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Thursday, July 26, 2018

बिहार के विभिन्न जिलों में निवास करने वाले शैख़ (मुस्लिम) जाति को परिशिष्ट 1 में शामिल किया जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार ।
विषय :- बिहार राज्य में निवास करने वाले मुस्लिम शैख़ जाति को परिशिष्ट 1 में सम्मिलित करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि बिहार के विभिन्न जिलों में निवास करने वाले शैख़ जाति की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है जो आर्थिक जनगणना के आंकड़ों से भी स्पष्ट है।हर क्षेत्र में दयनीय स्थिति होने के कारण समाज में भी तिरस्कृत निगाहों से देखा जाने लगा है। शैख़ जाति के लोगों को "सेखवा " तक बोला जाने लगा है।
           अतः माननीय मुख्यमंत्री बिहार से अनुरोधहै कि शैख़ (मुस्लिम) जाति को परिशिष्ट 1 में शामिल करने की कृपा करें ताकि शैख़ जाति का भी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक विकास हो।

विश्वास भाजन
मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार
ज़िला सीतामढ़ी पिन 843324
मोबाइल 9199320345

Wednesday, July 25, 2018

माननीय मुख्यमंत्री बिहार के नाम खुला पत्र

सेवा में,
महामहिम राज्य पाल
बिहार सरकार पटना
________________
श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री,बिहार
____________________
माननीय शिक्षा मंत्री
बिहार सरकार

द्वारा :- ज़िला पदाधिकारी ______

विषय :- अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था ।
बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया ।
पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था जो मुस्लिम महिला तालीमी मरकज़ परिपत्र से स्पष्ट है।
1. तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए आर्थिक तथा सामाजिक आधार की बुनियाद पर, शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में सम्पूर्ण बिहार में सामान्य जाति के लोगों का भी नियोजन किया गया था।
2. 10 दिसंबर 2012 से तालीमी मरकज़ का संचालन सरकार के आदेश से जन शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन किया जा रहा है। वर्ष 2012 - 2013 में राज्य संपोषित कार्यक्रम " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "शुरू किया गया और उसमें सभी तालीमी मरकज़ के शिक्षास्वंय सेवी को शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग के आदेश पर  रखा गया था।

3. इधर 2018 में 2009 में निर्गत दिशा निर्देश को आधार बनाकर सभी अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवक को सेवा मुक्त किया जा रहा है/कर दिया गया है ।

4. 23 जुलाई 2018 को "महादलित दलित एवं अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "चयन एवं सेवाशर्त 2018 निर्गत कर योजना को पूरी तरह परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है और सामाम्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक की सेवा समाप्त कर दी गई है। और सेवा समाप्ति से रिक्त हुए पद पर चयन प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवी आठ साल की सेवा उक्त योजना में देने के पश्चात सेवा मुक्त कर दिए गए हैं अब उनकी उम्र भी नहीं बची है कि दूसरे सेवा में जा सकें।सेवा मुक्ति की कार्रवाई से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है और बेरोजगारी ,भूकमरी की समस्या आ गई है।
5. माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ये सच्चाई है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के लोगों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति आज की तारीख़ में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर है आप बिहार के राजा हैं आंकड़ा मँगवा कर देखा जा सकता है।
6. श्री राजिन्दर सच्चर कमेटी ने भी अपने रिपोर्ट में भारत के मुस्लिमों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति दयनीय होने के सम्बंध में रिपोर्ट पेश किया था और सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सुधार की अनुशंसा की थी, न की मुस्लिम समुदाय के किसी खास जाति के बारे में।
7. महादलित, दलित अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना " के कंडिका 1(2) में अंकित किया गया है कि साक्षरता और शिक्षा में पिछड़ेपन के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय एवं वर्ग में शिक्षा और साक्षर बिहार के लिए चुनौती है।
नोट :-सामाजिक औरआर्थिक रूप से "पिछड़े समुदाय मुस्लिम " में नही बल्कि सामान्य मुस्लिम में शिक्षा और साक्षरता बिहार में चुनौती है।
2011के जनगणना से सामान्य मुस्लिम समुदाय के आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक स्थिति का आंकलन किया जा सकता है।
सामान्य जातियों के उत्थान के लिए बनी उच्च आयोग बिहार पटना ने भी कहा था कि सरकार द्वारा संचालित तालीमी मरकज़ का लाभ उच्च जाति के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोग इसका लाभ ले सकते हैं परन्तु वर्तमान में तालीमी मरकज़ में बहाल सामान्य मुस्लिम समुदाय के शिक्षा स्वयं सेवकों को हटा दिया गया है और नई नियामवली एवं सेवाशर्त निर्गत कर इस योजना को परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर सामान्य जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े  मुस्लिम को योजना के लाभ से वंचित कर कार्यरत शिक्षा स्वयं सेवकों को बेरोज़गार कर दिया गया है।

