होता है ? अगर सरकार हौसला अफजाई रक़म भी वक़्त पर नही दे सकती  तो हौसला अफजाई जैसे चलने वाले कार्यक्रम को सरकार को बन्द कर देनी चाहिए और कीमती मानव जीवन को खत्म करने का कानूनी हक दे देनी चाहिए।

मानदेय राशि/हौसला अफजाई रक़म

मानदेय राशि/हौसला अफजाई रक़म
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बेरोज़गारी से तंग, परिवारों के तानों से परेशान मानदेय मिलने वाले कामों को करने पर मजबूर लोगों को मानदेय /हौसला अफजाई रक़म सरकार के पदाधिकारी देना नही चाहते हैं।मानदेय वाली नौकरी (काम) बेरोज़गार नौजवान मज़बूरी में करते हैं ताकि फ़ाक़ा कशी से तंग आकर खुदकशी न करना न पड़े मगर पदाधिकारी मानदेय राशि/हौशला अफ़ज़ाई रक़म का पेमेंट न कर मानदेय पर काम करने वाले लोगों को आत्महत्या करने पर उत्साहित नही करती है तो क्या कर रही है  ?
सरकार के शक्तिशाली पदों पर बैठे लोगों को ये एहसास नहीं होता है कि भूख प्यास, बेरोज़गारी, परिवार के तानों का तंज़ क्या होता है ? अगर सरकार हौसला अफजाई रक़म भी वक़्त पर नही दे सकती  तो हौसला अफजाई जैसे चलने वाले कार्यक्रम को सरकार को बन्द कर देनी चाहिए और कीमती मानव जीवन को खत्म करने का कानूनी हक दे देनी चाहिए।

Sunday, June 18, 2017

इंसाफ - इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक मुस्तकीम सिद्दीकी को गोड्डा टाउन थाना के थाना प्रभारी ने दी मुक़दमा में फ़साने की धमकी, सिद्दीकी की ज़ुबानी

इंसाफ_इंडिया : गोड्डा टाउन थाना प्रभारी अशोक गिरी ने साथी Ranjit Inquilab Godda के फोन से मुझे धमकी दी है, मेरे साथी को टाउन थाना में बुलाकर झुटे मुकदमे में फसाने की बात कही है , गोड्डा टाउन थाना में कुछ साथियों को मेरे बारे में देशद्रोही एवं दंगा भड़काने में संलिप्ता का किया प्रोपेगंडा l

मेरा कसुर : मैने 16 जुन को गोड्डा में कुछ साथियों के साथ झारखंड नवनिर्माण की बैठक का आहवान किया था l

जब मैने पुलिस अधिक्षक (एस पी) गोड्डा से ऐसे झुटे आरोप के बारे बात करना चाहा तो एस पी गोड्डा ने अपने थाना प्रभारी की बात को सही ठहराते हुए हम पर गुस्से का इजहार करते हुए बाद में बात करने को कहा l

साथियों यही है फासीवाद , यही है संघवाद , उठती आवाज को दबाने की कोशिश l

Mustaqim Siddiqui
राष्ट्रीय संयोजक
इंसाफ इंडिया l

Thursday, June 15, 2017

बिहार पंचायत - नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन 17 जून को

बिहार पंचायत - नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रखण्ड अध्यक्ष मोहम्मद फ़िरोज़ आलम ने जानकारी दी है कि सरकार की दोहरी नीति एवं शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीति के खिलाफ बिहार पंचायत - नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ राज्य ईकाई के आह्वान पर 17 जून को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन दिया जाएगा।                        
इसी क्रम में अम्बेडकर स्थल डुमरा, सीतामढी, में 10:00 धरना में भाग लेने की गुजारिश शिक्षक, शिक्षिकाओं से की है।
धरना प्रदर्शन के निम्न विन्दु हैं :-
विगत कई महीनों से लंबित वेतन भुगतान ,   समान काम- समान वेतन,  सेवाशर्त का प्रकाशन,  बच्चों को पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराना आदि।
            

