Saturday, November 04, 2017

सीतामढ़ी महादेवपट्टी गाँव में हुए गैस लीक काण्ड में झुलसे एक और जख्मी मुकेश पासवान की मौत/मृतक और पीड़ित परिवार को मदद नही

मोहम्मद दुलारे
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परिहार(सीतामढ़ी)।महादेवपट्टी गाँवमें हुए गैस लीक काण्ड में झुलसे एक और जख्मी मुकेश पासवान की मौत शनिवार को एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में हो गई। इस प्रकार इस घटना में अब तक मरने वालों की संख्या 3 हो गई है। मुकेश से पहले 31 अक्टूबर की रात रामप्रवेश पटेल और 3 नवंबर को मुकेश की 3 वर्षीया भतीजी राधा की मौत भी इलाज के दौरान एसकेएमसीएच में हो गई थी। यहाँ बता दें कि छठ पूजा से एक दिन पूर्व 25 अक्टूबर की रात महादेव पट्टी के मुकेश पासवान के घर में खाना गरम करने के दौरान पहले से लीक गैस में अचानक आग लग गया था। इस घटना में मुकेश सहित परिवार के 11 लोगों के अलावा पड़ोसी रामप्रवेश पटेल भी झुलसकर गंभीर रुप से जख्मी हो गए थे। घायलों को ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों की मदद से स्थानीय पीएचसी परिहार में भर्ती कराया गया था,बाद में सभी घायलों को एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया गया था। जिनमें से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना से गाँव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

तीन मौत के बाद टूटा भरोसा ः एसकेएमसीएच में एक-एक कर 3 घायलों की मौत के बाद  परिजनों का सब्र जवाब दे गया है। परिजनों ने एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में इलाजरत शेष 9 घायलों को वहाँ से लाकर सीतामढ़ी के एक निजी क्लीनिक में भर्ती करा ईलाज करवा रहे हैं। 

पंचायत के मुखिया अजय कुमार गौतम ने बताया कि झुलसे व्यक्तियों के इलाज के लिए सामाजिक स्तर पर चंदा किया जा रहा है। हर संभव मदद के लिए ग्रामीण तैयार हैं,मगर इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी ज़िला प्रशासन और स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों ,गैस विभाग के अधिकारियों का घटना स्थल का दौरा नही करना और न ही सरकारी इम्दाद देना मानवीय संवेदन हिनता को दर्शाता है,जबकि अभी तक तीन व्यक्तियों की मौत हो चुकी है जिसमें एक छोटी बच्ची भी है और नौ व्यक्ति अभी भी ज़िंदगी और मौत के बीच में लटके हुए हैं।ज़िला प्रशासन, स्थानी निर्वाचित प्रतिनिधियों सांसद, विधायक, गैस के अधिकारियों को तत्काल घटना स्थल का दौरा कर मृतक परिवार और गैस रिसाव से लगे आग में झुलसे पीड़ित व्यक्तियों की आर्थिक मदद करनी चाहिए।

Friday, November 03, 2017

बाल विकास एवं दहेज़ प्रथा उन्मूलन कार्यक्रम का उद्घाटन आज ही 1.00बजे अम्बेडकर स्थल डूमरा में

ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी जनाब नुरुल होदा खान की इत्तेला के मुताबिक़ महिला विकास निगम एवं समाज कल्याण विभाग बिहार सरकार के संयुक्त जन अभियान से राज्य व्यापी कार्यक्रम के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु शिक्षा विभाग साक्षरता के कला जत्था कलाकारों द्वारा आज ही "" बाल विकास एवं दहेज़ प्रथा उन्मूलन "" कार्यक्रम का उद्घाटन 1.00 बजे डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर प्रतिमा स्थल डूमरा में किया जाएगा।और 04 तारिख से सीतामढ़ी के विभिन्न प्रखण्डों में निर्धारित चार्ट के मुताबिक़ कार्यक्रम आयोजित होगा

