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Wednesday, August 29, 2018

के ●आर ●पी●अक्षर आँचल योजना के संलिप्तता से नही होता है महिला साक्षरता केंद्र और कोचिंग सेंटर का संचालन

के ●आर ●पी●अक्षर आँचल योजना के संलिप्तता के कारण सम्पूर्ण बिहार में  महिला साक्षरता केंद्र और कोचिंग सेंटर का संचालन जमीनी स्तर पर नही किया जाता है।प्रखण्ड स्तर पर के आर पी और जिला स्तरीय पदाधिकारियों के द्वारा केंद्रों का अनुश्रवण और प्रबोधन किया ही नहीं जाता है प्रबोधन राशि के प्राप्ति के लिए मासिक बैठक में उपस्थित टोला सेवकों/शिक्षा स्वयं सेवकों से प्रबोधन प्रपत्र पर हस्ताक्षर करवा लिया जाता है वहीं निरीक्षण पंजी, उपस्थिति पंजी मँगवा कर निरीक्षण कर लिया जाता है लगभाग ये स्थिति सम्पूर्ण बिहार में अपनाई जा रही है।

परिवाद संख्या

404116026071800218

सेवा में,
श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार सरकार पटना

विषय :- तालिमी मरकज़ में नियोजित सामाजिक तथा आर्थिक रूप से अत्यन्त पिछड़े मुस्लिम समुदाय के सामान्य कोटि के शिक्षा स्वयं सेवी को बहाल रखने के साथ ही साथ मार्गदर्शिका संशोधित करने का आदेश देने के सम्बंध में।

महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि आपके द्वारा वर्ष 2008 में बिहार के मुस्लिम समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के सभी बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के प्रत्येक गाँव/टोला में वैकल्पिक तथा नवाचारी शिक्षा के अंतर्गत (मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों के लिए ग़ैर आवासीय सेतु कार्यक्रम ) तालिमी मरकज़  प्रारंभ किया गया था जिस में शिक्षा स्वयं सेवी के रूप में आर्थिक तथा सामाजिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के सामान्य वर्ग के आवेदक का भी नियोजन किया गया था और इस आशय का मार्गदर्शिका पत्रांक-AIE/92/2008 -09 /5344 दिनांक - 13.10.2008 भी निर्गत किया गया था और जिला शिक्षा अधीक्षक सह जिला कार्यक्रम समन्वयक बिहार शिक्षा परियोजना सीतामढ़ी का पत्रांक 1151 दिनांक 19 .11.2008 निर्गत हुआ था जिस के आलोक में नियोजन किया गया था ,परन्तु बाद के दिनों में आपके मंशा के विरुद्ध येन केन प्रकारेण मार्गदर्शिका में संशोधन कर उक्त योजना को सिर्फ मुस्लिम समुदाय के अनेक्चर - 1 जाति में सम्मिलित मुस्लिम के लिए आरक्षित कर दिया गया और मार्गदर्शिका दस महीने बाद पत्रांक TM/AIE/92/2008-09/3982 दिनांक 14.08.2009 और ज्ञापाक  AIE/577 दिनांक 18.08.2009 निर्गत कर दी गई।उक्त योजना का संचालन  09 दिसम्बर 2012 तक बिहार शिक्षा परियोजन परिषद पटना के अधीन था वर्तमान में यह योजना 10 दिसम्बर 2012 से जन शिक्षा, जन शिक्षा निदेशालय, शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन संचालित किया जा रहा है और तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी को दलित महादलित अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना से जोड़ कर कार्य लिया जा रहा है।
इधर जन शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षा स्वयं सेवी के रूप में नियोजित सामान्य वर्ग के मुस्लिम को चयन मुक्त करने की बात की जा रही है जो मुस्लिम समुदाय के साथ अन्याय है।माननीय मुख्यमंत्री महोदय सच्चर कमिटी ने भी अपने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मुसलमानों की शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति दलितों से भी कई गुणा बदतर हो चुकी है यह टिपण्णी एंटायर मुसलमानों के लिए की गई है न कि अनेक्चर - 1 में सम्मिलित मुसलानों के लिए मात्र।यह हक़ीक़त है कि सामान्य कोटि के मुसलमानों की स्थिति अनेक्चर - 1 में सम्मिलित मुस्लिमों से भी दयनीय है और योजना का सही हक़दार सामान्य कोटि के सामाजिक, आर्थिक रूप से पिछड़े मुसलमान ही हैं।और यह कार्यक्रम आपके द्वारा सभी मुसलमानों को लक्ष्य कर ही शुरू किया गया था।