Tuesday, June 13, 2017

बी एम सी मकतब परिहार में दो दीनी चक धूक-चक धूक समर कैंप का आग़ाज़

जिला साक्षरता सीतामढ़ी के आदेशालोक में6 से14 आयु वर्ग के बच्चों और उनके माताओं के लिए दो दीनी चक धूम-चक धूम समर कैंप का आग़ाज़ प्रधानाध्यापक मोहम्मद शमीम अंसारी, प्रखण्ड कार्यक्रम समन्वयक अर्चना कुमारी के आर पी वीरेन्द्र यादव और बी आर पी मारूफ आलम ने चिराग़ रौशन कर किया मौके पर सी आर सी सी मोहम्मद इसराफिल अंसारी, प्रखण्ड लेखा समन्वयक दुखा बैठा मौजूद थे।समर कैंप 14 जून तक चलेगा।


Monday, June 12, 2017

Breaking News :-विधुत के ज़द में आने से लाईन मैन अनिल कुमार सिंह की मौत


परिहार सीतामढ़ी।परिहार चौक से दक्षिण परिहार क़ब्रिस्तान के निकट ट्रांसफॉर्मर पर फ्यूज़ ठीक करने के दौरान विधुत के ज़द में आने से लाईन मैन अनिल कुमार सिंह की मौत हो गई ।बताया जाता है कि अंसारी मुहल्लाह का फेज़ डाऊन चल रहा था उसी को ठीक करने के लिए सिरसिया फीडर से शॉर्ट डाऊन लेकर ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा था ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ने के कुछ ही देर बाद लाईन दे देने के कारण करेंट लगने से मौके ए वारदात पर ही मौत हो गई।अनिल कुमार सिंह सहरगमा निवासी काफी मिलन साल आदमी थे इनके दर्दनाक मौत से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और देखने के लिए चारों तरफ से लोग दौड़ पड़े

Friday, June 09, 2017

प्रखण्ड स्तरीय चक धूम-चक धूम 2017 समर कैंप कार्यशाला आयोजित

प्रखण्ड स्तरीय चक धूम-चक धूम कार्यशाला आयोजित

बिहार।सीतामढ़ी।परिहार प्रखण्ड अन्तर्गत प्रखण्ड स्तरीय चक धूम-चक धूम 2017 समर कैंप के सफल आयोजन के लिए प्रखण्ड संसाधन केंद्र परिहार के प्रशिक्षण कक्ष में प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी परिहार राम सेवक राम की अध्यक्षता में  कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें प्रखण्ड कार्यक्रम समन्वयक अर्चना कुमारी साक्षर भारत, प्रखण्ड साधन सेवी कौशलेन्द्र कुमार कर्मेन्दु ,शमीम अंसारी, मारूफ आलम, सी आर सी सी इसराफिल अंसारी, बी एम सी मकतब के प्रधानाध्यापक शमीम अंसारी, सहायक फखरुल अंसारी, लेखा समन्वयक दुखा बैठा, टोला सेवक, तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी, पंचायत लोक शिक्षण केन्द्र के प्रेरक आदि उपस्थित थे।

Thursday, June 08, 2017

11 जून 2017 रविवार को होगी प्रदेश टोला सेवक संघ की बैठक

बिहार प्रदेश टोला सेवक संघ पटना की एक आवश्यक बैठक 11जून 2017 रविवार को
बहादुर पुर शांति निकेतन मध्य विद्यालय में प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानन्द की अध्यक्षता में में आहूत की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बैठक बहुत ही अहम और गंभीर है बैठक में अगामी कार्य की रूप रेखा तैयार किया जाएगा।
सभा स्थल पर पहुँचने का पता:- पटना जंक्सन से  टेम्पू या बस पकड़ कर राजेन्द्र नगर ,पटना सीटी,अगम कुँआ या भूतनाथ जाने वाली पकड़ कर बहादुर पुल के पास उतड़, पुल पर चढ उत्तर की ओर आ जाना है वहाँ दूर्गा मंदिर के पास किसी से भी पूछ लेना है कि सरकारी विद्यालय शांति निकेतन कहाँ है कोई बता देगा ।
विशेषः  9304048103 विनोदजी , 7654477788 राकेश रौशन जी ,या 9162899470 नम्बर पर संम्पर्क कर सकते हैं।

Wednesday, June 07, 2017

हल्का कर्मचारी के जाँच रिपोर्ट के बाद भी सी ओ परिहार ने नही किया रक़बा सुधार, सुधार के एवज माँगी दस हजार

बिहार/सीतामढ़ी/परिहार ।।ज़मीन के रक़बा सुधार के लिए ग्राम पंचायत बेतहा ,बेतहा निवासिनी मुसमात प्रवीण कौसर पति मोहम्मद खुर्शीद आलम ने रक़बा सुधार कर दाखिल खारिज करने के लिए सी ओ परिहार को 13 जनवरी 2016 को आवेदन दिया था, सी ओ परिहार ने हल्का कर्मचारी को जाँच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया।हल्का कर्मचारी ने 19 जनवरी 2016 को जाँच प्रतिवेदन समर्पित कर अंचलाधिकारी परिहार को  अंचल अमीन से नक़्शा मापी व सीमांकन प्रतिवेदन लेने का अनुरोध करते हुए आवेदिका के केबाल दर केबाल और दखल क़ब्ज़ा के आधार पर रक़बा सुधार कर दाखिल खारिज करने की अनुशंसा की मगर डेढ़ साल गुजर जाने के बाद भी अंचल पदाधिकारी परिहार ने आवेदिका के ज़मीन का रक़बा सुधार करने का प्रस्ताव संबंधित पदाधिकारी को नहीं दिया।

              "" हल्का कर्मचारी के प्रतिवेदन देने के बाद भी जब रक़बा सुधार  नही किया गया तो मैं सी ओ से मिली और रक़बा सुधार की बात कही तो सी ओ परिहार ने कहा अरे ! ये सब वैसे ही थोड़े होता है ज़मीन का मामला है पैसा खर्च करना होगा।दस हज़ार रुपये ले कर आना काम हो जाएगा।।""
                                 
                              ''मुसमात प्रवीण कौसर ''

Monday, June 05, 2017

पहले योगदान करने वाले वंचित, बाद वाले को मानदेय राशि का भुगतान

सीतामढ़ी । जिला साक्षरता सीतामढी द्वारा  29 जुलाई 2016 को तालिमी मरकज़ में योगदान करने वाले 21 शिक्षा स्वयं सेविओं का मानदेय राशि भुगतान किया जा रहा है वहीं फरवरी 2016 और 11 जुलाई 2016 में योगदान करने वाले शिक्षा स्वयं सेवी को मानदेय राशि भुगतान से वंचित रखा जा रहा है।होना तो ये चाहिए था कि पहले योगदान करने वाले को मानदेय राशि का भुगतान होना चाहिए था मगर यहाँ ऐसा नहीं हो रहा है ।

कमाल तो ये है कि इन संबंधित विद्यालयों के प्रधान को मालूम भी नहीं है कि इनके विद्यालय में ये तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवक कार्यरत हैं (इक्कीस शिक्षा स्वयं सेवक) ।और इनको मानदेय राशि का भुगतान भी हो रहा है और जो बाक़ायदा कार्यरत हैं वे मानदेय के लिए रास्ता ही देख रहे हैं।अंकनीय है कि जिन शिक्षा स्वयं सेवकों ने पहले योगदान किया उनके मानदेय राशि भुगतान के लिए राशि की माॅग ही अभी निदेशालय से की जा रहीं है जबकि बाद में योगदान करने वाले इक्कीस शिक्षा स्वयं सेवकों को नियमित मानदेय राशि का भुगतान जिला साक्षरता सीतामढी द्वारा किया जा रहा है ।
बताते चलें कि इक्कीस शिक्षा स्वयं सेवकों में सात शिक्षा स्वयं सेवकों का नियोजन एक ही विद्यालय अनुसूचित जाति टोल आवापुर, मौला नगर दक्षिण पंचायत और पुपरी प्रखण्ड में किया गया है।जानकारी अनुसार तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी का नियोजन मुस्लिम समुदाय के बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा प्रदान करने के लिए की जाती है लेकिन यहाँ तो सब कुछ नियम विरुद्ध ही लग रहा है।



