Saturday, February 04, 2017

जानवरों और परिंदों से मोहब्बत करो

एक बार आप मुहम्मद साहब(सल्ल्लाह अलैहे व सल्लम) किसी सफर में जा रहे थे एक ऐसे मक़ाम पर पड़ाव किया जहानं परपरिंदों ने अंडा दिया था एक आदमी ने वह अंडा उठा लिया, चिड़िया बेक़रार हो कर पर् मार रही थी आप मुहम्मद साहब(सलल्लह् अलैहे व सल्लम) ने फ़रमाया किस ने इसका अंडा छीन कर तकलीफ पहुँचाई है उन साहब ने कहा या रसूलल्लाह मुझ से यह हरहत हुइ है आप मुहम्मद साहब सल्ल्लाह अलैहे व सल्लम ने कहा अंडे को वहीँ रख दो।

Thursday, February 02, 2017

तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवक राजनीती का शिकार न बने

बिहार प्रदेश के सभी तालिमी मरकज़  साथियों  व्हाट एप्प पर बिना मतलब बहस ,इल्ज़ाम तराशी से कुछ हासिल होने वाला हो तो बतलाये ।इस फालतू के बहस से कुछ हासिल होने को नही है लिहाज़ा खामखा के बहस से बचा जाये।
तालिमी मरकज़ हों या उत्थान केंन्द्र के साथी सभों की ख्वाहिश है कि उनको सरकार राज्य कर्मी घोषित कर वेतनमान दे मगर ज़रा सोचें क्या सरकार ये माँग  तालिमी मरकज़ और उत्थान केंन्द्र को देने जा रही है ?
सोचने वाली बात ये है कि जब सरकार तालिमी मरकज़ और उत्थान केंन्द्र के कर्मी को निविदा कर्मी और नियोजित मानने को तैयार नही -------
ऐसे हालात में हमारे तालिमी मरकज़ के साथी ये भ्रम पाले हुए हैं कि सरकार निश्चय यात्रा के खात्मा पर तश्त में पेश कर बहुत बड़ी चीज पेश करने जा रही है इस लिए सरकार के सामने सांकेतिक तौर पर भी बैठक कर अपनी कोई माँग न रखें। और तरह तरह के मिसाल पेश कर डराया जा रहा है जो ग़ैर मुनासिब है।
आप ये कान खोल कर सुन लें आप की सेवा 60 साल होगी ये संकल्प में नही बल्कि सरकार का ये कहना है कि 60 साल तक सेवा लेगी।

आपने जो अपने ख्वाब व ख्याल में पाल रखा है क्या वह बिना क़ुर्बानी के हासिल किया जा सकता है  ?
मैं तालिमी मरकज़ के लोगों से खास कर कहना चाहता हूँ कि  "दूसरे का नुकसान कैसे हो इस पर अमल न करें बल्कि अपना फायदा कैसे हासिल किया जा सकता है इस पर अमल करें याद रखें दूसरे की तनक़ीद(मूल्यांकन)करने वाला कभी कामयाब नहीं होता हमेशा घाटे में रहता है। अक्लमंदी इसी में है कि उत्थान केंन्द्र के बैनर तले नही, तालिमी मरकज़ के बैनर तले ही हस्ताक्षर युक्त मेमोरेंडम सरकार को जानी ही चाहिए यह भी याद रखें सरकार के पास अगर प्रस्ताव नही होता है तो किसी मामले पर विचार (ग़ौर)नही किया जाता है।
लिहाज़ा तालिमी मरकज़ वर्किंग कमिटी के ज़िम्मेदारान और जिला सदूर आपस में ग़ौर व फ़िक्र ज़रूर करें।आज तालिमी मरकज़ के लोगों को समझाया जा रहा है कि सरकार तालिमी मरकज़ को बिना कुछ किये ही सारी सुविधा दे चुकी जो शिक्षा मित्र को लड़ने के बाद मिला कितने मासूम हैं ये लोग कुछ समझते भी हैं या नहीं ?तालिमी मरकज़ को मिलनी चाहिए वह तो अभी तक कुछ मिला ही नहीं ।जो ये कहते हैं तालिमी मरकज़ को स्थायी बिना लड़ाई के ही दिया गया वह लोगों को धोखा दे रहे हैं लड़ाई का ही नतीजा है कि आज तालिमी मरकज़ का वजूद बाकी है वरना तो सरकार ने तालिमी मरकज़ का वजूद मिटा ही दिया था।आप के अवलोकन के लिए कुछ एहतेजाज की अखबार कटिंग पेश कर रहा हूँ।

