Saturday, January 19, 2019

प्रखंड विकास पदाधिकारी परिहार के आश्वासन पर बिहार पंचायत - नगर प्रारम्भिक शिक्षक संघ मूल परिहार का तालाबन्दी समाप्त

प्रखंड विकास पदाधिकारी परिहार के आश्वासन पर बिहार पंचायत - नगर प्रारम्भिक शिक्षक संघ मूल परिहार का तालाबन्दी समाप्त
बिहार पंचायत - नगर प्रारम्भिक शिक्षक संघ मूल प्रखण्ड इकाई परिहार के तत्वधान में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आज 19 जनवरी 2019 को शिक्षकों के स्थानीय समस्याओ के निराकरण को लेकर ,प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्य व प्रखण्ड मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के विरुद्ध अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन व BRC में तालाबन्दी कार्यक्रम का आयोजन प्रखण्ड अध्यक्ष मोहम्मद फ़िरोज़ आलम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
प्रखण्ड विकास पदाधिकारी परिहार द्वारा  28 जनवरी 2019 तक सभी समस्याओं के निष्पादन का आश्वासन दिया और तालाबन्दी व धरना प्रदर्शन को समाप्त करने की अपील की, अपील मानते हुए संघ ने तालाबंदी धरना प्रदर्शन को समाप्त कर दिया।

माननीय मुख्यमंत्री बिहार सामान्य मुस्लिम जिनको तालीमी मरकज़ से हटा दिया गया है उनकी सेवा बहाल कीजिए :- मोहम्मद कमरे आलम

माननीय मुख्यमंत्री बिहार सामान्य मुस्लिम जिनको तालीमी मरकज़ से हटा दिया गया है उनकी सेवा बहाल कीजिए :- मोहम्मद कमरे आलम

माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2008 में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के द्वारा वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में ""तालीमी मरकज़ "का प्रारंभ किया गया था जिसे बाद में संशोधित कर वर्ष 2009 में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के लिए आरक्षित कर दिया गया फिर पुनः सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय के लिए खोल दिया गया था।
1.तालीमी मरकज़ पर नामांकित मुस्लिम बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा देने के लिए शिक्षा स्वंय सेवक के रूप सम्पूर्ण बिहार में सामान्य जाति के लोगों का भी नियोजन किया गया था।
2.10 दिसंबर 2012 से तालीमी मरकज़ का संचालन सरकार के आदेश से जन शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन किया जा रहा है। वर्ष 2012 - 2013 में राज्य संपोषित कार्यक्रम " महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "शुरू किया गया और उसमें सभी तालीमी मरकज़ के शिक्षास्वंय सेवी को शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा विभाग के आदेश पर रखा गया था।

3.इधर 2018 में 2009 में निर्गत दिशा निर्देश को ही आधार बनाकर सभी अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवक को सेवा मुक्त किया जा रहा है।

4.23 जुलाई 2018 को "महादलित दलित एवं अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना "चयन एवं सेवाशर्त 2018 निर्गत कर योजना को पूरी तरह आरक्षित कर दिया गया है।
माननीय मुख्यमंत्री महोदय सामान्य जाति के शिक्षा स्वंय सेवी आठ साल की सेवा उक्त योजना में देने के पश्चात सेवा मुक्त कर दिए गए हैं अब उनकी उम्र भी नहीं बची है कि दूसरे सेवा में जा सकें।सेवा मुक्ति की कार्रवाई से पूरा परिवार सड़क पर आ गया है और बेरोजगारी भूकमरी की समस्या आ गई है।
5.माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी ये सच्चाई है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के लोगों की आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक स्थिति आज की तारीख़ में परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर है आप बिहार के राजा हैं आंकड़ा मँगवा कर देख सकते हैं।
अतः विनम्र निवेदन है कि सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को पूर्वत बहाल रखने का आदेश शिक्षा विभाग को देने की कृपा करें या सेवा मुक्त किये गए सामान्य शिक्षा स्वंय सेवकों को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर योग्यतानुसार समायोजित किया जाए ताकि आपके "न्याय के साथ विकास "का नारा परिलक्षित  हो।

UPSC-Civil Services की तैयारी कर रहे मुसलिम छात्रों के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कोचिंग सेंटर में दाखला के लिए

जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली मुस्लिम उम्मीदवारों के लिए UPSC-Civil Services  के लिए कोचिंग में मुफ्त प्रवेश के लिए प्रतियोगी परीक्षा आयोजित करने जा रहा है ।
मुसलमानों के लिए यह प्रशिक्षण मुफ्त है उन्हें कोचिंग में दाखला के लिए प्रवेश परीक्षा पास करना होगा ।
विवरण  तफ़सीलात के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली के वेबसाइट www.jmi.ac.in पर जाएं
संपर्क नंबर 011-65414144
011-26981717

अजीब बात है न लोक सभा से सामान्य आरक्षण बील पास होता है और बिहार में सामान्य मुस्लिम को तालीमी मरकज़ की नौकरी से निकाल दिया जाता हैऔर आर्थिक रूप से अपाहिज बना दिया