अतः विनम्र निवेदन है कि सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को पूर्वत बहाल रखने का आदेश शिक्षा विभाग को देने की कृपा करें या सेवा मुक्त किये गए सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने की कृपा की जाए साथ ही चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन कर इस योजना को सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल देने की कृपा करें ताकि आपके "न्याय के साथ विकास "का नारा चरितार्थ हो।

विश्वाशभाजन

नाम               पद          पूरा पता        मोबाइल नंबर       हस्ताक्षर

1.

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Tuesday, July 24, 2018

छात्र -छात्राओं को नही मिला पोशाक , छात्रवृति की राशि

छात्र -छात्राओं को नही मिला पोशाक और छात्रवृति की राशि

परिहार सीतामढ़ी।परिहार प्रखण्ड के प्राथमिक  और मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र - छात्राओं को आज तक वित्तीय वर्ष 2016 - 2017 ,2017 -2018 का पोशाक और छात्रवृति राशि उनके  खाते में /अभिभावकों के खाते में हस्तांतरित नही की गई है।
लेकिन  प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी परिहार के स्तर से कोई कार्रवाई देखने को  नहीं मिल रहा है और न ही ज़िला सतह पर ही कोई कार्रवाई की जा रही है।

Complaint

MD QAMRE ALAM
Account No.31057253138
Mobile 9470227456
E-mail mdqamrealam6@gmail.com
State Bank of India
ADB Parihar (04657)
Sitamarhi

Subject: - Regarding not linked to bank account Aadhar and PAN card number.
Dear Sir,
I have copied the Aadhar and PAN card photo copies for linking my bank account with Aadhar and PAN card number but it has not been linked.

ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी ज़ियाउल होदा खाँ ने साक्ष्यों को छिपा कर तालिमी मरकज़ में नियोजित अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों के सेवा समाप्ति का रास्ता किया साफ

शिक्षा विभाग औऱ नीतीश कुमार के इशारे पर ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी ज़ियाउल होदा खाँ ने साक्ष्यों को छिपा कर तालिमी मरकज़ में नियोजित अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों के सेवा समाप्ति का रास्ता  साफ किया है और हज़ारों सामान्य अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के शिक्षा स्वयं सेवकों को बेरोज़गारी की ज़िन्दगी जीने पर विवश कर दिया है।
सरकार ने सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा समाप्त कर साबित कर दिया है कि ये अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य मुस्लिमों की सरकार नही है।

परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली /जाँच के नाम पर खानापूरी/ ऐसे भी स्कूल में तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक का नियोजन किया गया है जिस स्कूल में एक भी मुस्लिम समुदाय का बच्चा नहीं पढ़ता है

परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली

सीतामढ़ी ज़िला अन्तर्गत वर्ष 2016 में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के द्वारा शिक्षा स्वयं सेवकों का चयनोंप्रांत प्रशिक्षण देकर केंद्र संचालित किया गया था और मानदेय भुगतान मद में निदेशक जन शिक्षा पटना से आवंटन की माँग की गई थी आवंटन तो नही भेजा गया चयन प्रक्रिया की जाँच का पत्र उप सचिव शिक्षा विभाग बिहार पटना द्वारा पत्रांक 2423 दिनांक 20.09.2017 जो ज़िला पदाधिकारी सीतामढ़ी को संबोधित था।जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी ने जाँच हेतु तीन सदस्यीय जाँच टीम बना कर जाँच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।  परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली जिला तालिमी मरकज़ संघ सीतामढ़ी के  पदाधिकारियों के द्वारा की गई है और दी गई है।
जाँच टीम ने जाँच के नाम पर सिर्फ खाना पूरी की गई चयन प्रक्रिया की तथ्यात्मक जाँच नही की गई है।मालूम हो कि ऐसे भी स्कूल में तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक का नियोजन किया गया है जिस स्कूल में एक भी मुस्लिम समुदाय का बच्चा नहीं पढ़ता है। उदाहरण स्वरूप परिहार प्रखण्ड का मध्य विद्यालय परिहार कन्या ऐसे बहुत सारे विद्यालय हैं।
अंकनियहै कि
1.प्रत्येक केन्द्र पर एक ही आवेदक हैं। क्या  सही तरीके से प्रचार प्रसार कर नियोजन की प्रक्रिया की जाए तो ऐसा होगा ? जहाँ मानदेय के रूप में 8000/ रुपये मिलता हो ?
2.नियोजन से पूर्व केंद्र स्थल का चयन होना चाहिए क्या ऐसा हुआ ?
3.स्थल चयन के बाद केन्द्र पर नामांकित होने वाले माता पिता/अभिभावकों की आम सभा बुला कर संचालन समिति गठित करने का प्रावधान है क्या आम सभा के लिए लिखित रूप में सूचना का प्रकाशन किया गया ?

4.आवेदन करने के लिए लिखित सूचना प्रकाशित की गई ?
जाँच में इन सभी बातों को सामने रखा जानी चाहिए था।

जाँच पदाधिकारी ने सूची में सम्मिलित अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवी की कोई जाँच नही की और न ही पक्ष जाना।

Tuesday, July 17, 2018

नीतीश कुमार की सरकार सामान्य मुस्लिम की नही अतिपिछड़े मुस्लिमों की है

"" मुस्लिम महिला तालिमी मुहिम ""  परिपत्र के कंडिका 2 से स्पष्ट है कि तालिमी मरकज़ सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया।सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया तो बिहार शिक्षा परियोज परिषद पटना द्वारा इस सम्बंध में परिपत्र भी निर्गत किया गया होगा।भारत सरकार द्वारा उक्त कार्यक्रम में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद को ग्रान्ट देना बन्द कर दिया गया तो तालिमी मरकज़ का संचालन 10 दिसम्बर 2012 से जन शिक्षा के नियंत्रणाधिन कर दिया और वर्ष 2013 में राज्य संपोषित योजना "महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना " (यहाँ अल्पसंख्यक से अभिप्राय सम्पूर्ण मुस्लिम जातियाँ है )  का प्रारंभ किया गया जिस में सभी पूर्व तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक को "शिक्षा स्वयं सेवक "के रूप में रखने का प्रावधान किया गया और जहाँ तालिमी मरकज़ का संचालन नही हुआ था या शिक्षा स्वयं सेवी नही थे वहाँ बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा निर्गत तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका के अनुसार चयन करने की बात कही गई है । (यहाँ बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के उस तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका से अभिप्राय है जिस में सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए तालिमी मरकज़ को  खोल दिया गया न कि पत्रांक 3982 दिनांक 14.08.2009 से निर्गत मार्ग दर्शिका)।
अतः ये कहना कि उक्त योजना  सिर्फ परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए ही है परिपत्र को नकारने जैसा है।