अतः माननीय मुख्यमंत्री महोदय से विनम्र निवेदन है कि तालिमी मरकज़ में नियोजित सामान्य कोटि के मुस्लिम शिक्षा स्वयं सेवक को बहाल रखा जाय और मार्गदर्शिका में संशोधन कर आरक्षित मुस्लिम -1 को अनारक्षित मुस्लिम किया जाय ताकि योजना का लाभ मुसलमानों को सही तरीके से मिलता रहे और योजना का सही मक़सद परिलक्षित हो।

विश्वास भाजन
मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार, सीतामढ़ी
पिन 843324
मोबाइल 9199320345
mdqamarealam6@gmail.com

Moter cycle reading

35240 mitter
Date 18.08.2018

Sunday, August 26, 2018

परिहार चौक से प्रखण्ड मुख्यालय जाने वाली सड़क नाला में तब्दील

परिहार चौक से प्रखण्ड मुख्यालय जाने वाली सड़क नाला में तब्दील हो चुका है बरसात का पानी, यहाँ तक घरों का गन्दा पानी सड़कों पर बहाया जा रहा है जिस से आने - जाने वाले लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है।यह प्रखण्ड की मुख्य सड़क है इसी मार्ग में श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मिडिल स्कूल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अवस्थित है। मार्ग से  सभी प्रखण्ड, ज़िला स्तरीय पदाधिकारियों का गुजरना आये दिन होता है मगर समस्याओं का निदान जस का तस बरक़रार है।
प्रखण्ड ODF भी घोषित किया जा चुका है।सड़कों पर गंदे पानी का बहाव सड़कों का अतिक्रमण, स्वच्छ सीतामढ़ी पर एक बदनुमा दाग है।समाज सेवी मोहम्मद कमरे आलम ने इन समस्याओं की जानिब ईमेल ज़िला पदाधिकारी सीतामढ़ी को भेज निदान का गुहार लगाया था परन्तु अभी तक कारवाई अपेक्षित है।

https://srmehranclub.com/ref/Dailychingari/

SBI परिहार ग्राहक सेवा केन्द्र (CSP) के आड़ में साइबर क्राइम कर नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से खाताधारी के बैंक एकाउंट से राशि की निकासी

 सीतामढ़ी ।भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार ग्राहक सेवा केन्द्र  (CSP) के आड़ में साइबर क्राइम कर खाताधारी के बैंक एकाउंट से नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग/अन्य बैंकिंग के माध्यम से राशि की निकासी का धंधा जोड़ पकड़ता जा रहा है जिस में बैंक के शाखा प्रबंधक के संलिप्ता से इंकार नही किया जा सकता है।

