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Saturday, September 29, 2018

[24/09 10:21 AM] MD QAMRE ALAM: MD QAMRE ALAM: कौन लोग हैं जो मन्फी सोच रखते हैं और पूरे बिहार के लोगों को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं।ये लोग कैसी सियासत करना चाहते हैं इनको खुल कर बात करनी चाहिए अपने सियासी मफाद के लिए पूरे बिहार के लोगों को बर्बाद तो न करें वरना वक़्त कभी माफ नहीं करेगा।अपनी ग़लत सोच को अपने तक ही महदूद रखनी चाहिए ऐसे लोगों
को।
आखिर इन लोगों को सहरसा के जीत से तकलीफ क्यों हो रही है ?
सीतामढ़ी के ग़लत क़यादत का ही नतीजा है कि अभी सेवा मुक्त होने के बाद भी दो महीने का मानदेय भुगतान लम्बित है ।

सीतामढ़ी की नुमाइंदा टीम ने हमेशा ग़लत फैसला लिया है उसकी मिसाल
1.मामला ज़िला शिकायत निवारण पदाधिकारी सीतामढ़ी की अदालत में चलता रहा मगर कोई ख़बर गिरी नही ली गई नतीजा शिकायत निवारण कार्यालय ने खिलाफ में फैसला दे दिया।
2.DPO साक्षरता ने स्पष्टीकरण मांगा इनलोगों ने तथ्यों से हट कर स्पष्टीकरण दिया।
इनलोगों ने अनुपस्थिति विवरणी जमा नही होने दिया नतीजतन लोगों का दो महीने का भुगतान आज भी लम्बित है।
नुमाइंदा टीम के अंदर सही फैसला लेने की सलाहियत का इंक़ाय(कमी है) जो ज़िला में सही फैसला नही ले सकते वें स्टेट सतह पर क्या सही फैसला ले सकते हैं ?
[25/09 8:46 AM] MD QAMRE ALAM: लोग केस फैसला को लेकर तरह- तरह की बात करने लगते हैं और अपने मन से फैसले का तज्जिया करने लगते हैं और जो लोग अदालत में लड़ रहे हैं उनके हौसले को तोड़ने में लग जाते हैं और ये कहते हैं हम सही हैं और जो हो रहा है वह ग़लत है।मैं उन लोगों से कहना चाहता हूँ कि अपने मन की बात को ग़लत तरीक़े से फैला कर हौसले को पस्त न करें।
मौजूदा केस के फैसले की हक़ीक़त यह है कि केस के फैसले का आधार मधुबनी केस का फैसला है मधुबनी केस के फैसले के मद्देनजर इस केस में माननीय जज ने फैसला सुनाया है और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सहरसा द्वारा दिनांक 11.08.2018 को जारी लेटर को निरस्त कर दिया है।
और माननीय जज ने ये कहा है कि चूंकि यह केस मधुबनी वाले को ही कवर्ड करता है इसलिए रेस्पोंडेंट को ये लिबर्टी दी जाती है कि जाँच कर लें और अगर पिटीशनर के द्वारा जो बात बताई गई है अगर इस में contrary (विरोधाभास)पाया जाता है तो रेस्पोंडेंट नियम संगत फैसला ले सकती है।
दोस्तों क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं तो कानून के मुताबिक लड़ाई लड़ें। अब ये देखना है कि डायरेक्टर, DPO शिक्षा विभाग क्या करती है ?फिर उसका क़ानूनी जवाब दिया जाएगा।
फिलहाल लेटर के निरस्त हो जाने से हमारे साथी की सेवा निरंतर( Regularized) मानी जायेगी।

आपका साथी
मोहम्मद कमरे आलम
हौसला अफजाई करने का काम करें पस्त करने का नही इसी पैग़ाम के साथ

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