Saturday, July 07, 2018

माननीय मुख्यमंत्री बिहार के नाम खुला पत्र

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार सरकार पटना
माननीय शिक्षा मंत्री
बिहार सरकार पटना
मुख्य सचिव, बिहार सरकार पटना
प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग
बिहार सरकार पटना
विषय:-निदेशक जन शिक्षा, शिक्षा विभाग बिहार पटना के पत्रांक 1088 दिनांक 19.05.2018 को निरस्त करने एवं अल्पसंख्यक सामान्य जाति तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वंय सेवक के सेवा को बहाल रखने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि

तालिमी मरकज़ में नियमतः बहाल अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य ज़ाति शिक्षा स्वयं सेवी को निदेशक जन शिक्षा,शिक्षा विभाग बिहार पटना ने मुखर आदेश निर्गत कर सेवा मुक्त करने का  आदेश अपने पत्रांक 1088 दिनांक 19.05.2018 के द्वारा ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी को दिया गया है।
साथ ही ज्ञापंक 1098 दिनांक 22.05.2018 निर्गत कर सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता को अल्पसंख्यक सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक को सेवा मुक्त करने का आदेश दिया है।
महाशय,
बिहार में वर्ष 2008 में मुस्लिम समुदाय के 6 से 10 वर्ष के विद्यालय से बाहर के बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा प्रदान करने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के " वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम ", अंतर्गत तालिमी मरकज़ का प्रारंभ किया गया था और तालिमी मरकज़ में नामांकित बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा देने के लिए शिक्षा स्वयं सेवक की बहाली की गई थी। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना ने शिक्षा स्वयं सेवक की बहाली के लिए मार्गदर्शिका तैयार किया था और अपने पत्रांक:- AIE/92/2008-09 5344 दिनांक 13.10.2008 के साथ संलग्न कर बिहार के सभी जिला शिक्षा अधीक्षक- सह -ज़िला कार्यक्रम समन्वयक को भेजा गया था ।तालिमी मरकज़ के उक्त मार्गदर्शिका में स्पष्ट था कि मुस्लिम समुदाय के सभी बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने  हेतु ""सामाजिक तथा आर्थिक"" रूप से अत्यंत पिछड़े मुस्लिम समुदाय के प्रत्येक गाँव टोला में तालिमी मरकज़ प्रारम्भ किया जाएगा। शिक्षा स्वयं सेवक के चयन में  मार्गदर्शिका के कंडिका 5 में स्पष्ट अंकित था कि स्वयं सेवक आवश्यक रूप से ""सामाजिक तथा आर्थिक"" रूप से अत्यंत पिछड़े मुस्लिम समुदाय से लिये जाएंगे तथा संचालित मरकज़ के गाँव टोले से प्राथमिकता  के तौर पर लिए जाएंगे। निर्गत मार्गदर्शिका में कहीं भी अंकित नही था कि परिशिष्ट-1में दर्ज सभी मुस्लिम जातियों के आवेदक का ही चयन शिक्षा स्वयं सेवक के रूप में किया जाएगा।मार्गदर्शिका में निहित प्रावधान के मुताबिक शिक्षा स्वयं सेवक के रूप में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जातियों के आवेदक का चयन किया गया और प्रशिक्षण देकर तालिमी मरकज़ का संचालन प्रारंभ किया गया था।चयन प्रक्रिया सम्पन्न होने के लग - भग एक साल 5 महीने बाद  वर्ष 2009 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना ने  2008 में निर्गत मार्गदर्शिका में पत्रांक TM/AIE/92/2008-09 3982 दिनांक 14.08.2009 के द्वारा संशोधन किया गया  और कहा कि तालिमी मरकज़ में स्वयं सेवक का चयन परिशिष्ट -1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों का ही चयन किया जाएगा । परन्तु अल्प मानदेय होने के कारण अभ्यर्थियों के कमी होने के कारण डायरेक्टर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना से मार्गदर्शन प्राप्त होने के बाद अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जातिओं का भी उक्त योजना में नियोजन किया गया।
अंकनिय है कि मार्गदर्शिका 2009 को ही आधार बनाकर निदेशक जन शिक्षा, शिक्षा विभाग बिहार पटना ने मार्गदर्शिका 2008 के मुताबिक बहाल मुस्लिम समुदाय के सामान्य जातियों के शिक्षा स्वयं सेवकों को भी सेवा मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है जो नियमतः ग़लत है।विदित हो कि
वर्ष 2009 में संशोधित तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका जारी होने के बाद तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक सह ज़िला कार्यक्रम समन्वयक सीतामढ़ी ने राज्य परियोजना  निदेशक ,बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना से मार्गदर्शन माँगा था कि तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका 2008 के मुताबिक आर्थिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के आवेदक जिनका नियोजन तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक के रूप में किया गया है उनका क्या जाए तो निदेशक ने मार्गदर्शन दिया था कि उनको प्रशिक्षण देकर तालिमी मरकज़ का संचालन किया जाए ।मार्गर्दशन प्राप्ति के बाद  ज़िला पदाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर नियोजित शिक्षा स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण दिया गया और केंद्र संचालित किया गया था।मार्गदर्शन से संबंधित निदेशक का पत्र परियोजना कार्यालय के संचिका में उप्लब्ध है।
तालिमी मरकज़ का स्वरूप अस्थाई व्यवस्था के रूप में रहा जिसे दो वर्ष की अवधि पूरा करने पर बन्द करने का प्रावधान था।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना को उक्त योजना के संचालन हेतु वर्ष 2012 में भारत सरकार द्वारा अनुदान देना बन्द कर दिया गया तो

