Saturday, February 24, 2018

पितृत्व और मातृत्व अवकाश से संबंधित पत्र

श्री गाँधीहाई स्कूल परिहार पीसीपी पर 24/25 फरवरी को क्लासेज स्थगित रहेगा

श्री गाँधीहाई स्कूल परिहार पीसीपी पर 24/25 फरवरी को डीएलएड क्लासेज उपस्कर के अभाव में स्थगित रहेगा ये जानकारी स्टडी सेंटर समन्वयक द्वारा जारी की गई है।

Friday, February 23, 2018

तीन तलाक के खिलाफ 5 मार्च को दरभंगा कमिशनरी पर होगा मुस्लिम औरतों का एहतजाजी जुलूस

तीन तलाक के खिलाफ 5 मार्च को दरभंगा कमिशनरी पर होगा मुस्लिम औरतों का एहतजाजी जुलूस

दरभंगा- 19 फरवरी 2018 ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां, इंसाफ मंच, ऑल इंडिया जमीअतुर राईन, ऑल इंडिया अकलियत जागरण सोसाईटी, बिहार स्टेट मोमिन कान्फ्रेंस एवं अल-मदद एजुकेशनल एण्ड वेलफेयर ट्रस्ट, पटना के संयुक्त बैनर तले एक आपात बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड पटना के पूर्व अध्यक्ष प्रो0 मौलाना एजाज अहमद ने की। बैठक में सर्वसम्मती से यह निर्णय लिया गया कि दिनांक 5 मार्च 2018 दिन के 11 बजे दरभंगा कमिशनरी से मुस्लिम औरतों और मर्दों का एक एहतजाजी जुलूस निकाला जाएगा। एहतजाजी जुलूस की बैठक बेदारी कारवाँ के क्षेत्रीय कार्यालय, लालबाग, दरभंगा में की गई। बैठक के माध्यम से डा0 असरारुलहक लाडले, नेयाज अहमद, डा0 राहत अली, शाहिद अतहर, राजद के जिला संयोजक रामचन्द्र यादव, नजरे आलम, पप्पू खान, शम्स तबरेज जुगनू आदि ने मिथिलाँचल के सभी समाजी एवं फलाही तंजीमों के जिम्मेदारों, मदारिस के जिम्मेदारों, मसाजिद के इमाम व खतीब, समाजसेवी, दानिशवरान एवं अमन पसन्द लोगों से एहतजाजी जुलूस को कामयाब बनाने की अपील की गई है कि बड़ी संख्या में अपने अपने मोहल्ले और गाँव से मुस्लिम औरतों को जुलूस में शिरकत की दावत दें और अपनी सरपस्ती में कमिश्नरी तक लेकर आऐं। तीन तलाक पर बनाया जा गया काला कानून ना सिर्फ मुस्लिम मर्दों को जेल में डालने की साजिश है बल्कि मुस्लिम महिलाओं पर भी अत्याचार है। साथ ही तीन तलाक का मामला मुसलमानों के मजहब से जुड़ा हुआ मामला है इसलिए मुसलमान किसी भी हालत में मजहब में मुदाखलत बर्दाश्त नहीं करेगा। काला कानून हर हालत में सरकार को वापस लेना ही होगा।

बिहार में निवास करने वाले मुस्लिम समुदाय के शैख़, पठान/खान, सय्यद जातियों को ईबीसी श्रेणी में सम्मिलित किया जाये - मोहम्मद कमरे आलम

बिहार में निवास करने वाले मुस्लिम समुदाय के शैख़, पठान/खान, सय्यद जातियों को अतिपिछड़ा वर्ग की श्रेणी में सम्मिलित किया जाये ।
मोहम्मद कमरे आलम ज़िला अध्यक्ष भारतीय माइनॉरिटीज सुरक्षा महासंघ सीतामढ़ी ने माननीय मुख्यमंत्री बिहार से ,बिहार में निवास करने वाले मुस्लिम समुदाय के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से सबसे अधिक कमज़ोर शैख़, पठान/खान और सय्यद जातियों को EBC श्रेणी में सम्मिलित किया जाय।
" सच्चर कमिटी ने भी ने अपने रिपोर्ट में मुसलमानों की स्थिति के बारे में स्पष्ट लिखा है कि मुसलमानों शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति दलितों से कई गुना बदतर है।"
बिहार में तो अनेक्चर 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर हालात शैख़ पठान/खान और सय्यद की हो चुकी है।
""न्याय के साथ विकास "" नीति कार्यक्रम के तहत न्याय करते हुए उक्त मुस्लिम समुदाय के जातियों के साथ न्याय किया जाय और EBC श्रेणी में सम्मिलित करने की माँग की है।


तालिमी मरकज़ में नियोजित मुस्लिम समुदाय के सामान्य कोटि के स्वयं सेवक को हटाया जाना उच्च जातियों के विकास के लिए गठित राज्य आयोग बिहार के संकल्प का उल्लंघन है - मोहम्मद कमरे आलम

तालिमी मरकज़ में नियोजित मुस्लिम समुदाय के सामान्य कोटि के स्वयं सेवक को हटाया जाना उच्च जातियों के विकास के लिए गठित राज्य आयोग बिहार के संकल्प का उल्लंघन है - मोहम्मद कमरे आलम
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मोहम्मद कमरे आलमने कहा है कि तालिमी मरकज़ में नियोजित मुस्लिम समुदाय के सामान्य कोटि के स्वयं सेवक को हटाया जाना उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग बिहार के संकल्प का उल्लंघन है। मोहम्मद कमरे आलम ने कहा है कि उच्च जातियों के विकास के लिए गठित राज्य आयोग बिहार के संकल्प के मुख्य विंदू "2" शिक्षा के अवसर में स्पष्ट है कि उच्च जाति के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग सरकार के विद्यालय ,चर्चा केंद्र, प्रयास केंद्र, मकतब मदरसा ,नवाचारी केंद्र, तालिमी मरकज़ का लाभ ले सकते हैं।वहीं निदेशक जन शिक्षा शिक्षा विभाग बिहार पटना द्वारा 30 जनवरी 2018 को आहूत राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता को निर्देशित किया गया है कि अगर तालिमी मरकज़ में अगर मुस्लिम समुदाय के सामान्य कोटि के शिक्षा स्वयं सेवक बहाल हो गए हैं तो उनसे स्पष्टीकरण की माँग करते हुए चयन मुक्त कर रिपोर्ट राज्य कार्यालय को दें ।निदेशक के निर्देश का अनुपालन साक्षरता के डी पी ओ द्वारा शुरु कर दिया गया है और मुस्लिम समुदाय के सामान्य कोटि के स्वयं सेवक से स्पष्टीकरण की माँग कर चयन मुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।मालूम हो की तालिमी मरकज़ का आगाज़ बिहार के सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2008 में नीतीश कुमार की सरकार ने शुरू किया था ।

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सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...