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Saturday, January 19, 2019

अजीब बात है न लोक सभा से सामान्य आरक्षण बील पास होता है और बिहार में सामान्य मुस्लिम को तालीमी मरकज़ की नौकरी से निकाल दिया जाता हैऔर आर्थिक रूप से अपाहिज बना दिया

कितनी अजीब बात है न लोक सभा से सामान्य आरक्षण बील पास होता है और बिहार में सामान्य मुस्लिम को तालीमी मरकज़ की नौकरी से निकाल दिया जाता है। हाँ दोस्तों बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है पहले तो बिहार सरकार ने वर्ष 2008 में आर्थिक रूप से पसमांदा मुस्लिम सामान्य को तालीमी मरकज़ में शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में बहाल किया और वर्ष 2018 में नौकरी से बाहर निकाल दिया।
नीतीश कुमार की सरकार का ये चेहरा कोई नया नहीं है कहने को तो ये सरकार कहती है न्याय के साथ विकास मगर ये कथन सिर्फ भाषणों में कही जाने वाली बातें हैं।सामान्य मुस्लिम समुदाय के नौजवानों को तालीमी मरकज़ में बहाल कर उनके नौजवानी को बर्बाद करने का एक सोची समझी साजिश थी अगर ऐसा नहीं होता तो निरन्तर आठ साल तक खिदमत लेने के बाद नियमों का हवाला देकर एक झटके में हटा नहीं दिया जाता।जब सरकार ये देखी कि अब ये कोई दूसरी सरकारी सेवा में नही जा सकते क्योंकि इनकी उम्र सरकारी सेवा के लायक बची ही नहीं तो अब ये नौकरी में जा नही सकते तो इनको हटा दिया और एक तरह से आर्थिक रूप से अपाहिज बना दिया।

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