अगले भाग का इंतज़ार करें

आपका
Md Qamre Alam Ekdandi parihar sitamarhi Bihar

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इन्साफ पशंदों बिहार के बीहड़ से बलात्कार पीड़िता की माँ इन्साफ की आवाज़ लगा रही है

मुस्तकीम सिद्दीकी
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मैं काजल की माँ हूँ , मैं नेत्रहीन एवं मजदूर हूँ , मैं बिहड़ में रहती हूँ , मेरी 8 साल की बेटी का ब्लात्कार कोसी नदी की तट पर सूर्य की रौशनी में मेरी झोपड़ी के सामने मकई के खेत के पास हुआ है , मैं गरीब हूँ , मैं कमजोर हूँ , मैं अकेली हूँ l

ब्लातकार करने वाला ठाकुर , दबंग और ज़मींदार है l ब्लात्कारी शक्तीशाली एवं राजनीतिक पकड़ वाला है , ब्लात्कारी एवं उसका पुरा समुदाय मेरी बेटी की ब्लातकार को झुटा साबित करने की लिये शासन एवं प्रशासन का साथ ले रहा है l

आजतक पुलिस हमारे घर पर जाँच पड़ताल के लिये नही आई , आजतक पुलिस ब्लात्कार के ज़गह पर बहे खुन को उठा कर नही ले गई , आजतक पुलिस ब्लात्कारी को गिरफतार नही कीl

बिहार सरकार , जनप्रतिनिधी एवं पुलिस ब्लात्कारी का साथ दे रही है , मैं समाज के ज़िम्मादार नागरिक , स्वंय सेवी संगठन , समाजिक संगठन , मानवधिकार संगठन, समाजिक कार्यकर्ता से अपील करती हूँ के एक नेत्रहीन, गरीब , मजदुर , असहाय माँ की 8 साल की बेटी के ब्लात्कारी को सजा दिलाने आगे आयें l

Wednesday, February 01, 2017

तालिमी मरकज़ और उत्थान केँद्र के कर्मी को राज्य कर्मी घोषित करे सरकार - एक्शन फ़ॉर जीरो टॉलरेंस

एक्शन फ़ॉर जीरो टॉलरेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संयोजक राकेश कुमार सिंह और मोहम्मद सऊद आलम ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर बिहार सरकार से तालिमी मरकज़ और उत्थान केँद्र के कर्मी को राज्य कर्मी घोषित कर वेतनमान देने की माँग किया है ।उन्होंने कहा कि तालिमी मरकज़ और उत्थान केँद्र के कर्मी का नियोजन जिस लक्ष्य के लिए किया गया था उसी कार्य की पूर्ति के लिए किया जाये।अन्य कार्य में लगाया जाना अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति समुदाय के साथ धोखा है।

ब्लात्कार पीड़िता और उसका परिवार 13 फरवरी को करेगा इन्साफ की फरियाद

Mustaqim Siddiqui राष्ट्रीय संयोजक इन्साफ इंडिया
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भागलपुर ब्लातकार  8 साला पीड़िता एवं उसका परिवार 13 फरवरी 2017 को दिल्ली में भारत के इंसाफ पसंद नागरिक , समाजिक कार्यकर्ता , मानवधिकार कार्यकर्ताओं,  न्यायधिशों , नेताओं एवं समाजिक संगठनों से संसद के सामने खड़े होकर फर्याद करेगी , यह कोई भीड़ की आवाज नही होगी , कोई रैली नही होगी , यह कोई धरना नही करेगी बल्के एक 7/8 साल की लड़की अपने असमत के लुटेरों को सजा दिलाने के लिए अकेली आवाज उठायेगी l

इस बेटी की इज्ज़त की गैरत किसी को नही है , इस लिये देश खामोश है , हम भी खामोश हैं , चुंके बिहड़ में रहने वाले 8 साल की लड़की की असमत के लुटेरों को बिहार सरकार का साथ है , अब यह लड़की बिहड़ से उठ कर संसद के गलियारों के सामने से आवाज देगी ज़िसे गैरत होगा वह साथ आयेगा l

दोस्तों बिहड़ में रहनी वाली फुलन देवी का ब्लात्कारी भी ठाकुर था , दबंग था , असर और रसुख वाला था , इस 8 साल की लड़की का ब्लात्कारी भी ठाकुर है , दबंग है , असर और रसुख वाला है  ,फुलन देवी ने चंबल के घने जंगलों से आवाज दी थी और खुद इंसाफ किया था , 8 साल की यह लड़की संसद के स्तंभ के सामने से खड़ी होकर आवाज देगी l इंसाफ देश करेगा l