        

पहले योगदान करने वाले वंचित बाद वाले को भुगतान

सीतामढ़ी जिला साक्षरता में 29 जुलाई 2016 को तालिमी मरकज़ में योगदान करने वाले 15 शिक्षा स्वयं सेविओं का मानदेय राशि भुगतान किया जा रहा है वहीं फरवरी 2016 और 11 जुलाई 2016 में योगदान करने वाले शिक्षा स्वयं सेवी को मानदेय राशि भुगतान से वंचित रखा जा रहा है।होना तो ये चाहिए था कि पहले योगदान करने वाले को मानदेय राशि का भुगतान होना चाहिए था मगर यहाँ ऐसा नहीं हो रहा है ।

Friday, June 02, 2017

शिक्षक भिखारी महतो जिसने इन्दरवा विद्यालय की तस्वीर बदल दी


रितु जायसवाल
एक सरकारी विद्यालय और एक शिक्षक ऐसा भी!

बिहार! एक ऐसा राज्य जो अपनी ऐतिहासिक गौरवगाथा के साथ साथ सरकारी शिक्षा तंत्र के बदहाली केलिए भी जाना जाता है। प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, सब के हालात दयनीय। माने न माने पर यह एक हकीकत है जिससे न मानने वाले भी अंदर ही अंदर सहमत होते हैं। कोशिश में लगी रहती हूँ की कम से कम पंचायत की मुखिया हूँ तो अपने पंचायत में शिक्षा की तस्वीर बदले पर बदलना तो दूर, तस्वीर बनती तक नहीं दिख रही। अपने पंचायत में जब विद्यालय नहीं मिला (विद्यालय हकीकत में तो खाना खाने का मेस बन गया है) तब थक कर ढूंढने निकली की कहीं तो कोई शिक्षक या विद्यालय होगा जहाँ हकीकत में बच्चों को "विद्यालय" और "शिक्षक" जैसे महान शब्द का मतलब का एहसास होता होगा। तो इस तलाश में मुलाक़ात हुई सोनबरसा के एक पत्रकार बीरेंद्र जी से जो जब मिलते थे तब यही कहते थे की इंदरवा स्कुल देखने कब चलिएगा? इस प्रश्न में उनकी उत्सुकता देखने योग्य रहती थी जैसे वो कुछ बड़ा ही अद्भुत चीज़ दिखाना चाहते हों। 4 से 5 बार उन्होंने कहा पर किसी न किसी कारण से नहीं ही जा पाई। पर आखिरकार एक दिन प्रखंड कार्यालय गई तो अचानक बीरेंद्र जी से मुलाक़ात हुई। उन्होनें फिर वही बात की और इतना कहना की प्रोग्राम बन गया हम सभी का की चलिये आज तो जाना ही है। चलते चलते कई गाँव पार करते भारत के अंतिम छोड़ पर जा पहुँचे हम लोग । गाँव था इंदरवा - नरकटिया, ग्राम पंचायत राज इंदरवा, जिससे सटे ही है भारत नेपाल सीमा। विद्यालय का माहौल ऐसा था कि बाहर से ही बदलाव की एक लहर का एहसास होने लगा था। अंदर गई तो बेहद ही विनम्र प्रवृति के शिक्षक मेरे आदर्श श्री भिखारी महतो जी अपनी मुस्कान के साथ स्वागत केलिए खरे थे। बच्चों के चप्पल बिलकुल ही कतार में कक्षा के बाहर रखे हुए थे। भिखारी जी, वहां के पूर्व मुखिया श्री सुरेंद्र कुमार जी, बीरेंद्र जी और उनके अन्य सहयोगियों ने पूरे विद्यालय का कोना कोना दिखाना शुरू किया, बच्चों से मिलवाया। विद्यालय के पूरे परिसर में धूल का एक कण न मिला और शौचालय में इतनी साफ़ सफाई की हम लोग खाली पैर वहां गए । जहाँ अधिकाँश विद्यालयों में मिड मील से पैसे बनाना शिक्षकों का पेशा बन गया है, वहां भिखारी जी के विद्यालय में मिड डे मील की सम्पूर्ण व्यवस्था बच्चों के ही हाथ में है। विद्यालय की शिक्षण प्रणाली पूर्णतः गुणवत्तापूर्ण। यहाँ से बच्चे कई बड़े बड़े स्थानों तक पहुँच चुके हैं। यहाँ के बच्चों में विषय की पढ़ाई के अलावा खेल कूद, कंप्यूटर शिक्षा, अनुशासन, जागरूकता और संस्कार को देखना भिखारी महतो जी के अथक प्रयास, उनकी लगन और कर्तव्यनिष्ठता का वास्तविक बोध कराता है। कक्षा समाप्त होने के बाद बच्चों का एकदम कतार में शांतिपूर्ण तरीके से विद्यालय से निकलना देखने योग्य था। बच्चे अपना चप्पल भी उतार कर किस अनुशासन से रखते हैं वह भी देखने योग्य था। शौचालय में ऐसी साफ़ सफाई की हम लोग खाली पैर भी आराम से वहां जा सके। मध्यान भोजन ऐसा की क्या गाँव के किसी घर में वैसा भोजन बनता होगा।

