Saturday, February 18, 2017

आवासीय ज़मीन को भीठ/धनहर श्रेणी में दर्ज करने का आरोप

सीतामढ़ी प्रखंड परिहार थाना बेला थाना न० 79 इण्डो नेपाल सड़क निर्माण के लिए अधिगृहित भूमि को जिला भू - अर्जंन पदाधिकारी ने आवासीय जमीन को भीठ औऱ धनहर श्रेणी में दिखाया गया है जो भू धारी के साथ अन्याय है।
स्थल निरीक्षण कराकर मुआवजा दिलाने की माँग समाहर्ता सीतामढ़ी से की गई है।

Friday, February 17, 2017

तालिमी मरकज़ एसोसिएशन सीतामढ़ी का पुनर्गठन

16 फ़रवरी को तालिमी मरकज़ एसोसिएशन सीतामढ़ी का 21 सदस्य कमिटी का पुनर्गठन डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन एजाज़ कौसर नेहाल खान के ज़रिये अमल में आया है जो इस तरह है ।
1.एजाज़ कौसर नेहाल खान - चेयरमैन
2.नेक मोहम्मद अंसारी - सेक्रेटरी
3.मोहम्मद फ़ारूक़ अंसारी - वाईस-चेयरमैन
4.मोहम्मद कमरे आलम - वाईस-चेयरमैन
5.मोहम्मद इम्तेयाज़ अहमद- सेक्रेटरी जेनेरल
6.मोहम्मद अनवर - जॉइंट सेक्रेटरी
7.सगीर अंसारी - कोषाध्यक्ष
8.मोहम्मद मोसिम - कॉररेस्पोंडेंट
9.ग़ुलाम गॉस- कॉररेस्पोंडेंट
10.सनाउल्लाह कुरैसी - मीडिया इंचार्ज
11.रहमत अली -कॉडिनेटर
12.नेयाज अशरफ -एडवाइजर
13.मोहम्मद मुर्तुज़ा -
14.मोहम्मद मुर्तुज़ा -
15.मोहम्मद मनीर आलम
16.वाज़हुल कमर
17.सर्फे आलम
18.मोहम्मद यासीन
19.मोहम्मद हैदर अली
20.शाहिद अली अंसारी
21.हैदर अली

Thursday, February 16, 2017

14 अप्रैल अम्बेदकर ज्यंति-सह-मुख्यमंत्री सम्मान समारोह को सफल बनायें - ब्रह्मानंद दास

ब्रह्मानंद दास प्रदेश अध्यक्ष बिहार राज्य महादलित टोला सेवक संघ पटना बिहार ने
14 अप्रैल अम्बेदकर ज्यंति सह मुख्यमंत्री सम्मान समारोह को सफल बनाने के लिए  सभी टोला सेवक/तालिमी मरकज़ के साथियों से अपील किया है।उन्होंने तालिमी मरकज़ और उत्थान केन्द्रों के कर्मियों से कहा कि अपने-अपने जिला में संगठन को मजबूती प्रदान करें और जिस प्रकार हस्ताक्षर अभियान और शांति पूर्ण धरना को सफल किया उसी प्रकार 14 अप्रैल के कार्यक्रम को सफल बनायें, राज्य कमिटी आप तमाम टोला सेवक और तालिमी मरकज़ साथियों से ऐसा आशा रखती है।

Wednesday, February 15, 2017

Daily chingari चिंगारी چنگاری: आज़ादी के 69 साल बाद भी देमा पंचायत का देमा गाँव बुनियादी सुविधाओं से वंचित ,गाँव को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग का पक्की करण नहीं

Daily chingari चिंगारी چنگاری: आज़ादी के 69 साल बाद भी देमा पंचायत का देमा गाँव बुनियादी सुविधाओं से वंचित ,गाँव को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग का पक्की करण नहीं

बिहार के उर्दू विद्यालयों से जुमे की छुट्टी समाप्त करने की साजिश

बिहार के सभी सरकारी उर्दू विद्यालयों में शुक्रवार को छुट्टी रहती है लेकिन इधर कुछ दिनों से एक सोचे समझे मंसूबे के तहत इस छुट्टी को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।