कितनी अजीब बात है न लोक सभा से सामान्य आरक्षण बील पास होता है और बिहार में सामान्य मुस्लिम को तालीमी मरकज़ की नौकरी से निकाल दिया जाता है। हाँ दोस्तों बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है पहले तो बिहार सरकार ने वर्ष 2008 में आर्थिक रूप से पसमांदा मुस्लिम सामान्य को तालीमी मरकज़ में शिक्षा स्वंय सेवक के रूप में बहाल किया और वर्ष 2018 में नौकरी से बाहर निकाल दिया।
नीतीश कुमार की सरकार का ये चेहरा कोई नया नहीं है कहने को तो ये सरकार कहती है न्याय के साथ विकास मगर ये कथन सिर्फ भाषणों में कही जाने वाली बातें हैं।सामान्य मुस्लिम समुदाय के नौजवानों को तालीमी मरकज़ में बहाल कर उनके नौजवानी को बर्बाद करने का एक सोची समझी साजिश थी अगर ऐसा नहीं होता तो निरन्तर आठ साल तक खिदमत लेने के बाद नियमों का हवाला देकर एक झटके में हटा नहीं दिया जाता।जब सरकार ये देखी कि अब ये कोई दूसरी सरकारी सेवा में नही जा सकते क्योंकि इनकी उम्र सरकारी सेवा के लायक बची ही नहीं तो अब ये नौकरी में जा नही सकते तो इनको हटा दिया और एक तरह से आर्थिक रूप से अपाहिज बना दिया।

आज ही बिहार पंचायत - नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ , मूल , प्रखण्ड इकाई परिहार , सीतामढ़ी प्रखंड संसाधन केंद्र में तालाबन्दी धरना प्रदर्शन

शिक्षकों के विभिन्न समस्याओं का बार-बार पत्र देने के बावजूद निराकरण नहीं होने से आहत शिक्षक संघ निम्न मांगों के समर्थन में आज प्रखंड संसाधन केन्द्र परिहार में बिहार पंचायत - नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ , मूल , प्रखण्ड इकाई परिहार  सीतामढ़ी , प्रखंड संसाधन केंद्र में तालाबन्दी धरना प्रदर्शन तालाबंदी कर विरोध दर्ज कराएगा जिस का नेतृत्व प्रखंड अध्यक्ष जनाब फ़िरोज़ आलम करेंगें।

  

Thursday, January 17, 2019

ایسا لگتا ہے مرگیا ہوں میں


🖍جمیل اخترشفیق

رات کے لگ بھگ ڈیڑھ بج رہے ہوں گے ،ہر طرف خاموشی کا پہرہ تھا سینے میں کسی انجانے خوف سے طوفان انگیز کیفیت برپا تھی، پورا جسم پسینہ پسینہ ہورہا تھا، آنکھیں بار بار خشک اور تر ہورہی تھیں،باہر  کتّوں کے رونے کی آوازیں فضا میں مزید وحشت کا زہر گھول رہی تھیں اس روز محض اس خیال سے کہ کسی طرح نیند آجائے میں نے روم کی بجلی گھنٹوں پہلے گُل کردی تھی،لیکن پھر بھی حال یہ تھا کہ صرف نیند ہی نہیں سکون تک مجھ سے خفا ہوکر ایسا لگتا تھا کوسوں دور جا چکا تھا، پتہ نہیں زندگی کبھی کبھار اس طرح سے کس جرم کا انتقام لینا چاہتی ہے، ایک عجیب سی گھبراہٹ،عجیب سی الجھن ذہن ودماغ پہ طاری تھی سمجھ میں یہ نہیں آرہا تھا کہ کیا کیا جائے بس یوں محسوس ہوتا تھا جیسے کوئ طاقتور آدمی میرے جسم کو پوری شدت سے گھنٹوں دباکر رکھے۔

اس نوعیت کا یہ میری زندگی کا تیسرا حادثہ تھا جو اس روز موت بن کر میرے سر پہ منڈ لارہا تھا کبھی کبھی تو یولگتا ہے جیسے میری حساسیت کسی روز میرا گلا گھونٹ کر رکھ دے گی۔

صدمات جھیلتے جھیلتے، اذیتیں براداشت کرتے کرتے انسان کا کلیجہ شاید کربناک احساسات کا گڑھا بن جاتا ہے،جی میں آیا کہ بھائیوں کو آواز دوں،امی.....امی..... پوری شدت سے پکاروں لیکن جسم کا ارتعاش  لبوں کی کپکپاہٹ، بدن کی نقاہت اجازت نہ دے سکی اور غموں کے لہو میں ڈوبے ہوئے الفاظ حلق میں ہی دب کر رہ گئے ۔