विद्यालय में घूमते हुए और उनके शिक्षा के प्रति लगन को देख कर ऐसा लगता है जैसे विद्यालय में इनके प्रयासों से निर्मित भवन की एक एक ईंट में, इनके द्वारा लगाए गए एक एक वृक्ष में, वहाँ की हवाओं में, ब्लैकबोर्ड में, वहाँ के चॉक में हर जगह उनकी आत्मा बसती है। यही कारण है कि मैंने चाहा था ऐसे शिक्षक हमारे पंचायत में आ जाएं, जिसके लिए भिखारी जी से मिलने से पहले उनके बारे में सिर्फ सुन कर, मैंने प्रयास भी किया था पर अब जब इनसे मिली, तब ये एहसास हुआ की स्वार्थवश कितनी बड़ी भूल करने जा रही थी मैं, किसी की आत्मा को उसके शरीर से अलग करने जा रही थी। धन्य हो ऐसे शिक्षक और ऐसे ग्रामीण जिनका सहयोग हर कदम पर भिखारी जी के साथ रहा। मातृभूमि का असल ऋण तो आप लोग चूका रहे हैं। इसी पंचायत के बाकी विद्यालयों का हाल वही है जिसके लिए बिहार सरकार के स्कुल जाने जाते हैं। इससे साफ होता है कि वर्तमान स्थिति में किसी भी विद्यालय में सुधार केलिए जब तक खुद शिक्षक के अंतरात्मा से आवाज़ नहीं आएगी तब तक बदलाव के बारे में सोचना भी व्यर्थ है। हम आप बस सहयोग कर सकते हैं, शिक्षण प्रणाली में सुधार नहीं ला सकते। 9 साल के अपने निस्वार्थ सेवा से पूजनीय भिखारी महतो जी और उनसे पहले राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वही के शिक्षक श्री रामज्ञान बाबू जी और उनके साथ कंधे से कन्धा मिलाये खरे पंचायत के पूर्व मुखिया श्री सुरेंद्र जी और पत्रकार बीरेंद्र जी के सहयोग से जब एक विद्यालय की सूरत बदली जा सकती है, वहाँ के बच्चों को हर क्षेत्र में भविष्य के रास्ते दिखाये जा सकते हैं तो फिर ये कार्य बाकी कई जगहों पर भी किये जा सकते हैं।