फौकानिया/मौलवी 17 के छात्र 20 नवम्बर तक स्क्रूटनी के लिए करें आवेदन

फौकानिया/मौलवी 2017 के छात्र/छात्रा जो अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हैं 20 नवम्बर 2017 तक स्क्रूटनी के लिए मदरसा बोर्ड पटना में आवेदन दे सकते हैं।आवेदन के साथ नेट से निकाला गया मार्क शीट,दाखला कार्ड और प्रति विषय @RS-200/रुपया जमा करना है तमाम अभिलेख सम्बंधित मदरसा हेड से प्रमाणित होनी चाहिए।

Thursday, November 02, 2017

परिहार उत्तरी वार्ड 5 और 15 के बाढ़ पीड़ितों को नही मिला राहत राशि तो 7 से अनशन की चेतावनी

परिहार (सीतामढ़ी)।परिहार उत्तरी पंचायत वार्ड 5 और15 के बाढ़ पीड़ितों को 04 नवम्बर तक नही मिला राहत राशि तो 7 नवम्बर से अनशन की चेतावनी प्रखण्ड के वरिष्ठ नेता व समाज सेवी जनाब मोहम्मद सऊद आलम ने महामहिम राज्यपाल बिहार के नाम दिए गए खुले पत्र में कहा है पत्र की प्रति अंचल अधिकारी परिहार को भी सौंपी गई है। उक्त वार्डों को एक सोची समझी साजिश के तहत राहत राशि से वंचित किया गया है।बाढ़ से सबसे ज्यादा यही दो वार्ड प्रभावित हुआ था यहाँ तक की वार्ड15 में तो प्रभावित परिवारों को बचाने में NDRF भी लगी थी और बोट से लोगों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया था।

नाली निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल

परिहार(सीतामढ़ी)। प्रखण्ड अन्तर्गत ग्राम पंचायत परिहार उत्तरी के ग्राम एकडण्डी में पंचायत के द्वारा नाली निर्माण किया गया है जिस में बड़े पैमाने पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है नाली निर्माण में प्राक्कलन का कोई अनुपालन नही किया गया है और न ही कार्य स्थल पर साईन बोर्ड लगाया गया है ताकि पता चले की कार्य किस मद से हो रहा है और उसकी प्राक्कलित राशि कितने की है कनीय अभियंता और सहायक अभियंता की मिली -भगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग कर आर्थिक अपराध किया गया है ग्रामीणों ने जाँच की माँग ज़िला प्रशासन से कर आर्थिक अपराध और सरकारी राशि के दुरुपयोग पर रोक लगाने की गुहार की है।

Wednesday, November 01, 2017

सूचना आयुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी के वेतन से 25000 रुपये वितरण को स्थगित रखने का दिया आदेश

बिहार राज्य सूचना आयुक्त ने वाद संख्या-ए-3867/17 में ज़िला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी के वेतन से 25000/रुपये के वितरण पर अगले आदेश तक के लिए स्थगित रखने का आदेश पारित किया है साथ ही 30 दिनों के अन्दर वांछित सूचना आवेदक जनता दल के वरिष्ठ नेता श्री राकेश कुमार सिंह को निबंधित डाक से देने को कहा है। अपने आदेश में आयुक्त ने ज़िला शिक्षा पदाधिकारी को निदेशित किया है कि अगली सुनवाई की तिथि को स्वयं उपस्थित हो कर स्पष्टीकरण दें कि आवेदक को सूचना प्रदान करने में अनावश्यक विलम्ब के लिए क्यों नहीं उनके विरुद्ध 20(1) सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अर्थदण्ड अधिरोपित करते हुए उनके वेतन से वसूल किया जाए।आदेश की प्रति आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी और कोषागार पदाधिकारी सीतामढ़ी को भी भेजी गई है।मालूम हो कि राकेश कुमार सिंह ने लोक सूचना पदाधिकारी सह जिला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी से ऑनलाइन सूचना की माँग दिनांक 10.01.2017 को की थी मगर लोक  सूचना पदाधिकारी ने सूचना नही दिया इतना ही नही प्रथम अपील को भी ज़िला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी ने गंभीरता से नही लिया आखिरकार आवेदक को राज्य सूचना आयोग का रुख करना पड़ा । वैसे भी बिहार में किसी भी विभाग के लोक सूचना पदाधिकारी यहाँ तक कि प्रथम अपीलीय प्राधिकार भी सूचना उपलब्ध कराने में रुचि नहीं लेते हैं और आवेदक को राज्य सूचना आयोग जाना ही पड़ता है।  

