Friday, September 07, 2018

महादलित अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना को मुस्लिमों में सिर्फ परिशिष्ट1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है :- मोहम्मद कमरे आलम

महादलित अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना को मुस्लिमों में सिर्फ परिशिष्ट1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है :- मोहम्मद कमरे आलम

प्रेस बयान जारी कर मोहम्मद कमरे आलम ने कहा है कि "" महादलित अल्पसंख्यक एवं अति पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "" को मुस्लिमों में सिर्फ परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित कर देना शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन है ।
राज्य सरकार द्वारा परिभाषित शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अभवंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय आता है।उक्त योजना को परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित कर अल्पसंख्यक सामान्य जाति को लाभ से वंचित कर दिया गया है जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम में परिभाषित अल्पसंख्यक समुदाय को मिले अधिकार का उलंघन है क्योंकि सामान्य मुस्लिम भी अल्पसंख्यक हैं।
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने 23 अगस्त 2018 को पत्रांक 1570 निर्गत कर उक्त योजना को मुस्लिम में सिर्फ परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित कर दिया है और योजना के नाम में भी आंशिक संशोधन कर योजना का नाम " महादलित दलित एवं अल्पसंख्यक अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना " कर दिया है जो गलत है।
उक्त योजना को मुस्लिमों में सिर्फ अति पिछड़ी जातिओं के लिए आरक्षित करने से पूर्व उक्त योजना में बहाल अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवकों की सेवा निदेशक जन शिक्षा , शिक्षा विभाग पटना के पत्रांक 1088 दिनांक 19.05.2018 और 1098 दिनांक 22.05.2018 के आलोक में यह कहते हुए समाप्त कर दिया गया  कि आप अल्पसंख्यक सामान्य जाति के हैं इसलिए आपका नियोजन अवैध है और एक आदेश से हज़ारों मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों को सड़कों पर लाकर खड़ा कर दिया गया है ।एक सोची समझी साजिश के तहत सामान्य जाति के लोगों को ह्रास किया जा रहा है और खाक छानने पर विवश कर दिया गया है।

चिंगारी

जिस किसी के भी अन्दर ईमान की चिंगारी बची होगी वह राहे रास्त पर आ जाएगा।

महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजनान्तर्गत मुस्लिम छात्र विहीन विद्यालयों में शिक्षा स्वयं सेवक (तालीमी मरकज़) का नियोजन कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किये जाने के सम्बंध में।

महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजनान्तर्गत मुस्लिम छात्र विहीन विद्यालयों में शिक्षा स्वयं सेवक (तालीमी मरकज़) का नियोजन कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किये जाने के सम्बंध में।
सेवा में,
निदेशक जन शिक्षा
शिक्षा विभाग बिहार पटना
विषय :-महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजनान्तर्गत मुस्लिम छात्र विहीन विद्यालयों में शिक्षा स्वयं सेवक (तालीमी मरकज़) का नियोजन कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किये जाने के सम्बंध में।
महाशय,
उपर्युक्त विषयक सम्बन्ध में अंकित करना है कि जिला सीतामढ़ी अन्तर्गत मुस्लिम छात्र विहीन विद्यालयों में शिक्षा स्वयं सेवक का नियोजन कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है जबकि इस योजना का मक़सद ही मुस्लिम समुदाय के 6 से 14 वर्ष के बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा सुनिश्चित करना है।
उदाहरण स्वरूप कुछ साक्ष्य पेश है :-
परिहार प्रखण्ड अन्तर्गत  मध्य विद्यालय बहुहरवा में दो शिक्षा स्वयं सेवक का नियोजन है जबकि इस विद्यालय में एक भी मुस्लिम छात्र नामांकित नही हैं और विद्यालय के आसपास मुस्लिम आबादी भी नहीं है।स्वयं सेवक भी दूसरे गॉव के निवासी हैं।
1.गुलाम यजदानी
2.रिज़वाना खातून
महाशय ऐसी स्थिति सम्पूर्ण बिहार में है जो सघन जाँच से स्पष्ट हो जाएगा।
            अतः अनुरोध है कि मुस्लिम छात्र विहीन विद्यालयों में नियोजित शिक्षा स्वयं सेवकों के नियोजन को समाप्त करने की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने का कष्ट कर सरकारी राशि के दुरूपयोग पर अंकुश लगाने की कृपा करें।
मोहम्मद कमरे आलम
एकडण्डी परिहार सीतामढ़ी बिहार

Wednesday, September 05, 2018

भारत के शिक्षक शासन प्रशासन का बन्धुआ मजदूर बनकर अपमान उपेक्षा व उपहास का विषय बन गया - नागेन्द्र पासवान

समान काम का समान वेतन की मांग के लिए शिक्षक संघो के आन्दोलन का नैतिक समर्थन करते हुए नागेन्द्र कुमार पासवान मुख्य समन्वयक, साक्षर भारत सीतामढ़ी संयोजक अखिल भारतीय साक्षर भारत मिशन कर्मी महासंघ ,सह-मंत्री भारतीय मजदूर संघ सीतामढ़ी ने कहा कि भारत के शिक्षक शासन प्रशासन का बन्धुआ मजदूर बनकर अपमान उपेक्षा व उपहास का विषय बन गया गई।आज शिक्षक अपनी वाजिव मजदूरी के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय में गुहार लगा रहा है जहा शिकज़ह विरोधी मानसिकता के राज्य और केंद्र सरकार शिक्षको को जलील कर रही है। बिहार में सामाजार्थिक शोषण एवम् मानसिक उत्पीरण के शिकार अल्प वेतन भोगी शिक्षक जिल्लत और जलालत की जिन्दगी जीने को विवस है।
 

विशिष्ट पोस्ट

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

आठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया...