Friday, August 17, 2018

छात्र/छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृति, पोशाक, पुस्तक राशि माता /पिता के बैंक एकाउंट में देने, छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने के सम्बंध में

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार सरकार पटना

ज़िला पदाधिकारी
सीतामढ़ी
विषय:- छात्र/छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृति, पोशाक, पुस्तक राशि माता /पिता के बैंक एकाउंट में देने, छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने के सम्बंध में।
महाशय,
उपर्युक्त विषयक सम्बन्ध में अंकित करना है कि उक्त कार्यक्रम की राशि छात्र/छात्राओं के खाते में राशि हस्तांतरण के अनिवार्यता के कारण उक्त कार्यक्रम की राशि छात्र/छात्राओं को कई वित्तीय वर्ष से नही मिल पा रहा है कारण 18 वर्ष तक के बच्चों का बैंक खाता नही खुल पा रहा है।पूर्व में जिन बच्चों का बैंक खाता खुला था लेन- देन नही होने के कारण बैंक ने closed कर दिया है।
अतः निवेदन है कि उक्त योजना की राशि छात्रों के माता पिता के खाते में हस्तांतरण का आदेश दिया जाए साथ ही छात्रों के बन्द कर दिए गए बैंक खातों को Active करने का आदेश सभी बैंकों को देने की कृपा करें।

विश्वास भाजन

मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार

ज़िला सीतामढ़ी 843324
मोबाइल 9199320

परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली। जाँच के नाम पर खाना पूरी

सेवा में,
निदेशक जन शिक्षा
शिक्षा विभाग बिहार पटना ।

सचिव
शिक्षा विभाग बिहार पटना।
प्रधान सचिव
शिक्षा विभाग बिहार पटना

विषय:- परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली।
जाँच के नाम पर खाना पूरी ।

महाशय,

सीतामढ़ी ज़िला अन्तर्गत वर्ष 2016 में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी के द्वारा शिक्षा स्वयं सेवकों का चयनोंप्रांत प्रशिक्षण देकर केंद्र संचालित किया गया था और मानदेय भुगतान मद में निदेशक जन शिक्षा पटना से आवंटन की माँग की गई थी आवंटन तो नही भेजा गया चयन प्रक्रिया की जाँच का पत्र उप सचिव शिक्षा विभाग बिहार पटना द्वारा पत्रांक 2423 दिनांक 20.09.2017 जो ज़िला पदाधिकारी सीतामढ़ी को संबोधित था।जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी ने जाँच हेतु तीन सदस्यीय जाँच टीम बना कर जाँच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।  परिशिष्ट 1 में शामिल 19 शिक्षा स्वयं सेवकों से जाँच प्रतिवेदन भेजवाने के नाम पर प्रति स्वयं सेवक से बीस हजार रुपये की अवैध वसूली जिला तालिमी मरकज़ संघ सीतामढ़ी के  पदाधिकारियों के द्वारा की गई है और दी गई है।
जाँच टीम ने जाँच के नाम पर सिर्फ खाना पूरी की गई चयन प्रक्रिया की तथ्यात्मक जाँच नही की गई है।मालूम हो कि ऐसे भी स्कूल में तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक का नियोजन किया गया है जिस स्कूल में एक भी मुस्लिम समुदाय का बच्चा नहीं पढ़ता है। उदाहरण स्वरूप परिहार प्रखण्ड का मध्य विद्यालय परिहार कन्या ऐसे बहुत सारे विद्यालय हैं।
अंकनियहै कि
1.प्रत्येक केन्द्र पर एक ही आवेदक हैं। क्या  सही तरीके से प्रचार प्रसार कर नियोजन की प्रक्रिया की जाए तो ऐसा होगा ? जहाँ मानदेय के रूप में 8000/ रुपये मिलता हो ?
2.नियोजन से पूर्व केंद्र स्थल का चयन होना चाहिए क्या ऐसा हुआ ?
3.स्थल चयन के बाद केन्द्र पर नामांकित होने वाले माता पिता/अभिभावकों की आम सभा बुला कर संचालन समिति गठित करने का प्रावधान है क्या आम सभा के लिए लिखित रूप में सूचना का प्रकाशन किया गया ?