Sunday, October 29, 2017

परिहार प्रखण्ड के 1से 8 वर्ग के छात्रों को अभी तक नही मिली छात्रवृति और पोशाक राशि

 परिहार सीतामढ़ी।परिहार प्रखण्ड के प्राथमिक विद्यालय और मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को अभी तक वित्तीय वर्ष 2016 - 2017 का पोशाक और छात्रवृति राशि उनके के खाते में हस्तांतरित नही की गई है मगर अतिरिक्त प्रभार में प्रतिनियुक्त प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं हैं।

जमीयत उलमा ए हिन्द की कार्यकारिणी की बैठक संपन्न

नई दिल्ली। 28 अक्टूबर
जमीयत उलमा ए हिन्द की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक केंद्रीय कार्यालय में मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी, अध्यक्ष जमीयत उलमा ए हिंद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में देश भर से जमीयत उलमा ए हिंद के लगभग दो हजार पदाधिकारियों, जिम्मेदारों और बुद्धिजीवियों ने शिरकत की।
इस अवसर पर जमीयत उलमा ए हिन्द के राष्ट्रीय सचिव मौलाना महमूद मदनी ने रिपोर्ट पेश करते हुए देश भर में साम्प्रदायिक शक्तियों के बयानों पर उत्तेजनापूर्ण जवाबी बयान और प्रतिक्रिया की राजनीति पर कड़ी आलोचना की और कहा कि एक साजिश के तहत देश के सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश जा रही है, ताकि कि जनता का ध्यान बुनियादी और आवश्यक समस्याओं से हटा दिया जाए, जनता की बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं और उन्हें अनावश्यक बातों से दिगभ्रमित किया जा रहा है। मौलाना मदनी ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश में भय का वातावरण एवं भय की राजनीति नहीं चलने दी जाएगी।ं हमें किसी से डर नही है, न ही किसी के डराने से डरते हैं
मौलाना मदनी ने प्रतिक्रिया की राजनीति को भी सख्त हानिकारक बताया और कहा कि जिस अंदाज में साम्प्रदायिक शक्तियां बात करती हैं, उसी अंदाज में मुसलमानों में से कुछ लोग तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते है, ऐसे लोग वास्तव में मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन है, वह जानबूझ कर या अनजाने मंेे साम्प्रदायिक ताकतों के बिछाए हुए जाल में खुद भी फंसते हैं और पूरे देश को फंसाते हैं। उन्होने लोगों से कहा कि मैं देश के आम लोगों से अपील करता हूं कि वे खरे खोटे और दोस्त दुश्मन की पहचान करके अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की कोशिश करें, हमें शत्रुओं के छल और अपनों की नादानी दोनों से बचना होगा।
मौलाना मदनी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के बदलने से हालात नहीं बदलने, बल्कि खुद के बदलने से हालात बदलते हैं, मुसलमान अगर अल्लाह और उसके रसूल का दामन थाम ले तो कोई आए कोई जाए मुसलमान का एक बाल भी बांका नहीं होगा उन्होंने कहा कि हम यह समझते हैं मुसलमान को विभिन्न चुनौतियों का सामना है, लेकिन बड़ी चुनौती तो इस्लाम के सामने है और वह किसी बाहरी शक्ति से नहीं बल्कि स्वयं हमारे कार्यों और भूमिका से है। हमें अपने अंदर सुधार करना चाहिए, यदि हम बदल गए तो हम भी सुरक्षित होंगे और इस्लाम की भी रक्षा करने की शक्ति प्राप्त होगी। मोलाना मदनी ने दीनी तालीम को बढ़ावा देने और सामाजिक सुधार पर जोर देते हुए कहा कि बहुत सारे मुसलमान कलमा तक नहीं जानते, हमें उन्हें बचाने के लिए आगे आना होगा।