परिहार प्रखण्ड के एकडण्डी निवासी जेबा परवीन जो श्री गाँधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिहार के इंटर द्वितीय वर्ष की छात्रा है एक लिखित शिकायत पत्र शाखा प्रबंधक SBI ADB परिहार को दिया गया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनका बैंक खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक बेला खुर्द में खुला हुआ है मैं अपने खाता से राशि निकासी के लिए ग्राम मैशहा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार के ग्राहक सेवा केन्द्र(CSP) केन्द्र कोड  3A451437 जिसके संचालक नीतीश कुमार हैं पर गई ।संचालक ने कहा कि चूँकि आपका खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में है अगर खाता आधार से जुड़ जाएगा तो हमारे ग्राहक सेवा केंद्र से भुगतान हो सकता है आप अपना आधार, बैंक खाता का फोटो कॉपी दे दें मैं आधार लिंक्ड करवा दूँगा आधार से जुड़ने के पश्चात भुगतान हो जाएगा मैं आधार, बैंक खाता का फोटो कॉपी संचालक को दे दी।
मैं दिनांक 24 अप्रैल  2017 को SBI परिहार के ग्राहक सेवा केन्द्र मैशहा गई वहाँ संचालक ने मेरा अंगूठा फिंगर प्रिंट मशीन से लिया और 3000 तीन हजार रुपये का भुगतान किया।
फिर दुबारा दिनांक 08 जनवरी 2018         को उक्त केन्द्र पर राशि निकासी के लिए गई तो अंगूठा फिंगर प्रिंट मशीन से लेने के बाद कहा कि आपके खाता में पैसा नहीं है ।मैं कई बार राशि निकासी के लिए गई और हर बार यही कहा जाता रहा कि आप के खाता में पैसा नहीं है तो मुझे शक हुआ और मैं अपने खाता का स्टेटमेंट निकलवाई तो स्टेटमेन्ट देख कर दंग रह गई।भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक ने मेरे बैंक खाता से नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से विभिन्न तिथियों में @RS 5717.25 रुपये, @Rs 1500 रुपये, और @Rs 600 रुपये की निकासी कर लिया गया है।
पीड़िता ने शाखा प्रबन्धक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार से शिकायत की है मगर शाखा प्रबंधक परिहार ने कोई कार्रवाई नही किया उल्टे आवेदक को डांट फटकार कर भगा दिया गया जिस से ऐसा प्रतीत होता है कि इस साइबर क्राइम में वर्तमान शाखा प्रबंधक का भी शह है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को चाहिए कि ऐसे संचालक जो ग्राहक सेवा केन्द्र के आड़ में ग्राहकों से धोखा धड़ी, साइबर क्राइम कर स्टेट बैंक की शाख को धोमिल कर रहे ग्राहक सेवा केन्द्र के लाइसेंस को रद्द करे साथ ही क़ानूनी कार्रवाई।

जानकारों का कहना है कि ग्राहक सेवा केन्द्रों के संचालक प्राइवेट कंपनियों का भी बैंकिंग लाइसेंस ले रखा है जैसे यस बैंक, आर बी एल, नोवा पे, एक्सिस बैंक और इन्ही बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से खाता धारी के खाता से फिंगर प्रिंट लेने के बाद राशि निकासी कर ली जाती है और खाता धारक को कह दिया जाता है कि आपके खाता में पैसा नहीं है खाता धारी जब कहीं और अपने बैंक एकाउंट को चेक करवाता है तो पता चलता है कि उसके खाते से राशि ग़ायब है।

खाता धारक के द्वारा शिकायत दर्ज की जाती है मगर जाँच में प्रमाणित नही हो पाता है क्योंकि धोकाधड़ी तो अन्य तरीकों से किया जाता है औऱ खाता धारक कलेजे में मुक्का मार कर रह जाते हैं।


Friday, August 17, 2018

छात्र/छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृति, पोशाक, पुस्तक राशि माता /पिता के बैंक एकाउंट में देने, छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने के सम्बंध में

