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Sunday, June 03, 2018

बिहार में तालिमी मरकज़ का संचालन एक फीसदी भी धरातल पर नही

अल्पसंख्यक सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों की सेवा समाप्त कर दिए जाने के बाद बिहार में तालिमी मरकज़ का संचालन एक फीसदी भी धरातल पर नही हो रहा है ।बिहार में तालिमी मरकज़ का संचालन जन शिक्षा, शिक्षा विभाग के अधीन संचालित है।जानकारों का कहना है कि यह योजना अल्पसंख्यक समुदाय के बीच शिक्षा का प्रचार - प्रसार का कम, अनुश्रवण, प्रबोधन मानदेय राशि प्राप्त करने का एक मात्र साधन बन गया है।योजना का लगाव ज़मीनी स्तर पर दूर - दूर तक नज़र नहीं आ रहा है ।
तालिमी मरकज़ 10 दिसम्बर 2012 से दलित अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना के तहत जन शिक्षा विभाग के अन्तर्गत संचालित किया जा रहा है छः वर्षों में इस योजना पर अरबों रुपये खर्च किया जा चुका है मगर हक़ीक़त यह है कि अरबों रुपये खर्च करने के बावजूद इस योजना से शायद ही कोई मुस्लिम महिला लिखना -पढ़ना सीख पाई होगी और मुस्लिम बच्चे को फायदा हुआ होगा। कमाल तो यह है कि अनुश्रवण और प्रबोधन के नाम पर भी अरबों रुपए खर्च कर दिया गया मगर कुछ हासिल नहीं।
जब यह योजना बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के तहत संचालित हुआ करता था तो तालिमी मरकज़  ज़मीनी स्तर पर दिखाई पड़ता था जबकि कोई अनुश्रवण और प्रबोधन नही होता था और न पानी की तरह पैसा ही बर्बाद किया जाता था।

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