Saturday, February 09, 2019

तीन हज़ार पाँच सौ मुस्लिम परिवारों की आहें नीतीश कुमार की सरकार को लील जाएगी :- मोहम्मद कमरे आलम

तीन हज़ार पाँच सौ मुस्लिम परिवारों की आहें नीतीश कुमार की सरकार को लील जाएगी। मोहम्मद कमरे आलम ने कहा कि सरकार बेरोज़गार को रोजगार देती है न कि रोजगार देकर बेरोज़गार करती है मगर नीतीश सरकार रोज़गार छिनने का काम करती है और कर रही है।इस सरकार ने 3500 मुस्लिम सामान्य जाति के लोगों को तालीमी मरकज़ की नौकरी 2008 से 2013 के बीच देकर एक साजिश के तहत 2018 में छीन ली और 3500 मुस्लिम परिवारों को सड़क पर भिक माँगने के लिए खड़ा कर दिया है।
श्री आलम ने कहा कि "कुफ़्र की हकुमत तो चल सकती है मगर ज़ुल्म की हकुमत नहीं " नीतीश कुमार की हकुमत तो कुफ़्र के साथ साथ ज़ुल्म की हकुमत भी है इसका आगे जारी रहना मुमकिन नहीं इस सरकार को लोगों की आहें ले डूबेगी।
मालूम हो कि वर्ष 2008 में मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष तक के बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिहार सरकार ने तालीमी मरकज़ की स्थापना की थी और बच्चों को मुख्य धारा की शिक्षा देने के लिए शिक्षा स्वयं सेवक के नियोजन का प्रावधान किया था, शिक्षा स्वंय सेवक नियोजन के लिए  सामाजिक और आर्थिक आधार रखा गया था उसी आधार पर नियोजन भी किया गया था।
डेढ़ साल बाद एक सोची समझी साजिश के तहत 2008 में निर्गत मार्गदर्शिका को बिना निरस्त किए एक नया मार्गदर्शिका 2009 निर्गत कर दिया जाता है जिसमें ये प्रावधान किया जाता है कि शिक्षा स्वयं सेवक के रूप में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों का ही नियोजन किया जाएगा।

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