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार सरकार पटना

ज़िला पदाधिकारी
सीतामढ़ी
विषय:- छात्र/छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृति, पोशाक, पुस्तक राशि माता /पिता के बैंक एकाउंट में देने, छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने के सम्बंध में।
महाशय,
उपर्युक्त विषयक सम्बन्ध में अंकित करना है कि उक्त कार्यक्रम की राशि छात्र/छात्राओं के खाते में राशि हस्तांतरण के अनिवार्यता के कारण उक्त कार्यक्रम की राशि छात्र/छात्राओं को कई वित्तीय वर्ष से नही मिल पा रहा है कारण 18 वर्ष तक के बच्चों का बैंक खाता नही खुल पा रहा है।पूर्व में जिन बच्चों का बैंक खाता खुला था लेन- देन नही होने के कारण बैंक ने closed कर दिया है।
अतः निवेदन है कि उक्त योजना की राशि छात्रों के माता पिता के खाते में हस्तांतरण का आदेश दिया जाए साथ ही छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने की कृपा करें।

विश्वास भाजन

मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार

ज़िला सीतामढ़ी 843324
मोबाइल 9199320

परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली। जाँच के नाम पर खाना पूरी

सेवा में,
निदेशक जन शिक्षा
शिक्षा विभाग बिहार पटना ।

सचिव
शिक्षा विभाग बिहार पटना।
प्रधान सचिव
शिक्षा विभाग बिहार पटना

विषय:- परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली।
जाँच के नाम पर खाना पूरी ।

महाशय,

सीतामढ़ी ज़िला अन्तर्गत वर्ष 2016 में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के द्वारा शिक्षा स्वयं सेवकों का चयनोंप्रांत प्रशिक्षण देकर केंद्र संचालित किया गया था और मानदेय भुगतान मद में निदेशक जन शिक्षा पटना से आवंटन की माँग की गई थी आवंटन तो नही भेजा गया चयन प्रक्रिया की जाँच का पत्र उप सचिव शिक्षा विभाग बिहार पटना द्वारा पत्रांक 2423 दिनांक 20.09.2017 जो ज़िला पदाधिकारी सीतामढ़ी को संबोधित था।जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी ने जाँच हेतु तीन सदस्यीय जाँच टीम बना कर जाँच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।  परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली जिला तालिमी मरकज़ संघ सीतामढ़ी के  पदाधिकारियों के द्वारा की गई है और दी गई है।
जाँच टीम ने जाँच के नाम पर सिर्फ खाना पूरी की गई चयन प्रक्रिया की तथ्यात्मक जाँच नही की गई है।मालूम हो कि ऐसे भी स्कूल में तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक का नियोजन किया गया है जिस स्कूल में एक भी मुस्लिम समुदाय का बच्चा नहीं पढ़ता है। उदाहरण स्वरूप परिहार प्रखण्ड का मध्य विद्यालय परिहार कन्या ऐसे बहुत सारे विद्यालय हैं।
अंकनियहै कि
1.प्रत्येक केन्द्र पर एक ही आवेदक हैं। क्या  सही तरीके से प्रचार प्रसार कर नियोजन की प्रक्रिया की जाए तो ऐसा होगा ? जहाँ मानदेय के रूप में 8000/ रुपये मिलता हो ?
2.नियोजन से पूर्व केंद्र स्थल का चयन होना चाहिए क्या ऐसा हुआ ?
3.स्थल चयन के बाद केन्द्र पर नामांकित होने वाले माता पिता/अभिभावकों की आम सभा बुला कर संचालन समिति गठित करने का प्रावधान है क्या आम सभा के लिए लिखित रूप में सूचना का प्रकाशन किया गया ?

4.आवेदन करने के लिए लिखित सूचना प्रकाशित की गई ?
5.प्राप्त आवेदनों का संधारण किया गया ? आपत्ति दर्ज करने का समय दिया गया ?
6.क्या प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा रिक्तियों का प्रकाशन किया गया ?
जाँच में इन सभी बातों को सामने रखा जानी चाहिए था।

जाँच पदाधिकारी ने सूची में सम्मिलित अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवी की कोई जाँच नही की और न ही पक्ष जाना।

विश्वास भाजन
मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार
सीतामढ़ी 843324

ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता को दिए जाने वाले आवेदन का नमूना

सेवा में,
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता
ज़िला -------------