وہ رات میرے ذہن وقلب پہ کسی جلّاد کی مانند ایسے کھڑی تھی کہ پل بھر کے لیے یوں لگا جیسے میری آنکھیں ہمیشہ کے لیے بند ہوجائیں گی، میں صبح کا سورج نہیں دیکھ پاؤں گا، میرے خوابوں کے وہ سارے شیش محل جو مجھے تنہائ میں بھی اندر سے بہت شاد رکھتے ہیں ٹوٹ کرزمین بوس ہوجائیں گے،عالمِ تصور میں میری نگاہیں دو دنیا کو دیکھ رہی تھیں ایک وہ دنیا جس میں مرکر رب کے حضور سب کو پیش ہونا ہے دوسری وہ دنیا  جس میں میری زندگی کا ایک ایک پل گزرا تھا، جس میں ماں باپ، فیملی رشتہ دار ،جان پہچان کے عزت دینے والے، پلکوں پہ بٹھانے والےسارے لوگ تھے، جہاں میرے مستقبل کے عزائم کی حسین عمارتیں آنکھوں میں ہمت کا نور پیدا کرتی تھیں لیکن محض اس رات موت کے تصور نے میرے ارمانوں، خواہشوں، اور آرزؤں کی بلند وبالا عمارتوں کو یوں لگا جیسے یکلخت منہدم کردیا ہو ۔مجھے ذہن وقلب پہ طاری ساری دنیاوی چیزیں بہت حقیر نظر آنے لگی تھیں،وہ سارے چہرے نظروں سے اوجھل ہوچکے تھے جنہیں میں جان سے زیادہ عزیز رکھتا ہوں، بار بار نگاہوں کے سامنے صرف میرے اعمال رقص کررہے تھے اور آنکھیں بیساختہ برس پڑتی تھیں، میں پل بھر کے لیے اپنا نام، شان، خواب سب کچھ بھول چکا تھا موت کے تصور نے مجھے اتنا اندر سے بےبس کردیا تھا کہ میں نے اس بدحواسی میں ایک بار نہیں باربار اس خیال سے وضو کیا کہ چلو جب سامنے ملک الموت کھڑا ہی ہے، چند منٹوں میں بدن سے میری روح نکال لی ہی جائے گی تواعمال میں نیکیوں کا انبار نہ سہی اپنے رب کے حضور کم ازکم حالتِ وضو میں پیشی تو ہوگی ، ممکن ہے اگر رب ذوالجلال نے  میری حالت پہ ترس کھاکر نظررحمت ڈال دیا تو یقیناً نجات کی راہ آسان ہوجائے گی، مجھے یاد آتا ہے ان خیالوں میں گُم میں نے سردی کی اس کپکپاتی ہوئ رات میں بھی ننگے فرش پہ نمازِ تہجد ادا کی اور اس بات کا احساس تک نہیں رہا کہ موسم کیسا ہے، وضو کے بعد بھیگا ہوا ہاتھ پونچھنا باقی رہ گیا ہے، بدن پہ چادر رکھنا بھول گیا ہوں کچھ بھی احساس نہیں تھا بس سجدے میں سررکھ کر جی کرتا تھا آنکھوں میں جتنے آنسو ہیں آج ہی بہاکر دامنِ عمل صاف کرلیے جائیں، حالت ایسی تھی کہ اس جان لینے والی سردی میں اگر میرے سامنے برف کی چٹان ہوتی تو شاید میں اس خوف کے عالم میں بغیر کچھ بچھائے اس پہ بھی سجدہ ریز ہوجاتا اس روز ایک ہی فکر دامن گیر تھی کہ کسی طرح میرا خالق مجھ سے راضی ہوجائے، میں اس کی بارگاہ میں سرخرو ہوجاؤں اور کچھ نہیں.......!

ہائے....... میں اسی روز سے بس یہی سوچ رہا ہوں کہ محض موت کے احساس کی شدت نے مجھے اس درجہ بےبس کردیا کہ پل بھر میں سب کچھ بھول گیا، اورجب انسان کے جسم سے روح نکالی جاتی ہوگی تو مرنے والے پہ کیا گزرتی ہوگی؟

