Wednesday, August 29, 2018

के ●आर ●पी●अक्षर आँचल योजना के संलिप्तता से नही होता है महिला साक्षरता केंद्र और कोचिंग सेंटर का संचालन

के ●आर ●पी●अक्षर आँचल योजना के संलिप्तता के कारण सम्पूर्ण बिहार में  महिला साक्षरता केंद्र और कोचिंग सेंटर का संचालन जमीनी स्तर पर नही किया जाता है।प्रखण्ड स्तर पर के आर पी और जिला स्तरीय पदाधिकारियों के द्वारा केंद्रों का अनुश्रवण और प्रबोधन किया ही नहीं जाता है प्रबोधन राशि के प्राप्ति के लिए मासिक बैठक में उपस्थित टोला सेवकों/शिक्षा स्वयं सेवकों से प्रबोधन प्रपत्र पर हस्ताक्षर करवा लिया जाता है वहीं निरीक्षण पंजी, उपस्थिति पंजी मँगवा कर निरीक्षण कर लिया जाता है लगभाग ये स्थिति सम्पूर्ण बिहार में अपनाई जा रही है।

परिवाद संख्या

404116026071800218

सेवा में,
श्री नीतीश कुमार
माननीय मुख्यमंत्री
बिहार सरकार पटना

विषय :- तालिमी मरकज़ में नियोजित सामाजिक तथा आर्थिक रूप से अत्यन्त पिछड़े मुस्लिम समुदाय के सामान्य कोटि के शिक्षा स्वयं सेवी को बहाल रखने के साथ ही साथ मार्गदर्शिका संशोधित करने का आदेश देने के सम्बंध में।

महाशय,
निवेदन पूर्वक कहना है कि आपके द्वारा वर्ष 2008 में बिहार के मुस्लिम समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के सभी बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के प्रत्येक गाँव/टोला में वैकल्पिक तथा नवाचारी शिक्षा के अंतर्गत (मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों के लिए ग़ैर आवासीय सेतु कार्यक्रम ) तालिमी मरकज़  प्रारंभ किया गया था जिस में शिक्षा स्वयं सेवी के रूप में आर्थिक तथा सामाजिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के सामान्य वर्ग के आवेदक का भी नियोजन किया गया था और इस आशय का मार्गदर्शिका पत्रांक-AIE/92/2008 -09 /5344 दिनांक - 13.10.2008 भी निर्गत किया गया था और जिला शिक्षा अधीक्षक सह जिला कार्यक्रम समन्वयक बिहार शिक्षा परियोजना सीतामढ़ी का पत्रांक 1151 दिनांक 19 .11.2008 निर्गत हुआ था जिस के आलोक में नियोजन किया गया था ,परन्तु बाद के दिनों में आपके मंशा के विरुद्ध येन केन प्रकारेण मार्गदर्शिका में संशोधन कर उक्त योजना को सिर्फ मुस्लिम समुदाय के अनेक्चर - 1 जाति में सम्मिलित मुस्लिम के लिए आरक्षित कर दिया गया और मार्गदर्शिका दस महीने बाद पत्रांक TM/AIE/92/2008-09/3982 दिनांक 14.08.2009 और ज्ञापाक  AIE/577 दिनांक 18.08.2009 निर्गत कर दी गई।उक्त योजना का संचालन  09 दिसम्बर 2012 तक बिहार शिक्षा परियोजन परिषद पटना के अधीन था वर्तमान में यह योजना 10 दिसम्बर 2012 से जन शिक्षा, जन शिक्षा निदेशालय, शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन संचालित किया जा रहा है और तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी को दलित महादलित अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना से जोड़ कर कार्य लिया जा रहा है।
इधर जन शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षा स्वयं सेवी के रूप में नियोजित सामान्य वर्ग के मुस्लिम को चयन मुक्त करने की बात की जा रही है जो मुस्लिम समुदाय के साथ अन्याय है।माननीय मुख्यमंत्री महोदय सच्चर कमिटी ने भी अपने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मुसलमानों की शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति दलितों से भी कई गुणा बदतर हो चुकी है यह टिपण्णी एंटायर मुसलमानों के लिए की गई है न कि अनेक्चर - 1 में सम्मिलित मुसलानों के लिए मात्र।यह हक़ीक़त है कि सामान्य कोटि के मुसलमानों की स्थिति अनेक्चर - 1 में सम्मिलित मुस्लिमों से भी दयनीय है और योजना का सही हक़दार सामान्य कोटि के सामाजिक, आर्थिक रूप से पिछड़े मुसलमान ही हैं।और यह कार्यक्रम आपके द्वारा सभी मुसलमानों को लक्ष्य कर ही शुरू किया गया था।

अतः माननीय मुख्यमंत्री महोदय से विनम्र निवेदन है कि तालिमी मरकज़ में नियोजित सामान्य कोटि के मुस्लिम शिक्षा स्वयं सेवक को बहाल रखा जाय और मार्गदर्शिका में संशोधन कर आरक्षित मुस्लिम -1 को अनारक्षित मुस्लिम किया जाय ताकि योजना का लाभ मुसलमानों को सही तरीके से मिलता रहे और योजना का सही मक़सद परिलक्षित हो।

विश्वास भाजन
मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी, परिहार, सीतामढ़ी
पिन 843324
मोबाइल 9199320345
mdqamarealam6@gmail.com

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Date 18.08.2018

Sunday, August 26, 2018

परिहार चौक से प्रखण्ड मुख्यालय जाने वाली सड़क नाला में तब्दील

परिहार चौक से प्रखण्ड मुख्यालय जाने वाली सड़क नाला में तब्दील हो चुका है बरसात का पानी, यहाँ तक घरों का गन्दा पानी सड़कों पर बहाया जा रहा है जिस से आने - जाने वाले लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है।यह प्रखण्ड की मुख्य सड़क है इसी मार्ग में श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मिडिल स्कूल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अवस्थित है। मार्ग से  सभी प्रखण्ड, ज़िला स्तरीय पदाधिकारियों का गुजरना आये दिन होता है मगर समस्याओं का निदान जस का तस बरक़रार है।
प्रखण्ड ODF भी घोषित किया जा चुका है।सड़कों पर गंदे पानी का बहाव सड़कों का अतिक्रमण, स्वच्छ सीतामढ़ी पर एक बदनुमा दाग है।समाज सेवी मोहम्मद कमरे आलम ने इन समस्याओं की जानिब ईमेल ज़िला पदाधिकारी सीतामढ़ी को भेज निदान का गुहार लगाया था परन्तु अभी तक कारवाई अपेक्षित है।

https://srmehranclub.com/ref/Dailychingari/

SBI परिहार ग्राहक सेवा केन्द्र (CSP) के आड़ में साइबर क्राइम कर नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से खाताधारी के बैंक एकाउंट से राशि की निकासी

 सीतामढ़ी ।भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार ग्राहक सेवा केन्द्र  (CSP) के आड़ में साइबर क्राइम कर खाताधारी के बैंक एकाउंट से नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग/अन्य बैंकिंग के माध्यम से राशि की निकासी का धंधा जोड़ पकड़ता जा रहा है जिस में बैंक के शाखा प्रबंधक के संलिप्ता से इंकार नही किया जा सकता है।

परिहार प्रखण्ड के एकडण्डी निवासी जेबा परवीन जो श्री गाँधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिहार के इंटर द्वितीय वर्ष की छात्रा है एक लिखित शिकायत पत्र शाखा प्रबंधक SBI ADB परिहार को दिया गया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनका बैंक खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक बेला खुर्द में खुला हुआ है मैं अपने खाता से राशि निकासी के लिए ग्राम मैशहा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार के ग्राहक सेवा केन्द्र(CSP) केन्द्र कोड  3A451437 जिसके संचालक नीतीश कुमार हैं पर गई ।संचालक ने कहा कि चूँकि आपका खाता उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में है अगर खाता आधार से जुड़ जाएगा तो हमारे ग्राहक सेवा केंद्र से भुगतान हो सकता है आप अपना आधार, बैंक खाता का फोटो कॉपी दे दें मैं आधार लिंक्ड करवा दूँगा आधार से जुड़ने के पश्चात भुगतान हो जाएगा मैं आधार, बैंक खाता का फोटो कॉपी संचालक को दे दी।
मैं दिनांक 24 अप्रैल  2017 को SBI परिहार के ग्राहक सेवा केन्द्र मैशहा गई वहाँ संचालक ने मेरा अंगूठा फिंगर प्रिंट मशीन से लिया और 3000 तीन हजार रुपये का भुगतान किया।
फिर दुबारा दिनांक 08 जनवरी 2018         को उक्त केन्द्र पर राशि निकासी के लिए गई तो अंगूठा फिंगर प्रिंट मशीन से लेने के बाद कहा कि आपके खाता में पैसा नहीं है ।मैं कई बार राशि निकासी के लिए गई और हर बार यही कहा जाता रहा कि आप के खाता में पैसा नहीं है तो मुझे शक हुआ और मैं अपने खाता का स्टेटमेंट निकलवाई तो स्टेटमेन्ट देख कर दंग रह गई।भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक ने मेरे बैंक खाता से नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से विभिन्न तिथियों में @RS 5717.25 रुपये, @Rs 1500 रुपये, और @Rs 600 रुपये की निकासी कर लिया गया है।
पीड़िता ने शाखा प्रबन्धक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया परिहार से शिकायत की है मगर शाखा प्रबंधक परिहार ने कोई कार्रवाई नही किया उल्टे आवेदक को डांट फटकार कर भगा दिया गया जिस से ऐसा प्रतीत होता है कि इस साइबर क्राइम में वर्तमान शाखा प्रबंधक का भी शह है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को चाहिए कि ऐसे संचालक जो ग्राहक सेवा केन्द्र के आड़ में ग्राहकों से धोखा धड़ी, साइबर क्राइम कर स्टेट बैंक की शाख को धोमिल कर रहे ग्राहक सेवा केन्द्र के लाइसेंस को रद्द करे साथ ही क़ानूनी कार्रवाई।

जानकारों का कहना है कि ग्राहक सेवा केन्द्रों के संचालक प्राइवेट कंपनियों का भी बैंकिंग लाइसेंस ले रखा है जैसे यस बैंक, आर बी एल, नोवा पे, एक्सिस बैंक और इन्ही बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से खाता धारी के खाता से फिंगर प्रिंट लेने के बाद राशि निकासी कर ली जाती है और खाता धारक को कह दिया जाता है कि आपके खाता में पैसा नहीं है खाता धारी जब कहीं और अपने बैंक एकाउंट को चेक करवाता है तो पता चलता है कि उसके खाते से राशि ग़ायब है।

खाता धारक के द्वारा शिकायत दर्ज की जाती है मगर जाँच में प्रमाणित नही हो पाता है क्योंकि धोकाधड़ी तो अन्य तरीकों से किया जाता है औऱ खाता धारक कलेजे में मुक्का मार कर रह जाते हैं।


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