Friday, August 10, 2018

अक्षर आँचल योजना "के नियमावली में संशोधन कर सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए लागू करने के साथ पूर्व नियोजित सामान्य शिक्षा स्वयं सेवकों को पूर्वत बहाल रखा जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

"महादलित, दलित अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना " के कंडिका 1(2) में अंकित किया गया है कि साक्षरता और शिक्षा में पिछड़ेपन के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय एवं वर्ग में शिक्षा और साक्षर बिहार के लिए चुनौती है।
नोट :-सामाजिक औरआर्थिक रूप से "पिछड़े समुदाय मुस्लिम " में नही बल्कि सामान्य मुस्लिम में शिक्षा और साक्षरता बिहार में चुनौती है।
2011के जनगणना से सामान्य मुस्लिम समुदाय के आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक स्थिति का आंकलन किया जा सकता है।
सामान्य जातियों के उत्थान के लिए बनी उच्च आयोग बिहार पटना ने भी कहा था कि सरकार द्वारा संचालित तालीमी मरकज़ का लाभ उच्च जाति के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोग इसका लाभ ले सकते हैं परन्तु वर्तमान में तालीमी मरकज़ में बहाल सामान्य मुस्लिम समुदाय के शिक्षा स्वयं सेवकों को हटा दिया गया है और नई नियामवली एवं सेवाशर्त निर्गत कर इस योजना को परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर सामान्य जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े  मुस्लिम को योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है।
उन्होंने सरकार से माँग किया है कि उक्त योजना के नियमावली में संशोधन कर योजना को सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए लागू करने के साथ पूर्व से नियोजित सामान्य शिक्षा स्वयं सेवकों को निरंतर लाभ जारी रखने का आदेश निदेशक जन शिक्षा को देने की अपील की है।

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