ज़िसे इस आवाज को दबाना है , दबा कर देख ले l ज़िसे इस 8 साल की बच्ची को खामोश करना है , खामोश कर ले l ज़िसे ब्लातकारियों को बचाना है बचा ले l

Tuesday, January 31, 2017

मजीबुर रहमान (खान साहब)उर्फ भुटकुन मालिक हक़ीक़ी से जा मिले

इंतेहाई दुःख के साथ अर्ज़ कर रहा हूँ कि जनाब मोहम्मद माजिबुर रहमान (खान साहब)उर्फ़ भुटकुन वल्द मोहम्मद इमामुद्दीन एकडंडी परिहार सीतामढ़ी आज शाम लग भग 3:37 बजे अपने मालिक हक़ीक़ी से जा मिले (इन्ना लिल्लाहि व इन्ना अलैहे राजेऊन )।मरने वाले में मालिक ने कई औसाफ़ से नवाजा था ये मिलान सार और बा हिम्मत और फराख दिल इंसान थे।म
जनाज़े की नमाज़  01 .02.2017 को बाद नमाज़ ज़ुहर अदा की जाएगी।
खैर खाहों से गुज़ारिश है मरहूम के मग़फ़रत के लिए दुआ कर दें
अल दाई
मोहम्मद कमरे आलम

शराब मुक्त बिहार को बलात्कार युक्त बिहार बनाने की कोशिश, बलात्कारी को बचाने की कोशिश

मुस्तकीम सिद्दीकी की क़लम से
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जनप्रतिनिधियों समेत हजारों लोगों ने ब्लातकारी का समर्थन किया l

देश की 18 साल की एक बेटी निर्भया के साथ बलात्कार हुआ था तो सरकारें हिल गई थी , आनन् फानन में नए नए कठोर कानुन बनाये गये थे , अद्ध्यादेश लाये गये थे , कुछ ही दिनों में सारे बलात्कारियों की गिरफ्तारी हो गई थी , फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट में केस की सुनवाई शुरू हुई थी, बलात्कारी के तरफ से लड़ने वाले वकील की पिटाई हुई थी और जल्द ही बलात्कारियों को फांसी की सजा सुनाई गयी थी |  दुसरी तरफ एक मासूम 8 साल की देश की बेटी के साथ बलात्कार होता है , तो बलात्कारी के समर्थन में छेत्र के जनप्रतिनिधी , प्रमुख , मुखीया , पंचायत प्रतिनिधी समेत 1300  लोग जिला पुलिस अधिक्षक (एसपी) , पुलिस महानिरीक्षक (आई जी) समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को हस्ताक्षर करके बलात्कारी का समर्थन करते हैं या दुसरे शब्दों में बलात्कार का समर्थन करते हैं और ख़ास बात यह है के यह बिहार की घटना है, जी हाँ  उसी बिहार की घटना है जहाँ शराब मुक्त बिहार के लिए मानव श्रृंखला बना कर इतिहास रचा गया , विश्व रिकोर्ड बनाया गया और जिस दिन यह विश्व रिकॉर्ड बनाया जा रहा था उसी दिन बलात्कारी का समर्थन करने वाले शराब मुक्त बिहार का भी समर्थन कर रहे थे यानी शराब मुक्त बिहार को बलात्कार युक्त बिहार बनाने की इच्छा व्यक्त कर रहे थे |