विषय :-तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी, सेवा समाप्ति के विरुद्ध पटना उच्च न्यायालय में मामला लम्बित होने के कारण नई चयन प्रक्रिया को तत्काल स्थगित रखने के सम्बंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि आपके द्वारा सामान्य जाति होने के कारण मेरी सेवा पत्रांक -------------- दिनांक ------------ के द्वारा समाप्त कर दी गई है सेवा समाप्ति के विरुद्ध हमारे द्वारा पटना उच्च न्यायालय में न्याय प्राप्ति हेतु मुक़दमा दायर किया गया है जिसका टोकन नम्बर -------------- केस नम्बर ---------- है।
केस फ़िलहाल उच्च न्यायालय पटना में लम्बित है।प्राप्त जानकारीनुसार रिक्त पदों पर नई चयन प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

अतः श्रीमान से विनम्र निवेदन है कि हमारे रिक्त पद को न्याय आदेश आने तक नए  चयन से मुक्त रखने की कृपा करें।इस शुभ कार्य के लिए हम सदा आभारी रहेंगें।आवेदन के साथ टोकन नम्बर / केस नम्बर का प्रिंट आउट संलग्न है।

विश्वास भाजन
नाम
पूरा पता :-

अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने/चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन करने के संबंध में।

सेवा में,
श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री,बिहार
विषय :- अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने/चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था ।
बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया ।
पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था जो मुस्लिम महिला तालीमी मुहिम परिपत्र से स्पष्ट है।
1.तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए आर्थिक तथा सामाजिक आधार की बुनियाद पर, शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में सम्पूर्ण बिहार में सामान्य जाति के लोगों का भी नियोजन किया गया था।
2. 10 दिसंबर 2012 से तालीमी मरकज़ का संचालन सरकार के आदेश से जन शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन किया जा रहा है। वर्ष 2012 - 2013 में राज्य संपोषित कार्यक्रम " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "शुरू किया गया और उसमें सभी तालीमी मरकज़ के शिक्षास्वंय सेवी को शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग के आदेश पर  रखा गया था।

3.इधर 2018 में 2009 में निर्गत दिशा निर्देश को आधार बनाकर सभी अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवक को सेवा मुक्त किया जा रहा है।

4.23 जुलाई 2018 को "महादलित दलित एवं अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "चयन एवं सेवाशर्त 2018 निर्गत कर योजना को पूरी तरह परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है और सामाम्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक की सेवा समाप्त कर दी गई है। और सेवा समाप्ति से रिक्त हुए पद पर चयन प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवी आठ साल की सेवा उक्त योजना में देने के पश्चात सेवा मुक्त कर दिए गए हैं अब उनकी उम्र भी नहीं बची है कि दूसरे सेवा में जा सकें।सेवा मुक्ति की कार्रवाई से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है और बेरोजगारी ,भूकमरी की समस्या आ गई है।
5.माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ये सच्चाई है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के लोगों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति आज की तारीख़ में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर है आप बिहार के राजा हैं आंकड़ा मँगवा कर देखा जा सकता है।
6.श्री राजिन्दर सच्चर कमेटी ने भी अपने रिपोर्ट में भारत के मुस्लिमों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति दयनीय होने के सम्बंध में रिपोर्ट पेश किया था और अनुशंसा की थी। न की मुस्लिम समुदाय के किसी खास जाति के बारे में।

अतः विनम्र निवेदन है कि सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को पूर्वत बहाल रखने का आदेश शिक्षा विभाग को देने की कृपा करें या सेवा मुक्त किये गए सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने की कृपा की जाए साथ ही चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन कर इस योजना को सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल देने की कृपा करें ताकि आपके "न्याय के साथ विकास "का नारा चरितार्थ हो।

विश्वाशभाजन

मोहम्मद कमरे आलम
ग्राम- एकडण्डी,
पोस्ट -परिहार
ज़िला-सीतामढ़ी बिहार
पिन 843324
मोबाइल 9199320345

