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Saturday, January 19, 2019

माननीय मुख्यमंत्री बिहार सामान्य मुस्लिम जिनको तालीमी मरकज़ से हटा दिया गया है उनकी सेवा बहाल कीजिए :- मोहम्मद कमरे आलम

माननीय मुख्यमंत्री बिहार सामान्य मुस्लिम जिनको तालीमी मरकज़ से हटा दिया गया है उनकी सेवा बहाल कीजिए :- मोहम्मद कमरे आलम

माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था जिसे बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया फिर पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था।
1.तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए शिक्षा स्वंय सेवक के रूप सम्पूर्ण बिहार में सामान्य जाति के लोगों का भी नियोजन किया गया था।
2.10 दिसंबर 2012 से तालीमी मरकज़ का संचालन सरकार के आदेश से जन शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन किया जा रहा है। वर्ष 2012 - 2013 में राज्य संपोषित कार्यक्रम " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "शुरू किया गया और उसमें सभी तालीमी मरकज़ के शिक्षास्वंय सेवी को शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग के आदेश पर रखा गया था।

3.इधर 2018 में 2009 में निर्गत दिशा निर्देश को ही आधार बनाकर सभी अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवक को सेवा मुक्त किया जा रहा है।

4.23 जुलाई 2018 को "महादलित दलित एवं अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "चयन एवं सेवाशर्त 2018 निर्गत कर योजना को पूरी तरह आरक्षित कर दिया गया है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवी आठ साल की सेवा उक्त योजना में देने के पश्चात सेवा मुक्त कर दिए गए हैं अब उनकी उम्र भी नहीं बची है कि दूसरे सेवा में जा सकें।सेवा मुक्ति की कार्रवाई से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है और बेरोजगारी भूकमरी की समस्या आ गई है।
5.माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ये सच्चाई है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के लोगों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति आज की तारीख़ में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर है आप बिहार के राजा हैं आंकड़ा मँगवा कर देख सकते हैं।
अतः विनम्र निवेदन है कि सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को पूर्वत बहाल रखने का आदेश शिक्षा विभाग को देने की कृपा करें या सेवा मुक्त किये गए सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित किया जाए ताकि आपके "न्याय के साथ विकास "का नारा परिलक्षित  हो।

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