बिहार के हर जिले में कहीं न कहीं ऐसी बदलाव की एक कहानी ज़रूर होगी जो सरकार के बड़े लोगों की उदासीनता के वजह से छिप जाती होगी। हमें ज़रूरत है सरस्वती के ऐसे मूर्तियों को ढूंढ कर उनकी कहानी देश दुनिया के सामने लाने की। आप सब से अपील करती हूँ की नेपाल घूमने तो सब जाते हैं पर हो सके तो सीमा से सटे ही सोनबरसा प्रखंड के इंदरवा पंचायत के इस विद्यालय के दर्शन ज़रूर कर आएं। ये जगह तो किसी मंदिर से भी बढ़ कर है। यदि कोई पत्रकार भाई बहन हमारे पेज से जुड़े हैं तो आप कृपया इस विद्यालय को और भिखारी महतो जी के प्रयासों को हर संभव तरीके से सम्मान ज़रूर दें। तसवीरें मेरे इस लेख का एक अदना सा प्रमाण है। बाकी आप जाएंगे तो वहां महसूस करेंगे।

वहाँ जाने पर ख्याल आया की विद्यालय में क्या योगदान दिया जाए तो राय विचार करने के बाद बात निकली की चूँकि वहां हॉस्टल भी है तो रात को रौशनी केलिए सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाई जाए और हाई स्कूल के कक्षाओं में कुछ सीलिंग फैन की व्यवस्था की जाए क्योंकि इसका अभी अभाव है। 10 पंखों का छोटा सा योगदान तो मैंने आज विद्यालय के अपने दूसरे दौरे में कर दिया, बाकी लाइट बहुत जल्द ही किसी संस्था के माध्यम से लगवा दी जायेगी।

विद्यालय से निकल कर सिर्फ एक ही बात ज़ेहन में रह गई। काश! हमारे ग्राम पंचायत सिंहवाहिनी में भी एक भिखारी महतो होते। अपनी तनख्वाह का एक हिस्सा भी बच्चों के भविष्य निर्माण में लगाने वाले ऐसे महापुरुष को अंतर्मन से प्रणाम करती हूँ। और उन ग्रामीणों को भी प्रणाम जिन्होंने भिखारी जी की निष्ठा और लगन को देखते हुए अपनी जमीन, अपना पैसा, अपना कीमती वक्त सब कुछ बच्चों के बेहतर भविष्य केलिए न्योछावर कर दिया।

पहली ही तस्वीर में चश्मा लगाए साधारण सी वेश भूषा में पूजनीय श्री भिखारी ठाकुर जी मेरी दाहिनी ओर हैं।

Thursday, June 01, 2017

टोला सेवक, शिक्षा स्वयं सेवी और प्रेरकों का मासिक बैठक आयोजित

सीतामढ़ी/परिहार टोला सेवक, शिक्षा स्वयं सेवी और प्रेरकों का संयुक्त मासिक बैठक प्रखण्ड संसाधन केन्द्र परिहार के सभागार में प्रखण्ड कार्यक्रम समन्वयक अर्चना कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।बैठक को संबोधित करते हुए कुमारी ने प्रेरकों को मानदेय भुगतान से संबंधित विवरणी 8जून तक समर्पित करने की बात कही अन्यथा बकाया राशि विभाग से विमुक्त नही की जाएगी।ज़िला स्तरीय पत्र के आलोक में साक्षरता केन्द्रों और और बच्चों का ट्यूशन नियमित रूप से संचालित करने का निदेश दिया अनियमितता की स्थिति में कार्रवाई की बात की गई।निदेशक जन शिक्षा के पत्र के आलोक में ग्रीष्म अवकाश में बच्चों का ट्यूशन 8बजे से10बजे तक संचालित किया जाएगा और साक्षरता केंद्र का संचालन 1बजे से3बजे तक संचालित होगा।बैठक में के आर पी वीरेन्द्र यादव लेखा समन्वयक दुखा बैठा, शिक्षा स्वयं सेवी मोहम्मद कमरे आलम,मोहम्मद हामिद अंसारी टोला सेवक महेन्द्र बैठा प्रेरक विमलेश यादव, लक्ष्मण यादवआदि उपस्थित थे।

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...