कभी प्रखंड स्तर पर प्रधानअध्यापक और शिक्षकों की बैठक, कभी कृमि मुक्त अभियान और अब शुक्रवार के दिन वार्षिक मूल्यांकन की तिथि की घोषणा कर के शिक्षा विभाग यह साबित करना चाहता है कि उसके नज़दीक राज्यपाल के उस आदेश की भी कोई अहमियत नहीं है जिसमे न सिर्फ उर्दू विधालयों बल्कि सभी सरकारी विभाग के मुस्लिम कर्मचारियों को शुक्रवार की दिन अपराहन 12:30 से 2:30 तक जुमा की नमाज़ के लिए अनुमति प्रदान की गई है (देखिये सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी संकल्प पत्र संख्या 10298, दिनांक 20 जुलाई 2012).
बिहार शिक्षा परियोजना ने वार्षिक मूल्यांकन की जो समय सारणी जारी की है उसके अनुसार दिनांक 17 मार्च को शुक्रवार से ही परीक्षा शुरू होनी है. ऐसे में सभी उर्दू विधालय भी शुक्रवार के दिन खुले रखने होंगे. 24 मार्च को परीक्षा समाप्ति का दिन भी शुकवार ही है. शुक्रवार के दिन उर्दू स्कूलों को खुला रखने का आदेश शिक्षा विभाग की सांप्रदायिक निति को स्पष्ट करता है.जब की इस से पहले भी जुम्मा को अर्ध वार्शिक परीछा में उर्दू स्कूल को खुला रखा गया है। उर्दू के मोअल्लिम अकलियत प्राइमरी एजुकेशन एसोसिएशन के जिला सेक्रेटरी मास्टर मोहम्मद मोबीन अख्तर, नाराजगी का इजहार करते हुए कहा कि जुम्मा के दिन इम्तिहान लिया जाना न सिर्फ अकलियतों के हुकूक के खिलाफ वर्जि है बल्कि हुकूमत बिहार के फैसले कर भी मनाफी है। कारवानी उर्दू के जिला तर्जुमान अमानुल्लाह खालीद ने कहा कि जुम्मा का दिन सिर्फ उर्दू स्कूल में ही नहीं बल्कि मुसलमानों के लिए एक अहम दिन है इसी की वजह से हर एक सरकारी विभाग में 12:30 बजे से लेकर ढाई बजे तक मुसलमान कर्मचारियों को छुट्टी दी जाती है लेकिन यह एक सोची समझी साजिश के तहत इस छुट्टी को खत्म करने की सरकार की मंशा जाहिर हो रही है। जबकि करवाने उर्दू के जिला सेक्रेटरी मोहम्मद असजद अली ने कहा कि जो अपने आप अकलियतों की सरकार कहती है वही सरकार इस तरह के फैसले ले रहे हैं इससे आम मुसलमानों में हुकूमत के खिलाफ गलत रुझान जा रही है अगर इस तरह के फैसले वापस नहीं लिए गए तो हुकूमत के खिलाफ अकलियतों के दरमियान गलत मैसेज जाएंगे और मुझे उम्मीद है कि माननीय मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री इस फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। 

Tuesday, February 14, 2017

टोला सेवक और शिक्षा स्वयं सेवी का दो दिवसीय "" कमाल ""आधारित उन्मुखीकरण कार्यशाला सम्पन्न

प्रखण्ड संसाधन केँद्र परिहार सीतामढ़ी के सभा कक्ष में टोला सेवक और शिक्षा स्वयं सेवी केन्द्रों के सभी बच्चों के लिए पढ़ने-पढ़ाने, सिखने-सिखाने को लेकर प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने दो दिवसीय ग़ैर आवासीय "कमाल " आधारित उन्मुखीकरण कार्य शाला का आयोजन किया गया था जिस का आज समापन हुआ।" कमाल " कंबाइंड एक्टिविटीज फ़ॉर maximized के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का तरीका प्रथम संस्था के बी आर पी संतोष कुमार ने टोला सेवक और शिक्षा स्वयं सेवी प्रशिक्षुओं को दी।कार्यशाला समापन के समय के आर पी वीरेंद्र कुमार, लेखा समन्वयक दुःखा बैठा  प्रशिक्षण में महेंद्र साफी, लालू, पूनम कुमारी मोहम्मद कमरे आलम, हामिद अंसारी, नूरेन, उबैदुल्लाह, संतोष कुमार, रामबाबू ,सरफ़राज़,महबूब रेज़ा, असलम रेज़ा, मुस्तफा दर्ज़ी, ग़ुलाम समदानी, मोहम्मद हामिद, मुस्तफा अहमद,शाहीन परवीन, रिज़वाना खातून, बज़्मे आरा रोक्साना खातून, शहानी फात्मा,सफीना खातून, रुबीना तहसीन आदि कुल 38 प्रतिभागी मौजूद थे।


Monday, February 13, 2017

परिहार में कांग्रेस का जन वेदना कार्यक्रम

आज केंन्द्र सरकार के नोट बन्दी से आम जनता को हुई परेशानियों को अवगत कराने के लिए कांग्रेस ने गाँधी उच्च माध्यमिक विद्यालय परिहार के प्रांगण में ""जन वेदना कार्यक्रम ""का आयोजन 11.00बजे से किया है जिस में जिला अध्यक्ष विमल शुक्ला और प्रभारी विधान सभा क्षेत्र परिहार मोहम्मद परवेज़ आलम व सभी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं।कांग्रेस के पूर्व प्रखण्ड अध्यक्ष मोहम्मद सऊद आलम ने परिहार के अवाम से जन वेदना कार्यक्रम में हिस्सा लेने का अपील कर कार्यक्रम को सफल बनाने का अनुरोध किया है।

Sunday, February 12, 2017

10 फ़रवरी को उत्थान केंन्द्र और तालिमी मरकज़ के द्वारा दिया गया धरना मील का पत्थर साबित होगा

10 फ़रवरी 2017 को बिहार प्रदेश महादलित टोला सेवक संघ के आह्वान पर बिहार के लग भग 35 जिलों में जिला अध्यक्षों के अध्यक्षता में अपनी एक सूत्री मांग के समर्थन में जिला मुख्यालयों में शांति पूर्ण धरना का आयोजन कर अपनी एक सूत्री माँग "" मानदेय नही वेतन मान चाहिए और उत्थान केंन्द्र और तालिमी मरकज़ के कर्मी को प्राथमिक शिक्षक का दर्जा देकर विद्यालय में समायोजित किया जाए "" सरकार के समक्ष पेश किया और अपनी चट्टानी एकता का अद्भुत मिसाल पेश किया।मालूम हो की बिहार के सिर्फ तीन जिला ने धरना का समर्थन नही किया है।

उत्थान केंन्द्र और तालिमी मरकज़ के कर्मी अपने रौशन मुस्तक़बिल को देखते हुए पूरी तरह मुत्तहिद हो कर एक दिवसीय धरना को सफल करने के लिए रात दिन एक कर दिया था , इस धरना को असफल करने  के लिए  हर संभव प्रयास किया गया मगर धरना पूरी तरह कामयाब रहा।

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...