بہار اب بجلی میں خود کفیل ہوگیا ہے , نتیش کمار

بہار  اب بجلی میں خود کفیل  ہوگیا ہے , نتیش کمار

سیتامڑھی محمدارمان علی
بہاربجلی کے معاملہ میں خود کفیل ہوگیا ہے, ہم نے 2006کے 15اگست کو گاندھی میدان پٹنہ میں اعلان کیا تھا کہ جہاں بجلی نہیں ہے وہاں بجلی لگے گی نہیں تو ہم وہاں ووٹ کیلئے نہیں جائینگے ان خیالات کااظہاروزیر اعلی بہار جناب نتیش کمار نے سیتامڑھی کے ڈمرا بلاک کے پرمانند پور گاؤں میں 620کڑور روپے کی لاگت سے بننے والے پاور گڑیڈ سب اسٹیشن کا سنگ بنیاد رکھنے کے بعدایک اجلاس عام سے خطاب کے دوران کیا ,انہوں نے کہا کہ اس پاور سب اسٹیشن کی تعمیر کا کام دوسال میں مکمل ہوجائےگا اور یہاں سے سیتامڑھی دربھنگہ مغربی ومشرقی چمپارن اور شیوہر کو ضرورت کے مطابق بجلی مہیا کرائ جائیگی, انہوں نے کہا کہ ہماری سرکار انصاف کے ساتھ ترقیاتی کام کرنے میں یقین رکتھی ہے, اس ضلع میں جنتے بھی پل پلیا بنےہیں وہ این ڈی اے کی سرکار نے تعمیر کرائ ہے, مہسول ریلوے کراسنگ کو جوڑنے والی سڑک بھی عنقریب بنے گی, لگما سے ڈمرا ہوتے ہوئے سیتامڑھی کو جوڑنے والی سڑک کی تعمیر کا کام بھی جلد ہی شروع ہوجائےگا اس موقع پر مرکزی وزیر توانائ آزادانہ چارج آرکے سنگھ نے کہا کہ اس پاور گریڈ سب اسٹیشن کی تعمیر متھلانچل ٹرانسمیشن لیمیٹیڈ, پاور گریڈ کارپوریشن آف انڈیا لیمیٹیڈ کے ذریعہ کیا جارہاہے, اس پاور گریڈ کی تعمیر 36ایکر زمین کیا جارہا ہے, 400/220/132kv کا یہ سب اسٹیشن دوسال میں مکمل ہوجائےگا ویجندرپرسادیادو وزیر توانائ حکومت بہار نے اپنے خطاب میں کہا کہ اس پاور سب اسٹیشن کے بنے کے بعد بجلی کی کوئ کمی نہیں رہے گے اور نہیں لو وولٹیج کی پریشانی رہے گی وزیر تعمیرات سڑک نند کشور یادو نے کہا کہ این ڈی اے کی سرکار نے بہار میں سڑکوں کا جال بچھا دیا ہے اس موقع پر مقامی ایم پی رام کمار شرما نے ضلع میں التوا میں پڑے کاموں کا بڑی بے باکی کے ساتھ معاملہ اٹھایا اور وزیر اعلی سے وقت رہتے ان کاموں کو پورا کرانے کا مطالبہ کیا, اس موقع پر سیتامڑھی کے ایم ایل اے سنیل کمار کسواہا, ڈاکٹر رنجو گیتاایم ایل اے باجپٹی, سنیتا سنگھ چوہان ایم ایل اے بیلسنڈ, امیت کمار ٹناایم ایل اے ریگا, دیویش چندر ٹھاکر, ایم ایل سی, رامیشور کمار کسواہا سابق ایم پی نول کشور رائے, سابق ایم ایل اے گڈی چودھری, سابق ایم ایل سی پروفیسر اسلم ازاد, اخیر میں ڈی ایم ڈاکٹر رنجیت کمار سنگھ نے سبھی مہمانوں کا شکریہ ادا کیا

विभिन्न मांगों को लेकर 19 जनवरी को प्राथमिक शिक्षक संघ देगा धरना

शिक्षको की विभिन्न समस्याओं ,पुरानी पेंशन योजना,भविष्य निधि ग्रेच्युटी की सुविधा,12 वर्षो की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षको को स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति आदि मांगो को लेकर 19 जनवरी को शंकर चौक,डुमरा में BRPSSके द्वारा आक्रोश पूर्ण धरना का आयोजन किया गया है।

ضرورت حفاظ

*ضرورت حفاظ*

*السلام علیکم و رحمۃ اللہ و برکاتہ*
*تین قابل حفاظ کی ضرورت ہے جن کی عمریں 25 سے اوپر ہو ان شاء اللہ قیامُ طعام کے ساتھ 14000 سے 18000 تک تنخواہ دی جائے گی فیملی والوں کو مع طعام 22000 ہزار دی جائے گی*

*جگہ کاسرکوڈ کیرلا*

*زیادہ جانکاری کے لئے contact کریں*

*موبائل نمبر* 6205414728

नागरिकता अधिकार सुधार बिल का लोक सभा से मंज़ूर होना अफसोस नाक ,निशाने पर मुसलमान

नागरिकता अधिकार सुधार बिल का लोक सभा से मंज़ूर होना अफसोस नाक है।लोक सभा में नागरिकता अधिकार सुधार बिल को स्वीकृति मिल गई है जबकि विपक्ष ने बील का विरोध किया था।इस बिल के पेश किए जाने और स्वीकृति के बादकुछ अजीब सूरत ए हाल पैदा हो गई है।और कई गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं बुनियादी तौर पर यह बिल आसाम को सामने रख कर किये गए हैं।
केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह बील पूरे हिंदुस्तान पर होगा।
इस बिल का अफ़सोसनाक पहलू यह है कि इसमें यह नियम रखा गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से जो हिन्दू, जैन, ईसाई, सिख, बुद्धिस्ट और पारसी हिंदुस्तान आयेंगे उन्हें देश में रहने के छः साल बीत जाने के बाद यहाँ की नागरिकता दे दी जाएगी।अभी क़ानून के मुताबिक कम से कम बारह साल के निवास की शर्त है।इस बिल में कहीं भी मुसलमानों का नाम नहीं लिया गया है।मुसलमानों को इस बिल से अलग रखा गया है इस के निशाने पर खास कर आसामी मुसलमान हैं जो सैकड़ों साल से आसाम में रहते आ रहे हैं।बंगाल से लगाव की वजह से उनकी भाषा बंगला है।उनकी भाषा बंगला है इस बिना पर उन्हें बंगला देसी क़रार देने पर कट्टरपंथी तुले हुए हैं और लगातार साजिश रची जा रही है।
यह भेद भाव की बदतरीन मिसाल है यह आने वाले वक्त में क्या सूरत अपनाएगी और इस के परिणाम क्या होंगें यह तो आने वाला कल ही बतलायेगा।ये बात इसलिए कही जा सकती है कि मुल्क में हर जगह मुसलमानों की एक बड़ी आबादी निवास करती है।अब इस नागरिकता क़ानून सुधार बिल से जिस तरह मुसलमानों को बिल्कुल अलग थलग रखा गया है और यह कहा जा रहा है कि पूरे देश में लागू होगा इस से पता चलता है कि किसी न किसी सूरत में दूसरे राज्यों के मुस्लिम भी इस से प्रभावित हो सकते हैं।