इस बीच केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक मे देश और मिल्लत से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। देश के मौजूदा स्थिति और मुसलमानों की राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षिक बदहाली के निवारण से संबंधित रणनीति भी तय की गई। सांप्रदायिक दंगों की रोकथाम संबंधित एक प्रस्ताव भी पेश किया गया जिसमें प्रभावी कानून बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही इस बात पर गहरी चिंता जताई गई कि जमीयत उलेमा ए हिंद एवं शांतिप्रिय जनता और उनके मुखतलिफ प्रतिनिधियों के बार-बार अहृवान के बावजूद सांप्रदायिक दंगा नियंत्रण कानून बनाने की दिशा में किसी भी केंद्र सरकार ने कोई संजीदा प्रयास नहीं किया। अब तक सभी सरकारों ने विभिन्न बहानों और खतरों का बहाना बनाकर कानून मसौदा लागू करने से बचने का प्रयास किया है।
आतंकवाद के आरोप में निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी के संदर्भ में सरकार से मांग की गई कि जिन अधिकारियों ने झूठे मुकदमे बनाए और उन पर आधारित उन्हें पदोन्नति दी गईं या सम्मान दिए गए वे सभी वापस लिए जाएं और उन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। जिन लोगों को बरसों जेल में रखा गया और उनका कोई आरोप साबित नहीं हुआ, सरकार उनके पुनर्वास की जिम्मेदारी ले।
राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने और सांप्रदायिकता की रोकथाम के तरीके से संबंधित प्रस्ताव में इस बात को बहुत ही गंभीरता से महसूस किया गया कि कुछ प्रतिशत लोग सांप्रदायिक घृणा, वैमनस्यता फैलाकर अपने राजनीतिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यवस्थित एवं सुनियोजित तरीके से मीडिया को आकर्षित किया गया और भ्रामक प्रचार एवं विचारों को जनता के बीच परोसने का काम किया। सरकार एवं उनके राजनीतिक संगठन अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित करें और पूर्वाग्रह से ऊपर उठकर केवल सार्वजनिक व्यवस्था, शांत वातावरण, सांप्रदायिक सद्भावना, सहिष्णुता और बहुआयामी विकास को बढ़ावा देने के लिए खुद को समर्पित करें। साथ ही एक दूसरे प्रस्ताव में जमीयत उलमा ए हिन्द ने मुसलमानों के तमाम फिरकों से अपील की है कि अपने अपने मसलकों पर कायम रहते हुए परस्पर साझा समझ के साथ माहौल को बनायें और मुसलमानों में एक सही सोच को पैदा कर बढ़ावा दें।