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर बिहार सरकार ने किया आज छुट्टी का एलान, सात दिनों के शोक की घोषणा

Friday, August 10, 2018

अक्षर आँचल योजना "के नियमावली में संशोधन कर सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए लागू करने के साथ पूर्व नियोजित सामान्य शिक्षा स्वयं सेवकों को पूर्वत बहाल रखा जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

"महादलित, दलित अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना " के कंडिका 1(2) में अंकित किया गया है कि साक्षरता और शिक्षा में पिछड़ेपन के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय एवं वर्ग में शिक्षा और साक्षर बिहार के लिए चुनौती है।
नोट :-सामाजिक औरआर्थिक रूप से "पिछड़े समुदाय मुस्लिम " में नही बल्कि सामान्य मुस्लिम में शिक्षा और साक्षरता बिहार में चुनौती है।
2011के जनगणना से सामान्य मुस्लिम समुदाय के आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक स्थिति का आंकलन किया जा सकता है।
सामान्य जातियों के उत्थान के लिए बनी उच्च आयोग बिहार पटना ने भी कहा था कि सरकार द्वारा संचालित तालीमी मरकज़ का लाभ उच्च जाति के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोग इसका लाभ ले सकते हैं परन्तु वर्तमान में तालीमी मरकज़ में बहाल सामान्य मुस्लिम समुदाय के शिक्षा स्वयं सेवकों को हटा दिया गया है और नई नियामवली एवं सेवाशर्त निर्गत कर इस योजना को परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर सामान्य जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े  मुस्लिम को योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है।
उन्होंने सरकार से माँग किया है कि उक्त योजना के नियमावली में संशोधन कर योजना को सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए लागू करने के साथ पूर्व से नियोजित सामान्य शिक्षा स्वयं सेवकों को निरंतर लाभ जारी रखने का आदेश निदेशक जन शिक्षा को देने की अपील की है।

Saturday, August 04, 2018

श्री शशि भूषण सिंह पटना हाई कोर्ट के विद्वान अधिवक्ता जो अपनी क़ाबलियत के बल पर इंसाफ का परचम लहरा रहे हैं

श्री शशि भूषण सिंह पटना हाई कोर्ट के विद्वान अधिवक्ता हैं इनका शुमार पटना हाई कोर्ट में एक अच्छे वकील के रूप में की जाती है ये आरा ज़िला के रहने वाले हैं जिन्होंने अपनी मेहनत ,लगन और ईमानदारी के बदौलत जिस केस को अपने हाथ में लिया उस में कामयाबी हासिल की है।ये मिलन सार, खुश मिज़ाज और ग़रीब प्रवर स्वभाव के मालिक हैं।इनकी एक बहुत बड़ी खूबी यह है कि इनको केस देने के बाद petitioner को हाई कोर्ट का चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं रहती है ये खुद वकील के साथ- साथ केस के पार्टी बन काम करते हैं जो बहुत कम Advocate में देखने को मिलता है इनकी सबसे बड़ी खूबी विरोधी पार्टी इनको किसी तरह किसी मामले में हिला नही सकता है।

Wednesday, August 01, 2018

सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं :- मोहम्मद कमरे आलम

सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं :- मोहम्मद कमरे आलम

बिहार सरकार द्वारा तालीमी मरकज़ में बहाल सामान्य जाति के मुसलमानों की नौकरी सिर्फ सामान्य जाति होने की वजह से छीन ली है। सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति के मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं है ये बातें मोहम्मद कमरे आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही है।
उन्हों ने कहा कि क्या बिहार सरकार का यही " न्याय के साथ विकास " सब का साथ सब का विकास है ?
सेवा से हटा दिए गए सभी तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवकों (सामान्य मुस्लिम) को अनौपचारिक अनुदेशकों की तरह बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाये।

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...