मुल्क में जिस किस्म के हालात हैं उनके मद्देनजर और भी तश्वीशनाकबात है कि कोई मुसलमान किसी जगह लम्बे समय से रह रहा हो और अचानक उससे इस मुल्क का शहरी होने का का सबूत मांग सकता है यह बहुत ही तीखी सूरत ए हाल होगी।इस बिल के जरिये धर्म के नाम जो फर्क की गई है वह निंदनीय है।यही वजह है कि NDA में शामिल BJP की अलाएंस पार्टियों ने भी कई विन्दुओं पर इस बिल का विरोध किया है।आसाम में असम गन परिषद सहित कई दूसरी पार्टियों ने इसकी सख्त मुखालफत की है।NDA की एक अहम पार्टी जनता दल यू ने भी इस बिल का विरोध किया है पार्टी ने कहा कि इस से वैधानिक पेचीदगी पैदा होगी और खास तौर पर एक विशेष पिरक़ा में बेचैनी फैलेगी जो देश हित में नहीं है।बिल के जो विन्दु हैं उनकी वजह से मुसलमानों में बेचैनी और नाराज़गी स्वभाविक है जिसका इज़हार व्यक्तिगत स्तर पर हो रहा है और सामुदायिक तौर पर भी कई मुस्लिम संस्थाओं ने इस बिल कर सख्त विरोध करते हुए इस के वापसी की माँग की है।होना तो यह चाहिए था कि किसी न किसी तौर पर इस बिल का तअल्लुक़ हिंदुस्तान की दूसरी बड़ी आबादी के साथ है इसलिए हकुमत मुस्लिम धर्म गुरुओं और सामाजी संस्थाओं के नुमाइंदों से मुलाकात करती और एक ऐसा मज़बूत मंसूबा तैयार किया जाता जिस पर सबका सर्वसम्मत स्वीकृति होती।बहरहाल यह बिल लोक सभा में तो पास कर दिया गया है अब इसे राज्य सभा में पेश किया जाना है राज्य सभा मे विपक्षी पार्टियों का रवैया किया होता है यह देखने की बात है क्योंकि विपक्ष ने बिल की निंदा तो की है मगर विरोध नहीं की है।राज्य सभा मे विपक्षी पार्टियों के सहयोग के बिना यह बिल मंज़ूर नहीं हो सकती।हिंदुस्तान गंगा यमुनी संस्कृति के लिए जाना जाता है इस मुल्क में विभिन्न धर्म के मानने वाले, विभिन्न भाषा बोलने वाले, अलग अलग संस्कृति से सम्बंधित लोग आबाद हैं।यही इस मुल्क की पहचान है और ताकत भी।संविधान के ज़रिए उनके अधिकारों की सुरक्षा प्रदान की गई है ऐसे में हकुमत को अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि वह ऐसा कोई कदम न उठाये जिस से मुल्क में मुल्की सतह पर बेचैनी फैले और अलगाव वाद पनपे।
2019 का लोक सभा चुनाव नजदीक आ गया है केंद्र के पास मुश्किल से 90 दिन रह गए हैं वह विवादित इस बिल के तमाम पहलुओं पर अच्छी तरह विचार करे और मुसलमानों के अधिकारों की सुरक्षा को यक़ीनी बनाये क्योंकि मुसलमान भी इस मुल्क में समान अधिकार व सुविधाओं के हकदार हैं और बराबर के नागरिक हैं।हकुमत को यह भी समझना चाहिए कि वह ऐसा फैसला न करें जिससे मुल्क की दूसरी सबसे बड़ी आबादी निशाने पर आ जायें।हकुमत और विपक्ष की दोनों की ज़िम्मेदारी है कि वह ऐसे क़दम उठायेजिस से मुसलमानों को लगे कि मुल्क में उनके दिये गए अधिकार को कोई खतरा नहीं है और वह इस प्रजातांत्रिक व्यवस्था में पूरी तरह सुरक्षित हैं।

क्या पक्ष विपक्ष में कोई नहीं है ? जो हटा दिए गए सामान्य तालीमी मरकज़ की आवाज़ सदन में उठा सके

