Thursday, July 26, 2018

बिहार के विभिन्न जिलों में निवास करने वाले शैख़ (मुस्लिम) जाति को परिशिष्ट 1 में शामिल किया जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार ।
विषय :- बिहार राज्य में निवास करने वाले मुस्लिम शैख़ जाति को परिशिष्ट 1 में सम्मिलित करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि बिहार के विभिन्न जिलों में निवास करने वाले शैख़ जाति की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है जो आर्थिक जनगणना के आंकड़ों से भी स्पष्ट है।हर क्षेत्र में दयनीय स्थिति होने के कारण समाज में भी तिरस्कृत निगाहों से देखा जाने लगा है। शैख़ जाति के लोगों को "सेखवा " तक बोला जाने लगा है।
           अतः माननीय मुख्यमंत्री बिहार से अनुरोधहै कि शैख़ (मुस्लिम) जाति को परिशिष्ट 1 में शामिल करने की कृपा करें ताकि शैख़ जाति का भी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक विकास हो।

विश्वास भाजन
मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार
ज़िला सीतामढ़ी पिन 843324
मोबाइल 9199320345

Wednesday, July 25, 2018

माननीय मुख्यमंत्री बिहार के नाम खुला पत्र

सेवा में,
महामहिम राज्य पाल
बिहार सरकार पटना
________________
श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री,बिहार
____________________
माननीय शिक्षा मंत्री
बिहार सरकार

द्वारा :- ज़िला पदाधिकारी ______

विषय :- अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था ।
बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया ।
पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था जो मुस्लिम महिला तालीमी मरकज़ परिपत्र से स्पष्ट है।
1. तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए आर्थिक तथा सामाजिक आधार की बुनियाद पर, शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में सम्पूर्ण बिहार में सामान्य जाति के लोगों का भी नियोजन किया गया था।
2. 10 दिसंबर 2012 से तालीमी मरकज़ का संचालन सरकार के आदेश से जन शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन किया जा रहा है। वर्ष 2012 - 2013 में राज्य संपोषित कार्यक्रम " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "शुरू किया गया और उसमें सभी तालीमी मरकज़ के शिक्षास्वंय सेवी को शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग के आदेश पर  रखा गया था।

3. इधर 2018 में 2009 में निर्गत दिशा निर्देश को आधार बनाकर सभी अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवक को सेवा मुक्त किया जा रहा है/कर दिया गया है ।

4. 23 जुलाई 2018 को "महादलित दलित एवं अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "चयन एवं सेवाशर्त 2018 निर्गत कर योजना को पूरी तरह परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है और सामाम्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक की सेवा समाप्त कर दी गई है। और सेवा समाप्ति से रिक्त हुए पद पर चयन प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवी आठ साल की सेवा उक्त योजना में देने के पश्चात सेवा मुक्त कर दिए गए हैं अब उनकी उम्र भी नहीं बची है कि दूसरे सेवा में जा सकें।सेवा मुक्ति की कार्रवाई से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है और बेरोजगारी ,भूकमरी की समस्या आ गई है।
5. माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ये सच्चाई है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के लोगों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति आज की तारीख़ में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर है आप बिहार के राजा हैं आंकड़ा मँगवा कर देखा जा सकता है।
6. श्री राजिन्दर सच्चर कमेटी ने भी अपने रिपोर्ट में भारत के मुस्लिमों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति दयनीय होने के सम्बंध में रिपोर्ट पेश किया था और सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सुधार की अनुशंसा की थी, न की मुस्लिम समुदाय के किसी खास जाति के बारे में।
7. महादलित, दलित अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना " के कंडिका 1(2) में अंकित किया गया है कि साक्षरता और शिक्षा में पिछड़ेपन के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय एवं वर्ग में शिक्षा और साक्षर बिहार के लिए चुनौती है।
नोट :-सामाजिक औरआर्थिक रूप से "पिछड़े समुदाय मुस्लिम " में नही बल्कि सामान्य मुस्लिम में शिक्षा और साक्षरता बिहार में चुनौती है।
2011के जनगणना से सामान्य मुस्लिम समुदाय के आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक स्थिति का आंकलन किया जा सकता है।
सामान्य जातियों के उत्थान के लिए बनी उच्च आयोग बिहार पटना ने भी कहा था कि सरकार द्वारा संचालित तालीमी मरकज़ का लाभ उच्च जाति के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोग इसका लाभ ले सकते हैं परन्तु वर्तमान में तालीमी मरकज़ में बहाल सामान्य मुस्लिम समुदाय के शिक्षा स्वयं सेवकों को हटा दिया गया है और नई नियामवली एवं सेवाशर्त निर्गत कर इस योजना को परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर सामान्य जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े  मुस्लिम को योजना के लाभ से वंचित कर कार्यरत शिक्षा स्वयं सेवकों को बेरोज़गार कर दिया गया है।