10 दिसम्बर 2012 से तालिमी मरकज़ का संचालन बिहार सरकार के आदेश से जन शिक्षा निदेशालय शिक्षा विभाग के अधीन कर दिया गया और राज्य संपोषित " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना का प्रारंभ कर तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी को इस योजना में योगदान करवा कर कार्य लिया जा रहा है । तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग अमर जीत सिन्हा ने पत्रांक-13/सा-18/2012 2670 दिनांक 03.12.2012 निर्गत किया था पत्र के टोला सेवक एवं शिक्षा स्वयं सेवी की पहचान में स्पष्ट रूप में अंकित है कि राज्य स्तर पर यह निर्णय लिया गया है कि पूर्व के उत्थान केंद के टोला सेवक एवं तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वंय सेवी इस योजना में वी टी(शिक्षा स्वयं सेवक) का कार्य करेंगे।उक्त पत्र के आलोक में ही तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवकों को उक्त योजना में योगदान करवाया गया और कार्य लिया जा रहा है।
3. "" मुस्लिम महिला तालिमी मुहिम ""  परिपत्र के कंडिका 2 से स्पष्ट है कि तालिमी मरकज़ सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया।सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया तो बिहार शिक्षा परियोज परिषद पटना द्वारा इस सम्बंध में परिपत्र भी निर्गत किया गया होगा।
अतः ये कहना कि उक्त योजना  सिर्फ परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए ही है, परिपत्र को नकारने जैसा है।

बिहार सरकार शिक्षा विभाग के "मुस्लिम महिला तालिमी मुहिम " परिपत्र के कंडिका 2 में अंकित है कि मुस्लिम समुदाय के सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से अतिपिछड़े (परिशिष्ट 1) सभी मुस्लिम जातियों के बीच तालिमी मरकज़ पहल प्रारंभ किया गया जिसे बाद में सम्पूर्ण मुस्लिम समुदायों के लिए खोल दिया गया।उस के बावजूद निदेशक जन शिक्षा ने मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों को सेवा मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया  है।जिसके अनुपालन में ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता द्वारा अल्पसंख्यक सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक की सेवा समाप्त कर दी गई है।
महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना को मुस्लिमों में सिर्फ परिशिष्ट1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है ।

"" महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "" को मुस्लिमों में सिर्फ परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित कर देना शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन है ।
राज्य सरकार द्वारा परिभाषित शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अभवंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय को रखा गया है।उक्त योजना को परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित कर अल्पसंख्यक सामान्य जाति को लाभ से वंचित कर दिया गया है जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम में परिभाषित अल्पसंख्यक समुदाय को मिले अधिकार का उलंघन है क्योंकि सामान्य मुस्लिम भी अल्पसंख्यक हैं।
                 अतः माननीय/श्रीमान से अनुरोध है कि निदेशक के उक्त निर्गत पत्र को निरस्त करते हुए अल्पसंख्यक सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक के सेवामुक्त करने की कार्रवाई से संबंधित पत्र को निरस्त किया जाए एवं अल्पसंख्यक सामान्य जाति की सेवा बहाल रखने का निदेश शिक्षा विभाग को देने की कृपा करें।

विश्वास भाजन

मोहम्मद कमरे आलम
शिक्षा स्वयं सेवक
एकडण्डी, परिहार, सीतामढ़ी
पिन 843324 बिहार
मोबाइल 9199320345

Thursday, July 05, 2018

निदेशक जन शिक्षा शिक्षा विभाग पटना के पत्रांक 1088 दिनांक 19 मई 2018 का अनुपालन नही, शिक्षा स्वयंसेवियों को अभी तक नहीं मिला कार्यरत अवधि का मानदेय

निदेशक जन शिक्षा ,शिक्षा विभाग बिहार पटना के पत्रांक 13/वी●03-50/2016- 1088 दिनांक 19 मई 2018 का अनुपालन ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के द्वारा डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद नही किया गया है ।
निदेशक जन शिक्षा ने पत्र के विंदू 06 में स्पष्ट निर्देश दिया था कि सभी कार्यरत शिक्षा स्वयंसेवियों के कार्यरत अवधि का नियमानुसार मानदेय भुगतना किया जाए परन्तु सभी (जिस में मुख्य रूप से 21 ) शिक्षा स्वयंसेवियों को अभी तक कार्यरत अवधि का मानदेय भुगतान नही किया गया है जबकि निदेशक ने पत्र में उल्लेखित किया था कि दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए एक पक्ष में पूर्ण अनुपालन प्रतिवेदन निदेशालय को प्राप्त कराने का आदेश ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी को दिया था।

Tuesday, July 03, 2018

अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य शिक्षा स्वयं सेवी से अपील

साथियों
जिन जिलों में स्पष्टीकरण की माँग की गई है अपना अपना स्पष्टीकरण मज़बूत साक्ष्य के आधार पर दें।
जैसे जिन का नियोजन पत्रांक 5344 दिनांक 13.10.2008के आलोक में हुआ उसका औऱ पत्रांक 2670 दिनांक 03.12.2012 का हवाला दें ।
जिनका नियोजन पत्रांक 2336 दिनांक 23 .12.2013 के आलोक में हुआ उसका हवाला दें।
जिनका नियोजन पत्रांक 3982 दिनांक  14.08.2009 से हुआ है वे पत्रांक 47 दिनांक 04.01.2011
का हवाला देते हुए दें।

आपका साथी
मोहम्मद कमरे आलम
सीतामढ़ी
मोबाइल 9199320345

अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य शिक्षा स्वयं सेवी से अपील

साथियों
जिन जिलों में स्पष्टीकरण की माँग की गई है अपना अपना स्पष्टीकरण मज़बूत साक्ष्य के आधार पर दें।
जैसे जिन का नियोजन पत्रांक 5344 दिनांक 13.10.2008के आलोक में हुआ उसका औऱ पत्रांक 2670 दिनांक 03.12.2012 का हवाला दें ।
जिनका नियोजन पत्रांक 2336 दिनांक 23 .12.2013 के आलोक में हुआ उसका हवाला दें।
जिनका नियोजन पत्रांक 3982 दिनांक  14.08.2009 से हुआ है वे पत्रांक 47 दिनांक 04.01.2011
का हवाला देते हुए दें।

आपका साथी
मोहम्मद कमरे आलम
सीतामढ़ी
मोबाइल 9199320345

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...