मुस्लिम वक्फ संपत्तियों से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में वक्फ संपत्तियों की बदहाली पर चिंता करते हुए मांग की गई कि सभी वक्फ बोर्ड के कार्यालयों में पूर्णकालिक स्टाफ नियुक्त किया जाए। आईएएस और आईपीएस की तर्ज पर भारतीय वक्फ सेवा का विशेष कैडर बनाया जाए। .यह भी मांग की गई कि वक्फ संपत्तियों के संबंध में एक सशक्त केंद्रीय मंत्रालय गठित किया जाए जिसका मंत्री भी मुसलमान हो, तथा वक्फ संपत्ति संबंधी सच्चर कमेटी की रिपोर्ट संसद में पेश की जाए।
इसके अलावा कानपुर शहर में कपड़ा मिलों और टीनरयों समस्याओं, दलित और मुस्लिम एकता से संबंधित रणनीति, मुस्लिम वक्फ, स्कूल के बच्चों पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों को अनिवार्य करने के व्यवहार, रोहिंग्या के पीड़ित मुसलमानों की वैश्विक स्तर पर समस्याओं से राहत के उपायों, इस्लामी समस्याओं, दीन व ईमान सुरक्षा और इस्लाम के संबंध में फैलाई जाने वाली गलतफहमी के निवारण और प्रभावी नियंत्रण रणनीति और इमारते शरैया स्थिरता, स्थाई शिविर आयोजन की आवश्यकता जैसे मुद्दों पर कार्यकारिणी में स्वीकृत किए गए। सुझावों एवं सिफारिशों पर कार्यकारिणी बैठक में अध्यक्ष ने अपनी मुहर लगाई।
आज की जनरल बाॅडी की बैठक में जमीयत उलमा ए हिन्द के दो उपाध्यक्षों का भी चयन किया गया। मुफ्ती खैरूल इस्लाम, आसाम, और मौलाना अमानुल्ला, महाराष्ट्र का उपाध्यक्ष पद पर चयन किया गया। आज की इस बैठक में सुबह साढ़े आठ बजे जमीयत उलमा ए हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष के हाथों ध्वजारोहण बैठक शुरू हुआ। आंदोलन अध्यक्षता मौलाना मतीनुल हक ओसामा कानपुरी ने पेश की, जबकि वार्षिक रिपोर्ट पेश की। बैठक देर शाम तक चली। समापन अध्यक्ष के दुआ कराने के बाद हुआ।
आज की बैठक में मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना खालिद सैफल्लाह रहमानी, मौलाना सिद्दीक अल्लाह चैधरी अध्यक्ष जमीअत उलेमा पश्चिम बंगाल, मौलाना मतीनुल हक ओसामा, प्रोफेसर निसार अहमद अंसारी गुजरात, मुफ्ती मोहम्मद राशिद आजमी, मौलाना हाफिज नदीम सिद्दीकी, मुफ्ती इफ्तिखार अहमद कर्नाटक, मुफ्ती बिदालमगनी हैदराबाद, मौलाना मुहम्मद कासिम बिहार, मुफ्ती जावेद इकबाल बिहार, मुफ्ती सैयद मोहम्मद अफ्फान मंसूरपूरी, मौलाना सलमान बिजनौर, मोलाना नियाज अहमद फारूकी, हाफिज पीर शब्बीर अहमद आध्रा प्रदेश, मौलाना मोहम्मद रफीक गुजरात, मौलाना अब्दुल वाहिद खत्री राजस्थान, मौलाना मोहम्मद ध्वनि मन गढ़ी धन, मौलाना याहया मेवात, मौलाना अली हसन, जमीयत उलेमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, मौलाना कारी शौकत अली, हाफिज बशीर अहमद असम, मौला न मंसूर काशनि तमिलनाडु, मौलाना मोहम्मद जाकिर कासमी महाराष्ट्र, मुफ्ती अहमद दीलह गुजरात, मौलाना शमसुद्दीन बिजली कर्नाटक, मौलाना अब्दुल कादिर असम, मौलाना सईद मणिपुर, मौलाना रहमतुल्ला कश्मीर, मोलाना जललुद्दीन अहमद, मौलाना अबू झारखंड, मौलाना कलीम उल्लाह खां कासमी, मोलाना डॉ मोहम्मद इस्लाम कासमी उत्तराखंड, मौलाना हकीम दीन कासमी, मौलाना मोहम्मद आबिद दिल्ली आदि ने भी अपने विचार रखे।

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