वर्ष 2008 में बिहार के मुस्लिम समुदाय के आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक पिछड़ेपन को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के सभी बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के प्रत्येक गाँव/टोला में वैकल्पिक तथा नवाचारी शिक्षा के अंतर्गत (मुस्लिम समुदाय के 06 से 10 वर्ष के बच्चों के लिए ग़ैर आवासीय सेतु कार्यक्रम ) तालिमी मरकज़  प्रारंभ किया गया था जिस में शिक्षा स्वयं सेवी के रूप में आर्थिक तथा सामाजिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय के सामान्य वर्ग के आवेदक का भी नियोजन किया गया था और इस आशय का मार्गदर्शिका भी राज्य परियोजना निदेशक बिहार शिक्षा परियोजना परिषद पटना द्वारा पत्रांक 1087 दिनांक 11.03.2008 और पत्रांक AIE/ 92/2008-09/5344 दिनांक 13.10.2008 निर्गत किया गया था निदेशक के पत्रांक और तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका के आलोक में सम्पूर्ण बिहार में अनेक्चर 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों के साथ साथ आर्थिक रूप से कमज़ोर अत्यन्त मुस्लिम समुदाय के सामान्य कोटि के आवेदकों की बहाली शिक्षा स्वयं सेवक पद पर की गई थी, परन्तु बाद के दिनों में आपके मंशा के विरुद्ध येन केन प्रकारेण 19/20 महीना बाद ""तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका"" में संशोधन कर उक्त योजना को सिर्फ मुस्लिम समुदाय के अनेक्चर - 1 जाति में सम्मिलित मुस्लिम के लिए आरक्षित कर दिया गया और पत्रांक TM/AIE/92/2008-09/3982 दिनांक 14.08.2009 के माध्यम से नया संशोधित तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका निर्गत कर दी गई।उक्त योजना का संचालन  09 दिसम्बर 2012 तक बिहार शिक्षा परियोजन परिषद पटना के अधीन था वर्तमान में यह योजना 10 दिसम्बर 2012 से जन शिक्षा, जन शिक्षा निदेशालय, शिक्षा विभाग बिहार पटना के अधीन संचालित किया जा रहा है और तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी से दलित महादलित अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना से जोड़ कर कार्य लिया जा रहा है।


इधर जन शिक्षा निदेशालय द्वारा संशोधित मार्गदर्शिका को आधार बना कर शिक्षा स्वयं सेवी के रूप में नियोजित सामान्य वर्ग के निर्धन पिछड़े मुस्लिम को चयन मुक्त करने की बात की जा रही है और जिला सीतामढ़ी में बहाल निर्धन मुस्लिम समुदाय के कमजोर सामान्य कोटि के शिक्षा स्वयं सेवियों से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सीतामढ़ी द्वारा स्पष्टीकरण की माँग कर चयन मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जो मुस्लिम समुदाय के साथ अन्याय है।माननीय मुख्यमंत्री महोदय सच्चर कमिटी ने भी अपने रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मुसलमानों की शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति दलितों से भी बदतर हो चुकी है यह टिपण्णी एंटायर मुसलमानों के लिए की गई है न कि अनेक्चर - 1 में सम्मिलित मुस्लिम के लिए मात्र। हक़ीक़त यह है कि सामान्य कोटि के मुसलमानों की हालत, स्थिति अनेक्चर - 1 में सम्मिलित मुस्लिमों से भी दयनीय बदतर है और योजना का सही हक़दार भी सामान्य कोटि के सामाजिक, आर्थिक ,शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुसलमान भी हैं।

       "" अंकनिय है कि उच्च जातियों के विकास के लिए गठित राज्य आयोग बिहार के संकल्प के मुख्य विंदू "2" शिक्षा के अवसर में स्पष्ट उल्लेख है कि उच्च जाति के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग सरकार के विद्यालय ,चर्चा केंद्र, प्रयास केंद्र, मकतब मदरसा ,नवाचारी केंद्र, तालिमी मरकज़ का लाभ ले सकते हैं।""

अतः माननीय  महोदय से विनम्र निवेदन है कि तालिमी मरकज़ में नियोजित निर्धन सामान्य कोटि के शिक्षा स्वयं सेवक को बहाल रखा जाय ।ज़िला सीतामढ़ी में शुरू किए गए स्पष्टीकरण चयन मुक्ति की प्रक्रिया पर त्वरितअंकुश लगाने का आदेश निर्गत करने की कृपा की जाए और ""तालिमी मरकज़ मार्गदर्शिका "" में संशोधन कर आरक्षित को अनारक्षित मुस्लिम किया जाय ताकि योजना का सही लाभ मुसलमानों को सही तरीके से आपकी मंशा के मुताबिक़ मिलता रहे और योजना का सही मक़सद परिलक्षित हो। 

