Wednesday, June 06, 2018

मार्गदर्शिका की अनदेखी कर तालिमी मरकज़ में नियमतः बहाल अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य ज़ाति शिक्षा स्वयं सेवी को निदेशक जन शिक्षा ने सेवा मुक्त करने का दिया आदेश

मार्गदर्शिका की अनदेखी कर तालिमी मरकज़ में नियमतः बहाल अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य ज़ाति शिक्षा स्वयं सेवी को निदेशक जन शिक्षा ने सेवा मुक्त करने का  आदेश अपने पत्रांक 1088 दिनांक 19.05.2018 के द्वारा ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी सीतामढ़ी को दिया गया है।
बिहार में वर्ष 2008 में मुस्लिम समुदाय के 6 से 10 वर्ष के विद्यालय से बाहर के बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा प्रदान करने के लिए वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत तालिमी मरकज़ का प्रारंभ किया गया था और तालिमी मरकज़ में नामांकित बच्चों को शिक्षा देने के लिए शिक्षा स्वयं सेवक की बहाली की गई थी। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना ने शिक्षा स्वयं सेवक की बहाली के लिए मार्गदर्शिका तैयार किया था और अपने पत्रांक AIE/92/2008-09 5344 दिनांक 13.10.2008 के साथ संलग्न कर बिहार के सभी जिला शिक्षा अधीक्षक सह ज़िला कार्यक्रम समन्वयक को भेजा गया था ।तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका में स्पष्ट था कि मुस्लिम समुदाय के सभी बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने के हेतु सामाजिक तथा आर्थिक रूप से अत्यंत पिछड़े मुस्लिम समुदाय के प्रत्येक गाँव टोला में तालिमी मरकज़ प्रारम्भ किया जाएगा। शिक्षा स्वयं सेवक के चयन में अर्हता में था कि स्वयं सेवक आवश्यक रूप से सामाजिक तथा आर्थिक रूप से अत्यंत पिछड़े मुस्लिम समुदाय से लिये जाएंगे तथा संचालित मरकज़ के गाँव टोले से प्राथमिकता के के तौर पर लिए जाएंगे। निर्गत मार्ग दर्शिका में कहीं भी अंकित नही था कि परिशिष्ट-1ने दर्ज मुस्लिम जातियों के आवेदक का ही चयन शिक्षा स्वयं सेवक के रूप में किया जाएगा ।मार्गदर्शिका में निहित प्रावधान के मुताबिक शिक्षा स्वयं सेवक के रूप में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जातियों के आवेदक का चयन किया गया और प्रशिक्षण देकर तालिमी मरकज़ का संचालन प्रारंभ किया गया था।
वर्ष 2009 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना ने  2008 में निर्गत मार्गदर्शिका में पत्रांक TM/AIE/92/2008-09 3982 दिनांक 14.08.2009 के द्वारा संशोधन कर दिया और कहा कि तालिमी मरकज़ में स्वयं सेवक का चयन परिशिष्ट -1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों का ही किया जाएगा।
मार्गदर्शिका 2009 को ही आधार बनाकर निदेशक जन शिक्षा शिक्षा विभाग पटना ने मार्गदर्शिका 2008 के मुताबिक बहाल मुस्लिम समुदाय के सामान्य जातियों के शिक्षा स्वयं सेवकों को भी सेवा मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है जो नियमतः ग़लत है।
वर्ष 2009 में संशोधित तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका जारी होने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक सह ज़िला कार्यक्रम समन्वयक सीतामढ़ी ने राज्य परियोजना परिषद निदेशक बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना से मार्गदर्शन माँगा था कि तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका 2008 के मुताबिक आर्थिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के आवेदक जिनका नियोजन तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक के रूप में किया गया है उनका क्या जाए तो निदेशक ने मार्गदर्शन दिया था कि उनको प्रशिक्षण देकर तालिमी मरकज़ का संचालन किया जाए ।मार्गदर्दशन प्राप्ति के बाद ज़िला पदाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर नियोजित शिक्षा स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण दिया गया और केंद्र संचालित किया गया था।मार्गदर्शन से संबंधित निदेशक का पत्र परियोजना कार्यालय के संचिका में उप्लब्ध है।
तालिमी मरकज़ का स्वरूप अस्थाई व्यवस्था के रूप में रहा जिसे दो वर्ष की अवधि पूरा करने पर बन्द करने का प्रावधान था।
10 दिसम्बर 2012 से तालिमी मरकज़ का संचालन बिहार सरकार के आदेश से जन शिक्षा निदेशालय शिक्षा विभाग के अधीन कर दिया गया और राज्य संपोषित " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना प्रारंभ की गई। तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग अमर जीत सिन्हा ने पत्रांक-13/सा-18/2012 2670 दिनांक 03.12.2012 निर्गत किया था पत्र के टोला सेवक एवं शिक्षा स्वयं सेवी की पहचान में स्पष्ट रूप में अंकित है कि राज्य स्तर पर यह निर्णय लिया गया है कि पूर्व के उत्थान केंद के टोला सेवक एवं तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वंय सेवी इस योजना में वी टी(शिक्षा स्वयं सेवक) का कार्य करेंगे।उक्त पत्र के आलोक में ही तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवकों को उक्त योजना में योगदान करवाया गया और कार्य लिया जा रहा है।
बिहार सरकार शिक्षा विभाग के "मुस्लिम महिला तालिमी मुहिम " परिपत्र के कंडिका 2 में अंकित है कि मुस्लिम समुदाय के सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से अतिपिछड़े (परिशिष्ट 1) सभी मुस्लिम जातियों के बीच तालिमी मरकज़ पहल प्रारंभ किया गया जिसे बाद में सम्पूर्ण मुस्लिम समुदायों के लिए खोल दिया गया।उस के बावजूद निदेशक जन शिक्षा ने मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों को सेवा मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है।

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