Friday, August 17, 2018

अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने/चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन करने के संबंध में।

सेवा में,
श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री,बिहार
विषय :- अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने/चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था ।
बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया ।
पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था जो मुस्लिम महिला तालीमी मुहिम परिपत्र से स्पष्ट है।
1.तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए आर्थिक तथा सामाजिक आधार की बुनियाद पर, शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में सम्पूर्ण बिहार में सामान्य जाति के लोगों का भी नियोजन किया गया था।
2. 10 दिसंबर 2012 से तालीमी मरकज़ का संचालन सरकार के आदेश से जन शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन किया जा रहा है। वर्ष 2012 - 2013 में राज्य संपोषित कार्यक्रम " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "शुरू किया गया और उसमें सभी तालीमी मरकज़ के शिक्षास्वंय सेवी को शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग के आदेश पर  रखा गया था।

3.इधर 2018 में 2009 में निर्गत दिशा निर्देश को आधार बनाकर सभी अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवक को सेवा मुक्त किया जा रहा है।

4.23 जुलाई 2018 को "महादलित दलित एवं अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "चयन एवं सेवाशर्त 2018 निर्गत कर योजना को पूरी तरह परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है और सामाम्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक की सेवा समाप्त कर दी गई है। और सेवा समाप्ति से रिक्त हुए पद पर चयन प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवी आठ साल की सेवा उक्त योजना में देने के पश्चात सेवा मुक्त कर दिए गए हैं अब उनकी उम्र भी नहीं बची है कि दूसरे सेवा में जा सकें।सेवा मुक्ति की कार्रवाई से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है और बेरोजगारी ,भूकमरी की समस्या आ गई है।
5.माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ये सच्चाई है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के लोगों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति आज की तारीख़ में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर है आप बिहार के राजा हैं आंकड़ा मँगवा कर देखा जा सकता है।
6.श्री राजिन्दर सच्चर कमेटी ने भी अपने रिपोर्ट में भारत के मुस्लिमों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति दयनीय होने के सम्बंध में रिपोर्ट पेश किया था और अनुशंसा की थी। न की मुस्लिम समुदाय के किसी खास जाति के बारे में।

अतः विनम्र निवेदन है कि सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को पूर्वत बहाल रखने का आदेश शिक्षा विभाग को देने की कृपा करें या सेवा मुक्त किये गए सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने की कृपा की जाए साथ ही चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन कर इस योजना को सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल देने की कृपा करें ताकि आपके "न्याय के साथ विकास "का नारा चरितार्थ हो।

विश्वाशभाजन

मोहम्मद कमरे आलम
ग्राम- एकडण्डी,
पोस्ट -परिहार
ज़िला-सीतामढ़ी बिहार
पिन 843324
मोबाइल 9199320345

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