अब सवाल यह उठता है के निर्भया के मामले में देशव्यापी आन्दोलन करने वाले आज चुप्पी क्यूँ साधे हुए हैं ? सवाल यह भी उठता है के बलात्कारी या दुसरे शब्दों में बलात्कार का समर्थन करने वाले जनप्रतिनिधीयों ने ऐसा क्यूँ किया ? तो जनाब एक तरफ जहां निर्भया का बलात्कारी छोटे जाती , अनपढ़ और गवांर था, निर्भया का बलात्कारी का परिवार गरीब था , वहीं निर्भया उच्च जाती की बिटिया थी , निर्भया पारामेडिकल की स्टूडेंट थी , निर्भया का बलात्कार दिल्ली के सडकों पर रात के अंधेरों में हुआ था वहीं दुसरी तरफ 8 साल की मासूम का बलात्कारी उच्च जाती , भूस्वामी , दबंग , राजनितिक पकड़ रखने वाला एवं आर्थिक रूप से बहुत मालदार है वहीं पीडिता एवं उसका परिवार पसमांदा , गरीब , अनपढ़ , कमजोर एवं अल्पसंख्यक वर्ग से है एवं पीडिता का बलात्कार कोसी नदी के तट पर ,दिन दहाडे, सूरज की रोशनी में , मकई के पौधों से घिरे एक झोपडी के समीप हुआ है | और सबसे अहम बात यह है के इस 8 साल की मासूम जिस धर्म से आती है उसके रखवाले हर बात पर हिकमत और मसलेहत की बातें करके बुजदिल बना चुकी है और यही वजह है के जहां 1300 लोगों ने बलात्कारी के बचाव में सारे पुलिस आला अधिकारियों को हस्ताक्षर माध्यम से निर्दोष साबित करने की कोशिश की है वहीं हमारे शरियत बचाव वाले इज्ज़त और हुरमत बचाव को कोई एहमियत नही देते , जी हाँ एहमियत नही देते चुनके मैंने ऐसे कई शरियत बचाव आन्दोलन वालों को फ़ोन करके संज्ञान लेने कहा था , सरकार पर दबाव बनाने की गुज़ारिश की थी , पुलिस को कारवाई करने के लिए फ़ोन करने की गुज़ारिश की थी लेकिन आजतक एक वफद तो दूर एक अलफ़ाज़ भी मुंह से नही निकले |

इन्साफ इंडिया की ओर से मैं शुक्रगुजार हूँ, बहुत आभारी हूँ अपने मित्र एवं साथी मुकाश कुमार भाई का , अनजनी विशु भाई का , गौतम प्रीतम भाई का , अजित कुमार सोनू भाई का , प्रियंका आनंद बहन का , अद्या कुमारी बहन का जिसने मेरी एक काल पर अपने घरों से निकल कर सैकड़ो किलोमीटर नदी नाले को पार करते हुए न्याय एवं अधिकार के लिए पिडीता के घर पर पहुंच कर बुलंद आवाज़ उठा कर 72 घंटों में आरोपी को गिरफ्तार नही करने पर चरमबद्ध तरीके से आन्दोलन करने की चेतौनी देकर तैयारी कर रहे हैं|

Monday, January 30, 2017

हमने अपने अस्लाफ के कारनामों को भुला दिया है

आज हम अपने अस्लाफ के कारनामों और क़ुर्बानियों से नावाक़फ़ीयत रखते हैं हमें अपने अस्लाफ के कारनामों की जानकारी नही उसी का नतीजा है कि हम अपना दफाह सही तरीके से नही कर पाते।और आसानी से बातिल ताक़त हम को ग़द्दार ए वतन साबित करने की कोशिश करते रहते हैं और हम जानकारी न होने की वजह से अपनी बात गहराई से रख नही पाते।आज ज़रूरत इस बात की है कि हम अपने तांबनाक तारीख़ का गहराई से मुतालः करें और वक़्तन फवक्तान अपने अस्लाफ को याद कर उनको खेराज ए अक़ीदत पेश किया करें साथ ही उनके कारनामों, क़ुर्बानियों से नौ जवान नस्ल को रौशनाश कराने का काम करें।

                  मुल्क की आज़ादी के लिए जिस क़ौम के आबा व अजदाद ने बड़ी से बड़ी कुर्बानिया दीं उस की नस्ल को नाम नेहाद देश भक्त की नस्ल ग़द्दार ए वतन कहती हैं आज हमें मुत्तहिद होकर अपने हक़ की लड़ाई खुद लड़नी होगी अगर आप ये सोचते हैं कि आपके हक़ की लड़ाई कोई दूसरा बुलंद करेगा तो आप खुली हुई आँखों से ख्वाब देख रहे हैं।आज़ादी की लम्बी लड़ाई में जिन मुस्लिम रहनुमाओं, उलमाओं ने ने शहादत दी थी उन्हें हम ही ने फरामोश कर दिया है और उम्मीद दूसरों से लगाये बैठें हैं कि वे याद करें ,सोचने वाली बात है कहीं ऐसा होता है ? अपने माजी से फरामोशी ही हमारी पस्ती का सबब बन गई है। 

"" जो अपनों को भुला देते हैं उनको याद रखनी चाहिए उनको दुनिया भुला देती है ""