विश्वास भाजन

मोहम्मद कमरे आलम

एकडण्डी, परिहार, सीतामढ़ी

पिन 843324

मोबाइल 9199320345

mdqamarealam6@gmail.com

Md Qamre Alam


Wednesday, January 16, 2019

सीएम करेंगे बजली पावर सब स्टेशन का शिलान्यास

मो. अरमान अली
सीएम नीतीश कुमार के कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गयी है. सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था को ले कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है. पौने दो घंट का कार्यक्रम है, जिसमें 40 मिनट तक सीएम श्री कुमार संबोधित करेंगे. स्थानीय सांसद रामकुमार शर्मा एवं सीतामढ़ी विधायक सुनील कुमार को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है,डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह व एसपी सुजीत कुमार ने संयुक्त रूप से डुमरा प्रखंड के परमानंदपुर स्थित कार्यक्रम स्थल पर बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की. मौके पर डीडीसी प्रभात कुमार भी थे. कार्यक्रम के दौरान विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए 82 स्थानों पर पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी को तैनात किया गया है. विधि व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में डीडीसी प्रभात कुमार व एएसपी अभियान विजय शंकर सिंह रहेंगे. हेलीपैड की सुरक्षा में डीसीएलआर सदर ब्रजेश कुमार व पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार मिश्रा, तो मंच की सुरक्षा में एडीएम ब्रजकिशोर सदानंद व डीएसपी मुख्यालय पीएन साहू को लगाया गया है. दर्शक दीर्घा में बतौर दंडाधिकारी एडीएम हरिशंकर राम प्रतिनियुक्त किये गये है. इधर, विभिन्न नेताओं ने भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया. इनमें जदयू नेता मो ज्याउद्दीन खां भी शामिल थे. वार्ड सदस्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम प्रवेश यादव ने बताया कि सीएम के स्वागत में जिले के हजारों वार्ड सदस्य कार्यक्रम में शामिल होंगे.
1:15 बजे परमानंदपुर में हेलीकॉप्टर से आयेंगे
1:25 बजे पुष्प गुच्छ व मोमेंटो से सीएम का स्वागत
1:30 बजे स्वागत गान
1:32 बजे सीएम दीप प्रज्जवलित करेंगे
1:35 बजे ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव का संबोधन
1:38 बजे ग्रिड का शिलान्यास
1:40 कॉफी टेबल व युवा समाधान एप का शुभारंभ
1:45 जानकी स्टेडियम व महिला आईटीआई उद्घाटन
1:50 ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव का संबोधन
1:55 केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह का संबोधन
2:00 सीएम नीतीश कुमार का संबोधन
2:40 डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह का धन्यवाद ज्ञापन
2:55 सीएम पुनः पटना रवाना हो जायेंगे

महमूद असद मदनी ने जमीयतुल उलमा ए हिन्द से दिया इस्तेफ़ा

मौलाना महमूद असद मदनी ने जमीयतुल उलमा ए हिन्द के नाज़िम अमूमि के पद से  इस्तेफ़ा दे दिया है इस्तेफ़ा देने की वजह ज़ाती परेशानी/ मसरूफियात बताया है।

SBI समेत इन 3 बैंकों के ग्राहकों के अकाउंट में आए 25-25 हजार रुपये, लगी लंबी कतारें

SBI समेत इन 3 बैंकों के ग्राहकों के अकाउंट में आए 25-25 हजार रुपये, लगी लंबी कतारें

पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले में लोगों के बैंक खाते में दो बार पैसे आने से लोग हैरान हो गए हैं, लोगों के अकाउंट में 10 से 25 हजार रु. तक जमा हुए हैं. 

आप के acount में रातों-रात 25 हजार रु. जमा हो जाएं तो आपका रिएक्शन कैसा होगा? जाहिर सी बात है कि आप इससे हैरान ही होंगे. कुछ ऐसी ही हैरानी में प.बंगाल के बर्धमान जिले के लोग भी हैं जहां के 3 बैंकों के खाताधारकों के अकाउंट में किसी अनजान शख्स ने 25-25 हजार रु. जमा करा दिए हैं. पूर्वी बर्धमान जिले की केतुग्राम 2 नंबर पंचायत समिति के शिबलून, बेलून, टोलाबाड़ी, सेनपाड़ा, अम्बालग्राम, नबग्राम और गंगाटीकुरी जैसे कई इलाकों में लोगों के बैंक खातों में पैसे जमा हो चुके हैं. हैरानी की बात ये है कि ऐसा एक बार नहीं बल्कि 2-2 बार हुआ है.10 से 25 हजार रु. हुए जमाजितने भी लोगों को पैसे मिले हैं उनके खातों में 10 हजार या 25 हजार तक की रकम आई है. ये पैसे उन लोगों को मिले हैं जिनका खाता यूको बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई में है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, बैंकों से इस बारे में पूछा गया तो उन्हें भी इसका कोई अंदाजा नहीं है. आपको बता दें जब से लोगों के खातों में पैसे आए हैं, बैंक के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लग गई हैं. लोगों के खातों में ये पैसा (NEFT) के जरिये आ रहा है

ज़िला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से माँगा प्रतिनियोजित शिक्षकों का रिपोर्ट

ज़िला शिक्षा पदाधिकारी सीतामढ़ी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से   प्रतिनियोजित शिक्षकों का रिपोर्ट, पत्र जारी माँगा है उन्होंने कहा है कि ऐसी सूचना मिली है कि शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालय के आड़ में ग़लत तरीके से शिक्षकों का प्रतिनियोजन किया गया है।

Tuesday, January 15, 2019

मकर संक्रांति की दिली मुबारकबाद

کوئی شخص مجھے حضرت خضر علیہ السلام کی زیارت کرا سکتا ھے

سلطان محمود غزنوی کا دربار لگا ھوا تھا. دربار میں ہزاروں افراد شریک تھے جن میں اولیاء قطب اور ابدال بھی تھے۔ سلطان محمود نے سب کو مخاطب کر کے کہا کوئی شخص مجھے حضرت خضر علیہ السلام کی زیارت کرا سکتا ہے..
سب خاموش رہے دربار میں بیٹھا اک غریب دیہاتی کھڑا ہوا اور کہا میں زیارت کرا سکتا ہوں .سلطان نے شرائط پوچھی تو عرض کرنے لگا 6 ماہ دریا کے کنارے چلہ کاٹنا ہو گا لیکن میں اک غریب آدمی ہوں میرے گھر کا خرچا آپ کو اٹھانا ہو گا ……..

