Saturday, August 04, 2018

श्री शशि भूषण सिंह पटना हाई कोर्ट के विद्वान अधिवक्ता जो अपनी क़ाबलियत के बल पर इंसाफ का परचम लहरा रहे हैं

श्री शशि भूषण सिंह पटना हाई कोर्ट के विद्वान अधिवक्ता हैं इनका शुमार पटना हाई कोर्ट में एक अच्छे वकील के रूप में की जाती है ये आरा ज़िला के रहने वाले हैं जिन्होंने अपनी मेहनत ,लगन और ईमानदारी के बदौलत जिस केस को अपने हाथ में लिया उस में कामयाबी हासिल की है।ये मिलन सार, खुश मिज़ाज और ग़रीब प्रवर स्वभाव के मालिक हैं।इनकी एक बहुत बड़ी खूबी यह है कि इनको केस देने के बाद petitioner को हाई कोर्ट का चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं रहती है ये खुद वकील के साथ- साथ केस के पार्टी बन काम करते हैं जो बहुत कम Advocate में देखने को मिलता है इनकी सबसे बड़ी खूबी विरोधी पार्टी इनको किसी तरह किसी मामले में हिला नही सकता है।

Wednesday, August 01, 2018

सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं :- मोहम्मद कमरे आलम

सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं :- मोहम्मद कमरे आलम

बिहार सरकार द्वारा तालीमी मरकज़ में बहाल सामान्य जाति के मुसलमानों की नौकरी सिर्फ सामान्य जाति होने की वजह से छीन ली है। सामान्य जाति के होने के कारण मानदेय वाली भी नौकरी सामान्य जाति के मुस्लिमों से छीन कर बेरोज़गार कर देना मुनासिब नहीं है ये बातें मोहम्मद कमरे आलम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही है।
उन्हों ने कहा कि क्या बिहार सरकार का यही " न्याय के साथ विकास " सब का साथ सब का विकास है ?
सेवा से हटा दिए गए सभी तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवकों (सामान्य मुस्लिम) को अनौपचारिक अनुदेशकों की तरह बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाये।

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...