Sunday, August 26, 2018

SBI परिहार ग्राहक सेवा केन्द्र (CSP) के आड़ में साइबर क्राइम कर नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से खाताधारी के बैंक एकाउंट से राशि की निकासी

 सीतामढ़ी ।भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार ग्राहक सेवा केन्द्र  (CSP) के आड़ में साइबर क्राइम कर खाताधारी के बैंक एकाउंट से नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग/अन्य बैंकिंग के माध्यम से राशि की निकासी का धंधा जोड़ पकड़ता जा रहा है जिस में बैंक के शाखा प्रबंधक के संलिप्ता से इंकार नही किया जा सकता है।

परिहार प्रखण्ड के एकडण्डी निवासी जेबा परवीन जो श्री गाँधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिहार के इंटर द्वितीय वर्ष की छात्रा है एक लिखित शिकायत पत्र शाखा प्रबंधक SBI ADB परिहार को दिया गया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनका बैंक खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक बेला खुर्द में खुला हुआ है मैं अपने खाता से राशि निकासी के लिए ग्राम मैशहा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार के ग्राहक सेवा केन्द्र(CSP) केन्द्र कोड  3A451437 जिसके संचालक नीतीश कुमार हैं पर गई ।संचालक ने कहा कि चूँकि आपका खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में है अगर खाता आधार से जुड़ जाएगा तो हमारे ग्राहक सेवा केंद्र से भुगतान हो सकता है आप अपना आधार, बैंक खाता का फोटो कॉपी दे दें मैं आधार लिंक्ड करवा दूँगा आधार से जुड़ने के पश्चात भुगतान हो जाएगा मैं आधार, बैंक खाता का फोटो कॉपी संचालक को दे दी।
मैं दिनांक 24 अप्रैल  2017 को SBI परिहार के ग्राहक सेवा केन्द्र मैशहा गई वहाँ संचालक ने मेरा अंगूठा फिंगर प्रिंट मशीन से लिया और 3000 तीन हजार रुपये का भुगतान किया।
फिर दुबारा दिनांक 08 जनवरी 2018         को उक्त केन्द्र पर राशि निकासी के लिए गई तो अंगूठा फिंगर प्रिंट मशीन से लेने के बाद कहा कि आपके खाता में पैसा नहीं है ।मैं कई बार राशि निकासी के लिए गई और हर बार यही कहा जाता रहा कि आप के खाता में पैसा नहीं है तो मुझे शक हुआ और मैं अपने खाता का स्टेटमेंट निकलवाई तो स्टेटमेन्ट देख कर दंग रह गई।भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक ने मेरे बैंक खाता से नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से विभिन्न तिथियों में @RS 5717.25 रुपये, @Rs 1500 रुपये, और @Rs 600 रुपये की निकासी कर लिया गया है।
पीड़िता ने शाखा प्रबन्धक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार से शिकायत की है मगर शाखा प्रबंधक परिहार ने कोई कार्रवाई नही किया उल्टे आवेदक को डांट फटकार कर भगा दिया गया जिस से ऐसा प्रतीत होता है कि इस साइबर क्राइम में वर्तमान शाखा प्रबंधक का भी शह है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को चाहिए कि ऐसे संचालक जो ग्राहक सेवा केन्द्र के आड़ में ग्राहकों से धोखा धड़ी, साइबर क्राइम कर स्टेट बैंक की शाख को धोमिल कर रहे ग्राहक सेवा केन्द्र के लाइसेंस को रद्द करे साथ ही क़ानूनी कार्रवाई।

जानकारों का कहना है कि ग्राहक सेवा केन्द्रों के संचालक प्राइवेट कंपनियों का भी बैंकिंग लाइसेंस ले रखा है जैसे यस बैंक, आर बी एल, नोवा पे, एक्सिस बैंक और इन्ही बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से खाता धारी के खाता से फिंगर प्रिंट लेने के बाद राशि निकासी कर ली जाती है और खाता धारक को कह दिया जाता है कि आपके खाता में पैसा नहीं है खाता धारी जब कहीं और अपने बैंक एकाउंट को चेक करवाता है तो पता चलता है कि उसके खाते से राशि ग़ायब है।

खाता धारक के द्वारा शिकायत दर्ज की जाती है मगर जाँच में प्रमाणित नही हो पाता है क्योंकि धोकाधड़ी तो अन्य तरीकों से किया जाता है औऱ खाता धारक कलेजे में मुक्का मार कर रह जाते हैं।


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