سلطان نے شرط منظور کر لی اس شخص کو چلہ کے لیے بھج دیا گیا اور گھر کا خرچہ بادشاہ کے ذمے ہو گیا…..
6 ماہ گزرنے کے بعد سلطان نے اس شخص کو دربار میں حاضر کیا اور پوچھا تو دیہاتی کہنے لگا حضور کچھ وظائف الٹے ہو گئے ہیں لہٰذا 6 ماہ مزید لگیں گے ….

مزید 6 ماہ گزرنے کے بعد سلطان محمود کے دربار میں اس شخص کو دوبارہ پیش کیا گیا تو بادشاہ نے پوچھا میرے کام کا کیا ہوا…. ؟یہ بات سن کے دیہاتی کہنے لگا بادشاہ سلامت کہاں میں گنہگار اور کہاں حضرت خضر علیہ السلام میں نے آپ سے جھوٹ بولا …. میرے گھر کا خرچا پورا نہیں ہو رہا تھا بچے بھوک سے مر رہے تھے اس لیے ایسا کرنے پر مجبور ہوا…..

سلطان محمود غزنوی نے اپنے اک وزیر کو کھڑا کیا اور پوچھا اس شخص کی سزا کیا ہے . وزیر نے کہا سر اس شخص نے بادشاہ کے ساتھ جھوٹ بولا ھے۔ لہٰذا اس کا گلا کاٹ دیا جائے . دربار میں اک نورانی چہرے والے بزرگ بھی تشریف فرما تھے، کہنے لگے بادشاہ سلامت اس وزیر نے بالکل ٹھیک کہا …..

بادشاہ نے دوسرے وزیر سے پوچھا آپ بتاو اس نے کہا سر اس شخص نے بادشاہ کے ساتھ فراڈ کیا ہے اس کا گلا نہ کاٹا جائے بلکہ اسے کتوں کے آگے ڈالا جائے تاکہ یہ ذلیل ہو کہ مرے اسے مرنے میں کچھ وقت تو لگے دربار میں بیٹھے اسی نورانی چہرے والے بزرگ نے کہا بادشاہ سلامت یہ وزیر بالکل ٹھیک کہہ رہا ہے ……….

سلطان محمود غزنوی نے اپنے پیارے غلام ایاز سے پوچھا تم کیا کہتے ہو؟ ایاز نے کہا بادشاہ سلامت آپ کی بادشاہی سے اک سال اک غریب کے بچے پلتے رہے آپ کے خزانے میں کوئی کمی نہیں آیی .اور نہ ہی اس کے جھوٹ سے آپ کی شان میں کوئی فرق پڑا اگر میری بات مانیں، تو اسے معاف کر دیں ……..اگر اسے قتل کر دیا تو اس کے بچے بھوک سے مر جائیں گے …..ایاز کی یہ بات سن کر محفل میں بیٹھا وہی نورانی چہرے والا بابا کہنے لگا …. ایاز بالکل ٹھیک کہہ رہا ہے ……

سلطان محمود غزنوی نے اس بابا جی کو بلایا اور پوچھا آپ نے ہر وزیر کے فیصلے کو درست کہا اس کی وجہ مجھے سمجھائی جائے…بابا جی کہنے لگا بادشاہ سلامت پہلے نمبر پر جس وزیر نے کہا اس کا گلا کاٹا جائے وہ قوم کا قصائی ہے اور قصائی کا کام ہے گلے کاٹنا اس نے اپنا خاندانی رنگ دکھایا غلطی اس کی نہیں آپ کی ہے کہ آپ نے اک قصائی کو وزیر بنا لیا.

دوسرا جس نے کہا اسے کتوں کے آگے ڈالا جائے اُس وزیر کا والد بادشاہوں کے کتے نہلایا کرتا تھا کتوں سے شکار کھیلتا تھا اس کا کام ہی کتوں کا شکار ہے تو اس نے اپنے خاندان کا تعارف کرایا آپ کی غلطی یے کہ ایسے شخص کو وزارت دی جہاں ایسے لوگ وزیرہوں وہاں لوگوں نے بھوک سے ھی مرنا ہے ..

اور تیسرا ایاز نے جو فیصلہ کیا تو سلطان محمود سنو ایاز سیّد زادہ ہے سیّد کی شان یہ ہے کہ سیّد اپنا سارا خاندان کربلا میں ذبح کرا دیتا یے مگر بدلا لینے کا کبھی نہیں سوچتا …..سلطان محمود اپنی کرسی سے کھڑا ہو جاتا ہے اور ایاز کو مخاطب کر کہ کہتا ہے ایاز تم نے آج تک مجھے کیوں نہیں بتایا کہ تم سیّد ہو……

ایاز کہتا ہے آج تک کسی کو اس بات کا علم نہ تھا کہ ایاز سیّد ہے لیکن آج بابا جی نے میرا راز کھولا آج میں بھی ایک راز کھول دیتا ہوں۔ اے بادشاہ سلامت یہ بابا کوئی عام ہستی نہیں یہی حضرت خضر علیہ السلام ہیں..!!
۔۔ 

شبلی نعمانی کی کتاب سے .............

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