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Wednesday, November 28, 2018

सेवा से हटा दिए गए तालीमी मरकज़ सामान्य मुस्लिम की सेवा बहाल की जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

पूरे बिहार में लग- भग 3500 तीन हज़ार पाँच सौ तालीमी मरकज़ सामान्य मुस्लिम शिक्षा सेवक को हटा दिया गया जिसमें अधिकतर संख्या मुस्लिम महिलाओं की है।सेवा समाप्ति के बाद तालीमी मरकज़ में काम कर रहे शिक्षा सेवक इंसाफ पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं जब कहीं से कोई इंसाफ नहीं मिला तो इंसाफ के हसूल के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इंसाफ की राह देख रहे हैं।मालूम हो कि बिहार सरकार ने सामान्य जाति के लोगों को ये कह कर सेवा से बर्खाश्त कर दिया है कि आप सामान्य जाति के हैं इस लिए इस सेवा में नही रह सकते हैं।

बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण, महिला समागम की बात करती है क्या मुस्लिम महिला ,महिला नहीं हैं मुस्लिम महिलाओं का सशक्तिकरण क्यों नहीं ?

मुस्लिम महिलाओं से नौकरी छीन ली गई क्या बिहार सरकार का यही महिला प्रेम है ?

बिहार सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के विकास की बात करती है अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य मुस्लिम से नौकरी छीन ली क्या सामान्य मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं ? क्या सरकार का यही अल्पसंख्यक प्रेम है ?

सरकार तो बेरोज़गारी दूर करने के लिए काम करती है और बिहार सरकार नौकरी छीन बेरोजगार कर रही है।

मैं बिहार सरकार से माँग करता हूँ सेवा से हटा दिए गए तालीमी मरकज़ सामान्य मुस्लिम की सेवा बहाल की जाए

सेवा से हटा दिए गए तालीमी मरकज़ सामान्य मुस्लिम की सेवा बहाल की जाए

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