अतः विनम्र निवेदन है कि सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को पूर्वत बहाल रखने का आदेश शिक्षा विभाग को देने की कृपा करें या सेवा मुक्त किये गए सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने की कृपा की जाए साथ ही चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन कर इस योजना को सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल देने की कृपा करें ताकि आपके "न्याय के साथ विकास "का नारा चरितार्थ हो।

विश्वाशभाजन

नाम               पद          पूरा पता        मोबाइल नंबर       हस्ताक्षर

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Tuesday, July 24, 2018

छात्र -छात्राओं को नही मिला पोशाक , छात्रवृति की राशि

छात्र -छात्राओं को नही मिला पोशाक और छात्रवृति की राशि

परिहार सीतामढ़ी।परिहार प्रखण्ड के प्राथमिक  और मध्य विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र - छात्राओं को आज तक वित्तीय वर्ष 2016 - 2017 ,2017 -2018 का पोशाक और छात्रवृति राशि उनके  खाते में /अभिभावकों के खाते में हस्तांतरित नही की गई है।
लेकिन  प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी परिहार के स्तर से कोई कार्रवाई देखने को  नहीं मिल रहा है और न ही ज़िला सतह पर ही कोई कार्रवाई की जा रही है।

Complaint

MD QAMRE ALAM
Account No.31057253138
Mobile 9470227456
E-mail mdqamrealam6@gmail.com
State Bank of India
ADB Parihar (04657)
Sitamarhi

Subject: - Regarding not linked to bank account Aadhar and PAN card number.
Dear Sir,
I have copied the Aadhar and PAN card photo copies for linking my bank account with Aadhar and PAN card number but it has not been linked.

ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी ज़ियाउल होदा खाँ ने साक्ष्यों को छिपा कर तालिमी मरकज़ में नियोजित अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों के सेवा समाप्ति का रास्ता किया साफ

शिक्षा विभाग औऱ नीतीश कुमार के इशारे पर ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी ज़ियाउल होदा खाँ ने साक्ष्यों को छिपा कर तालिमी मरकज़ में नियोजित अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों के सेवा समाप्ति का रास्ता  साफ किया है और हज़ारों सामान्य अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के शिक्षा स्वयं सेवकों को बेरोज़गारी की ज़िन्दगी जीने पर विवश कर दिया है।
सरकार ने सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा समाप्त कर साबित कर दिया है कि ये अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य मुस्लिमों की सरकार नही है।

परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली /जाँच के नाम पर खानापूरी/ ऐसे भी स्कूल में तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक का नियोजन किया गया है जिस स्कूल में एक भी मुस्लिम समुदाय का बच्चा नहीं पढ़ता है

परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली

सीतामढ़ी ज़िला अन्तर्गत वर्ष 2016 में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के द्वारा शिक्षा स्वयं सेवकों का चयनोंप्रांत प्रशिक्षण देकर केंद्र संचालित किया गया था और मानदेय भुगतान मद में निदेशक जन शिक्षा पटना से आवंटन की माँग की गई थी आवंटन तो नही भेजा गया चयन प्रक्रिया की जाँच का पत्र उप सचिव शिक्षा विभाग बिहार पटना द्वारा पत्रांक 2423 दिनांक 20.09.2017 जो ज़िला पदाधिकारी सीतामढ़ी को संबोधित था।जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी ने जाँच हेतु तीन सदस्यीय जाँच टीम बना कर जाँच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।  परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली जिला तालिमी मरकज़ संघ सीतामढ़ी के  पदाधिकारियों के द्वारा की गई है और दी गई है।
जाँच टीम ने जाँच के नाम पर सिर्फ खाना पूरी की गई चयन प्रक्रिया की तथ्यात्मक जाँच नही की गई है।मालूम हो कि ऐसे भी स्कूल में तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक का नियोजन किया गया है जिस स्कूल में एक भी मुस्लिम समुदाय का बच्चा नहीं पढ़ता है। उदाहरण स्वरूप परिहार प्रखण्ड का मध्य विद्यालय परिहार कन्या ऐसे बहुत सारे विद्यालय हैं।
अंकनियहै कि
1.प्रत्येक केन्द्र पर एक ही आवेदक हैं। क्या  सही तरीके से प्रचार प्रसार कर नियोजन की प्रक्रिया की जाए तो ऐसा होगा ? जहाँ मानदेय के रूप में 8000/ रुपये मिलता हो ?
2.नियोजन से पूर्व केंद्र स्थल का चयन होना चाहिए क्या ऐसा हुआ ?
3.स्थल चयन के बाद केन्द्र पर नामांकित होने वाले माता पिता/अभिभावकों की आम सभा बुला कर संचालन समिति गठित करने का प्रावधान है क्या आम सभा के लिए लिखित रूप में सूचना का प्रकाशन किया गया ?

4.आवेदन करने के लिए लिखित सूचना प्रकाशित की गई ?
जाँच में इन सभी बातों को सामने रखा जानी चाहिए था।

जाँच पदाधिकारी ने सूची में सम्मिलित अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवी की कोई जाँच नही की और न ही पक्ष जाना।

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...