 " फज़ूल समझ कर बुझा दिया है जिन चरागों को,ऐसा चराग़ जलाओ तो रौशनी होगी "।।

Sunday, January 29, 2017

मोहम्मद कमरे आलम का पैग़ाम तालिमी मरकज़ सदूर(अध्यक्षों) के नाम

जिस क़ौम के अकाब्रिनों ने अपने क़ौम से ये तलक़ीन की के तुम्हारी सफे ऐसी हों जैसे शीशा पिलाई हुई दीवार आज वही क़ौम इंतेशार का शिकार हो गई है ।जिस के अकाबरीन ने कहा कभी भी अपने से अपना नाम किसी औहदे के लिए मत पेश करो आज उसी क़ौम के लोग किसी की क़यादत मानने के लिए तैयार नहीं, अपने आप को खुद शाख्ता आर्गेनाइजेशन के सदूर बन बैठते हैं।अपने अस्लाफ के बातों से मुन्किर होकर अपने फ़लाह व बहबूद की बात करना बेमानी होगी। टोला सेवक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बतलाया 28 जनवरी को पटना में टोला सेवक संघ की बैठक आहूत की गई थी जिस में तालिमी मरकज़ के प्रदेश स्तरीय साथियों को भी आमंत्रित किया गया था, बैठक में एक साथ तालिमी मरकज़ के चार- चार प्रदेश अध्यक्ष पहुँच गए और अपनी अपनी दावेदारी पेश करने लगे कि मैं ही तालिमी मारकज का प्रदेश अध्यक्ष हूँ ।यह देखकर  प्रदेश अध्यक्ष टोला सेवक संघ का कहना है मैं तो असमंजस में पड़ गया कि ये क्या हो रहा है ? तालिमी मरकज़ के खुद शाख्ता सादूरों अगर आप को अपने वक़ार की कोई फ़िक्र नही है तो न सही मगर क़ौम के वक़ार की तो फ़िक्र करें।
             तालिमी मरकज़ का वजूद 2009 में हुआ आज तक आप लोगों( सदूर )से ये नही हुआ कि तालिमी मरकज़ संघ का रजिस्ट्रेशन रजिस्ट्रेशन विभाग बिहार पटना से करवा इस की तशकील बिहार के हर जिले में करें ।और आप तमाम लोग आपस में लड़ कर तमाम तालिमी मरकज़ के साथी को शर्मिंदा कर रहे हैं।आप तमाम तालिमी मरकज़ सदूर तालिमी मरकज़ अध्यक्ष की दावेदारी छोड़ आपस में इत्तेहाद क़ायम करें और जितने भी प्रदेश सतही( किसी भी ग्रुप के हों) कमिटी के ओहदेदारान हैं एक जगह मिल बैठ कर बात करें और तालिमी मरकज़ के वजूद कैबिनेट पर बात करें और जो इत्तफ़ाक़ राय सामने आती है उस पर अमल करें,और प्रदेश सतह पर एक मज़बूत कमिटी की तशकील की जाए जिस में बिहार के हर जिले की नुमाइंदगी हो।और यह कमिटी नुमाइंदा कमिटी हो जिस में कोई फ़िलहाल अध्यक्ष, सचिव आदि आदि कुछ भी न हो बल्कि प्रदेश समन्वयक व मेम्बरों पर मुश्तमिल हो।ये काम हो जाने के बाद बिहार के हर एक जिला में इत्तफ़ाक़ राय से वहाँ के तालिमी मरकज़ साथियों की राय से ब्लॉक सतह की कमिटी पूरी तरह से तशकील दे दी जाय।ब्लॉक सतही कमिटी के बाद जिला सतही कमिटी का इंतखाब के बाद ही प्रदेश कमिटी का इंतखाब होनी चाहिए तभी जाकर आर्गेनाइजेशन में मज़बूती आएगी वरना कमिटी का वजूद कागज़ी ही रहेगा।

लेख जारी रहेगा अगले भाग का इंतज़ार करें

तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वंय सेविका तबस्सुम आरा की मौत, घोषित अनुग्रह अनुदान की राशि अविलम्ब दी जाय

बहुत ही अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है की जानकारी के मुताबिक बेगुसराय के गढपुरा प्रखण्ड के तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वंय सेविका मोहतरमा तबस्सुम आरा जौजे मोहम्मद महबूब की मौत ईलाज के दौरान आज ही पटना में हो गई है। मरहूमा उत्क्रमित विद्यालय प्राणपुर में कार्यरत थी, अल्लाह मरहूमा की मगफिरत फरमाये और जन्नत मे आला मुकाम अता फरमाये (आमीन )

       मैं बिहार सरकार के शिक्षा विभाग से माँग करता हूँ कि घोषित अनुदान चार लाख की राशि मरहूमा के आश्रित को अविलंब निर्गत करें और एक आश्रित को नौकरी दे।

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...