4.आवेदन करने के लिए लिखित सूचना प्रकाशित की गई ?
5.प्राप्त आवेदनों का संधारण किया गया ? आपत्ति दर्ज करने का समय दिया गया ?
6.क्या प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा रिक्तियों का प्रकाशन किया गया ?
जाँच में इन सभी बातों को सामने रखा जानी चाहिए था।

जाँच पदाधिकारी ने सूची में सम्मिलित अल्पसंख्यक समुदाय के सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवी की कोई जाँच नही की और न ही पक्ष जाना।

विश्वास भाजन
मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार
सीतामढ़ी 843324

ज़िला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता को दिए जाने वाले आवेदन का नमूना

सेवा में,
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता
ज़िला -------------

विषय :-तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी, सेवा समाप्ति के विरुद्ध पटना उच्च न्यायालय में मामला लम्बित होने के कारण नई चयन प्रक्रिया को तत्काल स्थगित रखने के सम्बंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि आपके द्वारा सामान्य जाति होने के कारण मेरी सेवा पत्रांक -------------- दिनांक ------------ के द्वारा समाप्त कर दी गई है सेवा समाप्ति के विरुद्ध हमारे द्वारा पटना उच्च न्यायालय में न्याय प्राप्ति हेतु मुक़दमा दायर किया गया है जिसका टोकन नम्बर -------------- केस नम्बर ---------- है।
केस फ़िलहाल उच्च न्यायालय पटना में लम्बित है।प्राप्त जानकारीनुसार रिक्त पदों पर नई चयन प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

अतः श्रीमान से विनम्र निवेदन है कि हमारे रिक्त पद को न्याय आदेश आने तक नए  चयन से मुक्त रखने की कृपा करें।इस शुभ कार्य के लिए हम सदा आभारी रहेंगें।आवेदन के साथ टोकन नम्बर / केस नम्बर का प्रिंट आउट संलग्न है।

विश्वास भाजन
नाम
पूरा पता :-

अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने/चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन करने के संबंध में।

सेवा में,
श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री,बिहार
विषय :- अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सामान्य जाति के तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी की सेवा बहाल रखने / बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने/चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन करने के संबंध में।
महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था ।
बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया ।
पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था जो मुस्लिम महिला तालीमी मुहिम परिपत्र से स्पष्ट है।
1.तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए आर्थिक तथा सामाजिक आधार की बुनियाद पर, शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में सम्पूर्ण बिहार में सामान्य जाति के लोगों का भी नियोजन किया गया था।
2. 10 दिसंबर 2012 से तालीमी मरकज़ का संचालन सरकार के आदेश से जन शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन किया जा रहा है। वर्ष 2012 - 2013 में राज्य संपोषित कार्यक्रम " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "शुरू किया गया और उसमें सभी तालीमी मरकज़ के शिक्षास्वंय सेवी को शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग के आदेश पर  रखा गया था।

3.इधर 2018 में 2009 में निर्गत दिशा निर्देश को आधार बनाकर सभी अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवक को सेवा मुक्त किया जा रहा है।

4.23 जुलाई 2018 को "महादलित दलित एवं अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "चयन एवं सेवाशर्त 2018 निर्गत कर योजना को पूरी तरह परिशिष्ट 1में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है और सामाम्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक की सेवा समाप्त कर दी गई है। और सेवा समाप्ति से रिक्त हुए पद पर चयन प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवी आठ साल की सेवा उक्त योजना में देने के पश्चात सेवा मुक्त कर दिए गए हैं अब उनकी उम्र भी नहीं बची है कि दूसरे सेवा में जा सकें।सेवा मुक्ति की कार्रवाई से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है और बेरोजगारी ,भूकमरी की समस्या आ गई है।
5.माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ये सच्चाई है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के लोगों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति आज की तारीख़ में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर है आप बिहार के राजा हैं आंकड़ा मँगवा कर देखा जा सकता है।
6.श्री राजिन्दर सच्चर कमेटी ने भी अपने रिपोर्ट में भारत के मुस्लिमों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति दयनीय होने के सम्बंध में रिपोर्ट पेश किया था और अनुशंसा की थी। न की मुस्लिम समुदाय के किसी खास जाति के बारे में।

अतः विनम्र निवेदन है कि सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को पूर्वत बहाल रखने का आदेश शिक्षा विभाग को देने की कृपा करें या सेवा मुक्त किये गए सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित करने की कृपा की जाए साथ ही चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए निर्गत मार्गदर्शिका में संशोधन कर इस योजना को सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल देने की कृपा करें ताकि आपके "न्याय के साथ विकास "का नारा चरितार्थ हो।

विश्वाशभाजन

मोहम्मद कमरे आलम
ग्राम- एकडण्डी,
पोस्ट -परिहार
ज़िला-सीतामढ़ी बिहार
पिन 843324
मोबाइल 9199320345

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर बिहार सरकार ने किया आज छुट्टी का एलान, सात दिनों के शोक की घोषणा

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आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...